Do you remember when you joined Twitter? I do! #MyTwitterAnniversary
Thousand Of Yesterday Are Gone
Millions Of Tomorrow Will Come
But There Is Only One Today
So Enjoy Your Today
With Lots Of Smile Happiness.
Thanks to @Twitter because of it,
I could reach out to the world.
Meet B K Hariprasad, the new Karnataka Pradesh Congress Committee President and a known Pakistan apologist.
Far from being held accountable for his remarks, he has been rewarded with the top post in the Karnataka Congress.
Now that he occupies a position of such responsibility, the people of Karnataka deserve a clear answer: Does B K Hariprasad still believe that Pakistan is a friendly country?
Silence is not an option. The Congress party must clarify whether his views reflect its own.
सोचा एक बार फिर याद दिला दूँ । आप सब भूल गए होंगे ।
डॉ मनमोहन सिंह ने नोबल पुरस्कार विजेता "डॉ अमर्त्यसेन" को असीमित अधिकारों के साथ नालंदा विश्वविद्यालय का प्रथम चांसलर नियुक्त किया। उन्हें इतनी स्वायत्तता दी गयी कि उन्हें विश्विद्यालय के नाम पर बिना किसी स्वीकृति और जवाबदेही के कितनी भी धनराशि अपने इच्छानुसार खर्च करने एवं नियुक्तियों आदि का अधिकार था । उनके द्वारा लिए गये निर्णयों एवं व्यय किये गये धन का कोई भी हिसाब-किताब सरकार को नहीं देना था ।
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि छुपे रुस्तम मनमोहन सिंह और अमर्त्यसेन ने मिलकर किस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई और टैक्स के पैसों से भयंकर लूट मचाई ? वो भी तब जबकि अमर्त्यसेन अमेरिका में बैठे बैठे ही 5 लाख रुपये का मासिक वेतन ले रहे थे जितनी कि संवैधानिक रूप से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, मुख्य चुनाव आयुक्त, रक्षा सेनाओं के अध्यक्षों, कैबिनेट सचिव या किसी भी नौकरशाह को भी दिए जाने का कोई प्रावधान ही नहीं है ।
इतना ही नहीं अमर्त्यसेन को अनेक भत्तों के साथ साथ असीमित विदेश यात्राओं और उस पर असीमित खर्च करने का भी अधिकार था ।
कहानी का अंत यहीं पर नहीं हुआ बल्कि उन्होंने मनमोहनी कृपा से 2007 से 2014 की सात वर्षों की अवधि में कुल 2730 करोड बतौर चांसलर नालंदा विश्वविद्यालय खर्च किये.... आपकी आंखें फटी रह गयी न ... विश्वास नहीं हो रहा न कि मनमोहन सिंह ईमानदारी के चोंगे में कितने बड़े छुपे रुस्तम थे ?
चूंकि यूपीए सरकार द्वारा संसद में पारित कानून के तहत अमर्त्यसेन के द्वारा किये गये खर्चों की न तो कोई जवाबदेही थी और न ही कोई ऑडिट होना था और न ही कोई हिसाब उन्हें देना था इसलिए देश को कभी शायद पता ही न चले कि दो हज़ार सात सौ तीस करोड़ रुपये आखिर गये कहाँ ?
राफेल राफेल चिल्लाने वाले राहुल और रंक से राजा बने दर्जाप्राप्त भूमाफिया रॉबर्ट वाड्रा की धर्मपत्नी प्रियंका वाड्रा की पारिवारिक विरासत ही है कानूनी जामा पहना कर संगठित लूट की ताकि कानून के हाथ कितने भी लंबे हो जायँ पर उनका कुछ न बिगड़े ।
ऐसी ही संस्कृति में पलने बढ़ने के कारण दोनों भाई-बहनों में कोई आत्मग्लानि का भाव है ही नहीं बल्कि आंखों में बेशर्मी की चमक हो जैसे...किस मुंह से ये गरीब, दलित, किसान और पिछड़ों के हक की लड़ाई लड़ने की बात करते हैं !! निपट ढोंग है ये ।
अभी कहानी खत्म नहीं हुई, पिक्चर अभी बाकी है -
अमर्त्यसेन सेन ने जो नियुक्तियां कीं उसपर भी कानूनन कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता । उन्होंने किन किन की नियुक्तियां कीं ... आइये ये भी जान लेते हैं -
प्रथम चार नियुक्तियां जो उन्होंने कीं वो थे -
1. डॉ उपिंदर सिंह
2. अंजना शर्मा
3. नवजोत लाहिरी
4. गोपा सब्बरवाल
..... कौन थे ये लोग
... ? ? जानेंगे तो मनमोहन सिंह के चेहरे से नकाब उतर जायेगा ।
डॉ उपिंदर सिंह मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी पुत्री हैं और बाकी तीन उनकी करीबी दोस्त और सहयोगी ।
इन चार नियुक्तियों के तुरंत बाद अमर्त्यसेन ने जो अगली दो नियुक्तियां कीं वो गेस्ट फैकल्टी अर्थात अतिथि प्राध्यापक की थी और वो थे -
1. दामन सिंह
2. अमृत सिंह
.....गोया ये कौन थे ?
