राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में दिया गया बयान बेहद निंदनीय, असंवेदनशील और उनके पद की गरिमा के विपरीत है। जिस व्यक्ति के कंधों पर प्रदेश की माताओं, बहनों और मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी हो, उससे ऐसी टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती।
यह बयान केवल एक महिला का अपमान नहीं है, बल्कि मातृत्व और नारी सम्मान के प्रति भाजपा सरकार की सोच को भी उजागर करता है। सत्ता के मद में चूर मंत्री यदि जनता की पीड़ा को समझने के बजाय उसका उपहास उड़ाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मुख्यमंत्री को इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से जनता से माफी मांगने हेतु निर्देशित करना चाहिए |
@PMOIndia@BhajanlalBjp@RajCMO
राजस्थान से राज्यसभा हेतु भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी बनाए जाने पर मैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन जी सहित भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ; पार्टी ने मुझ पर जो विश्वास जताया है, मैं पूर्ण निष्ठा के साथ इस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूँगा।
भारतीय जनता पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का भी हार्दिक साधुवाद करता हूँ, जिनके स्नेह, मार्गदर्शन एवं सहयोग ने मुझे इस जिम्मेदारी के योग्य बनाया; आप सभी का यह विश्वास मुझे राष्ट्रसेवा के लिए और अधिक ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
@narendramodi@AmitShah@NitinNabin
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, राजस्थान की जनता आपसे एक सीधा सवाल पूछ रही है। जब किसी आम आदमी पर मुकदमा दर्ज होता है तो पुलिस तुरंत सक्रिय हो जाती है, लेकिन जब मामला प्रमोद शर्मा जैसे व्यक्ति से जुड़ा हो ,जो खुद को आपका रिश्तेदार बताता है तो कानून की रफ्तार धीमी क्यों पड़ जाती है ? जमीन हड़पने, कूट रचित दस्तावेज बनाने और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में जब प्रमोद शर्मा पर दर्ज मुकदमे में माननीय हाईकोर्ट ने भी उसे राहत देने से इनकार कर दिया तो आप बताइए,उसकी गिरफ्तारी कब होगी ? और यदि वो पुलिस की पहुंच से बाहर हैं तो क्या सरकार उसकी गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करवाने का साहस दिखाएगी ? आपकी सरकार भ्रष्टाचार और अपराध पर जीरो टॉलरेंस की बातें करती है। मंचों से बड़े-बड़े भाषण दिए जाते हैं कि कानून सबके लिए बराबर है। फिर जनता जानना चाहती है कि यह बराबरी सिर्फ विपक्ष और आम लोगों के लिए है या मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों पर भी लागू होती है? अगर कोई और व्यक्ति होता तो अब तक कितनी कार्रवाई हो चुकी होती ?
राजस्थान की जनता देख रही है कि सरकार की कथनी और करनी में कितना अंतर है। मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूं कि क्या रिश्तेदारी कानून से बड़ी हो गई है? क्या प्रशासन को यह संदेश दिया गया है कि कुछ लोगों को विशेष संरक्षण देना है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
आज राजस्थान का युवा, किसान और आम नागरिक यह सवाल पूछ रहा है कि आखिर प्रमोद शर्मा को लेकर सरकार का रुख इतना नरम क्यों है ? इसलिए मैं फिर पूछता हूं कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है तो उनकी गिरफ्तारी पर इनाम कब घोषित करोगे ? या फिर जनता यह समझे कि सरकार रिश्तेदारी निभाने में ज्यादा व्यस्त है और कानून का राज सिर्फ भाषणों तक सीमित है ?
लोकतांत्रिक रूप से ज्ञापन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन देने गए RLP के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित कर दिया जाता है मगर प्रमोद शर्मा के लिए कुछ नहीं क्यों ?
क्या प्रमोद शर्मा और उसके जैसे भूमाफियों को कानून से बचने का कोई वीआईपी पास आपने दे रखा है ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
अंतरजातीय विवाह को लेकर हनुमान जी ने जो भी कहा है वो सही कहा है, हमारे बड़ो की परम्परा से छेड़छाड़ ठीक बात नहीं है - चौधरी नरेश टिकैत जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (भारतीय किसान यूनियन )
@hanumanbeniwal
राजस्थान विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सांसद श्री रामेश्वर डूडी जी के निधन की ख़बर सुनकर गहरा दुख हुआ।
विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने हमेशा जनसेवा को प्राथमिकता दी और जनता के साथ सीधे जुड़े रहे। किसानों और वंचितों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा।
इस कठिन समय में मैं उनके परिजनों और समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
नागौर जिले के रियां बड़ी में गलत तथ्यों के आधार पर आवंटित करवाई गई बजरी लीजों को निरस्त करने,अवैध रूप से स्थापित कांटो को हटाने व ओरण भूमि को बजरी माफियाओं से बचाने के लिए रियां बड़ी में आयोजित हुई जन आक्रोश रैली के दौरान सरकार के निर्देशों के बाद जिला कलक्टर ने जिला परिषद के सीईओ व खनन विभाग के साथ वृत्ता अधिकारी डेगाना तथा अन्य अधिकारियों को मौके पर भेजा व आंदोलित पक्ष के साथ इन अधिकारियों की सकारात्मक वार्ता हुई और पुन: सर्वे करवाने सहित कई बिंदुओं पर इन अधिकारियों ने अपनी सहमति व्यक्त की साथ ही कुछ समय बाद नागौर में भी आयोजित हुई रैली में स्वयं जिला कलक्टर नागौर सहित आला अफसरों ने इस आंदोलन से जुड़ी मांगो पर सहमति व्यक्त मगर आज जिस तरह डेगाना के वृत्ता अधिकारी व तहसीलदार रियां ने पुलिस -प्रशासन के अमले के साथ बजरी लीज धारकों व बजरी माफियाओं का संरक्षण करने के उद्देश्य से जिस तरह रियां बड़ी के चेयरमैन सहित अन्य लोगों के साथ बदसलूकी की वो निंदनीय है,हम कानून व्यवस्था और शांति के पक्षधर है मगर हमारी इस नैतिकता का लाभ उठाकर जिला प्रशासन यदि माफियाओं का संरक्षण करेगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा | नागौर जिला प्रशासन ने आज अपने किए गए वादे को भुलाकर जो रवैया अपनाया है उससे जनता का प्रशासन के वादे से भरोसा उठा है, मैने इस मामलें को लेकर जिला कलक्टर व जिला पुलिस अधीक्षक नागौर सहित राज्य सरकार के आला अफसरों से दूरभाष पर वार्ता की है ,आवश्यकता पड़ी तो मैं स्वयं मौके पर जाऊंगा |
मेड़ता व डेगाना विधानसभा के RLP परिवार के सदस्यों से आह्वान है कि मौके पर पहुंचकर लोकतांत्रिक रूप से इस आंदोलन को मजबूत करे और शांति बनाए रखे |
@RajCMO@NagaurPolice@RLPINDIAorg
"In our area, the Airtel network has not been working properly for the past month. Airtel is promising 5G, while even the 4G is not working correctly. As soon as the power supply is cut off, the tower automatically shuts down because there is no generator." @airtelindia