पहला नाम डॉ मनमोहन सिंह की मझली पुत्री और दूसरा नाम उनकी सबसे छोटी पुत्री का है ।
और सबसे अद्वितीय बात जो दामन सिंह और अमृत सिंह के बारे है वो ये कि ये दोनों "मेहमान प्राध्यापक" अपने सात वर्षों के कार्यकाल में कभी भी नालंदा विश्वविद्यालय नहीं आयी ... पर बतौर प्राध्यापक ये अमेरिका में बैठे बैठे ही लगातार सात सालों तक भारी-भरकम वेतन लेती रहीं ।
उस दौर में नालंदा विश्वविद्यालय की संक्षिप्त विशेषता ये थी कि -
विश्विद्यालय का एक ही भवन था, इसके कुल 7 फैकल्टी मेम्बर और कुछ गेस्ट फैकल्टी मेम्बर (जो कभी नालंदा आये ही नहीं ) ही नियुक्त किये गये जो अमर्त्यसेन और मनमोहन सिंह के करीबी और रिश्तेदार थे । विश्विद्यालय में बमुश्किल 100 छात्र भी नहीं थे और न ही कोई वहां कोई बड़ा वैज्ञानिक शोध कार्य ही होता था जिसमे भारी भरकम उपकरण या केमिकल आदि का प्रयोग होता हो ।
फिर वो 2730 करोड़ रुपये गये कहाँ आखिर ?
मोदी जब सत्ता में आये और उन्हें जब इस कानूनी लूट की जानकारी हुई तो अमर्त्यसेन के साथ साथ मनमोहनी पुत्रियों को भी तत्काल बाहर का रास्ता दिखा दिया ।
कहाँ गए वो राफेल राफेल चिल्लाने वाले... लौट आये बैंकॉक से ? कहाँ गयी गरीब किसान की पत्नी जिनके साथ अत्याचार हो रहा है ....अभी गरीब गुरबा के साथ सेल्फी में ही जुटी हैं क्या ? कहाँ गये वो 49 मॉब लिंचिंग के स्वयम्भू चिंतक जिनके पीठ पर लदा पुरस्कारों का अहसान अभी उतरा नहीं है तो आंखों में बेहयाई अभी बाकी है ?
भारत के पूर्व रक्षा मंत्री एवं ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित जॉर्ज फर्नांडिस जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। 🙏🇮🇳
📸 यह तस्वीर सिर्फ़ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि आपातकाल में जंजीरों में जकड़े गए लोकतंत्र की है।
जॉर्ज फर्नांडिस को इंदिरा सरकार ने हथकड़ियों और भारी जंजीरों में अदालत में पेश किया था, मानो वे कोई ख़ूंखार अपराधी हों। उनका "अपराध" सिर्फ़ इतना था कि उन्होंने सत्ता के सामने झुकने से इनकार किया और लोकतंत्र की आवाज़ बुलंद रखी। ⛓️
आज मानवाधिकारों पर बड़ी-बड़ी बातें करने वालों को 1975 का वह काला दौर भी याद रखना चाहिए, जब असहमति को अपराध और विरोध को देशद्रोह समझा जाता था। 🚨
इतिहास का सबसे बड़ा सबक यही है— लोकतंत्र की रक्षा भाषणों से नहीं, असहमति का सम्मान करने से होती है।
#GeorgeFernandes #Emergency #NeverForget #DarkDaysOfDemocracy #Democracy #India 🇮🇳⛓️
भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश को #राहुल द्वारा दिए गए उस बयान का संज्ञान अवश्य लेना चाहिए, जिसमें #राहुल ने अनावश्यक रूप से उच्च न्यायपालिका का नाम घसीटा है और उन्हें जानकारी दिए जाने की बात कही है।
@arjunrammeghwal
“ हिंदुस्तान के अंदर सभी संस्थाएं कोलैप्स हो रही हैं,चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार और आईबी चीफ और चीफ जस्टिस मुझे चुपचाप मैसेज करते हैं, सब मुझे बता रहे हैं की सारी संस्थाएं कॉलेप्स हो गई है सब के सब मुझसे मिले हुए हैं, क्योंकि देश की आर्थिक स्थिति खराब है गरीबी बढ़ रही है ब्ला ब्ला
सोचिए इसके नाना ने गरीबी हटाओ का नारा दिया इसकी दादी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया इसके बाप ने गरीबी हटाओ का नारा दिया 5 साल नरसिंह गरीबी हटाओ का नारा दिया 10 साल मनमोहन सिंह ने गरीबी हटाओ का नारा दिया
तो जब 70 साल से कांग्रेस गरीबी हटा चुकी है तब भारत में गरीब कहां से हो गए भाई ??
कांग्रेस का काला अध्याय
80. 4 जून 1952 आज ही तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु जी और जम्मू कश्मीर के नेशनल कांफ्रेंस के नेता शेख अब्दुला जी के बीच समझौता हुआ जिसकी परिणति अगस्त के दिल्ली डिक्लेरेशन तथा नवंबर के संसदीय क़ानून से हुआ ।कश्मीर का आधा हिस्सा हमने 1948 में पाकिस्तान को दान दे दिया ,1949 में हम शेख अब्दुल्ला साहब के सलाह पर संयुक्त राष्ट्र संघ चले गए,1950 में धारा 370 देकर कश्मीर को देश से अलग कर दिया,इतने से मन नहीं भरा तो दिल्ली समझौता कर लिया,इस समझौते के अनुसार जम्मू कश्मीर सरकार का अलग झंडा हुआ,भारतीय संविधान वहाँ लागू नहीं होगा तथा वहाँ के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री कहलाने लगे ।इसी समझौते के विरुद हमारे नेता डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपनी जान दी,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भाजपा के कार्यकर्ताओं का नारा बना इस देश में दो निशान,दो विधान,दो प्रधान नहीं चलेंगे ।5 अगस्त 2019 को हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने उसी संकल्प को लगभग 70 साल बाद पूरा किया 370,35 A समाप्त हुआ ।कश्मीर पूर्णतया भारत का हिस्सा बना
#CongressDarkHistory
By the grace of Bhagwan Shri Krishna 🙏
The Application under Section 175(3) BNSS, seeking directions for registration of FIR against Dhruv Rathee for offences under Sections 196, 299 & 302 of BNS, will be listed on 9th June 2026 before the Ld. Chief Judicial Magistrate, South District, Saket Courts, New Delhi.
We are committed to taking this matter to its logical conclusion and upholding the dignity of Sanatan Dharma against deliberate distortions and insults.
Heartfelt thanks to Sr. Adv. Makarand D. Adkar, Adv. Vikram Kumar, Adv. Yadavendra Saxena, & Adv. Kartikeya Durrani and the entire legal team for their dedicated support and hard work.
Jai Shri Krishna!
@indiclogic Army men are trained to be stoic, composed & always in control.
When he professes his love, you are seeing him with his armor completely off because he is stepping out of his comfort zone of giving orders and entering a space where he is entirely defenseless.
@amitmalviya In the video.....
#RahulGandhi says the CEC, Head of Intelligence System & the Senior Judiciary are all revolting and sending messages & passing info to him.
It's unbelievable the CEC, Senior Judiciary revolting & passing information to him.
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा में रोजाना औसतन 3 हत्याएं और 4 रेप की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 50 से अधिक गैंग सक्रिय हैं और सरकार को कानून-व्यवस्था पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए
देखिए संवाददाता अमन भारद्वाज की नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा से खास बातचीत
#BhupinderSinghHooda #Haryana #LawAndOrder #CrimeInHaryana |@aman_reports
जबरन धर्मांतरण के काले खेल को छिपाने के लिए अरुण पन्नालाल जी ने नेशनल टीवी को ही झूठ का अड्डा बना लिया!
छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के ये अध्यक्ष डिबेट में सफेद झूठ बोल रहे थे कि कोई कन्वर्शन या सजा नहीं हुई।
लेकिन, तथ्यों से ऐसे झूठों का इलाज करना मुझे अच्छे से आता है!👇🏼