विधानसभा क्षेत्र सरधना के अपने गाँव कपसाड में लाइब्रेरी के लिये एक AC भेंट किया ! तापमान निरंतर बढ़ता जा रहा हैं बच्चो को पढ़ने में असुविधा हो रही हैं ! युवा पढ़कर समाज की तरक़्क़ी में अपना योगदान देगा !
विधानसभा क्षेत्र सरधना के अपने गाँव दादरी की लाईब्रेरी के लिये Ac उपलब्ध करायी ! उसके उपरांत क्षेत्र में विभिन्न जगहों पर अपनों के दुःख-सुख में शामिल हुए ! साथ ही गौतमबुद्धनगर निवासी भोले श्री मुन्नू पहलवान पहलवान से मिले जो 2 कुंतल 1 किलो जल लेकर हरिद्वार से आ रहे है !
मैं सभी जाति, सभी धर्मों का हृदय से सम्मान करता हूं । क्योंकि मेरी मान्यता है कि कोई धर्म, कोई जाति अच्छे या बुरे नहीं होते । व्यक्ति अच्छे या बुरे होते हैं ।
इसी क्रम में मैं ब्राह्मण जाति का भी बहुत सम्मान करता हूं । ब्राह्मण जाति में एक से एक विद्वान, विचारक, साहित्यकार, पत्रकार, समाज सुधारक, क्रांतिकारी और देशभक्त पैदा हुए हैं । ब्राह्मण जाति के लिए अपशब्द बोलने या अपमानित करने के बारे में मैं सोच भी नहीं सकता । गाली देना तो दूर की बात है ।
कुछ सिरफिरे लोग छोटी-छोटी क्लिप निकालकर, उन्हें संदर्भ से काटकर, गलत अर्थ प्रस्तुत करके यह आरोप लगा रहे हैं कि मैं ब्राह्मण जाति को गाली देता हूं । मेरी चुनौती है कि मेरा कहा हुआ एक वाक्य दिखा दें जिसमें मैंने ब्राह्मण जाति को गाली दी हो ।
हां मैं जातिवाद, वर्णवाद, सामंतवाद, ऊंच-नीच, पाखंड, अंधविश्वास और रूढ़िवाद का कट्टर विरोधी हूं और रहूंगा । इससे किसी को मिर्ची लगती हो तो मेरे ठेंगे पर । बुद्धिहीनों और षड्यंत्रकारियों की मैं कभी परवाह नहीं करता । साफ मन से चर्चा करने के इच्छुक सज्जनों का हृदय से स्वागत है। भूलवश कहीं गलती हो गई होगी तो खुले मन से माफी मांगने को तैयार हूं।
आज दौसा की भीड़ देख कर गहलोत साहब भी चौंक गए,
पर सचिन पायलट को तो अब ये आदत सी है।
भीड़ में पहले पायलट आगे थे,
जब देखा गहलोत जी असहज हैं —
तो ख़ुद पीछे होकर उन्हें कवर किया।
राजनीति में मोहब्बत हो न हो,
संस्कार ऐसा होता है जो विरोधी को भी इज़्ज़त देना सिखा दे।
शायद यही वजह है कि गहलोत साहब भी कभी-कभी मुस्कुरा देते हैं।
@ashokgehlot51@SachinPilot
#Rajasthan
हमारे हर दुःख-सुख के साथी, समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहें ग़रीब परेशान का दर्द समझने वाले गौतमबुद्धनगर के प्रमुख समाजसेवियों में से एक #स्व_जतन_प्रधान_जी को उनकी पुण्यतिथि पर #भावपूर्ण_श्रद्धजलि ! 🙏
एक अर्से से इच्छा थी कि एक किताब लिखूँ। इस किताब में मैंने अपने अनुभवों को आप सभी के साथ साझा करने का प्रयास किया है। किताब मुख्यतः युवाओं पर केंद्रित है और उनको शिक्षा तथा संस्कारों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से लिखी गई है।
16/08/2025 को यह पुस्तक आपके समक्ष होगी।
गाँव के मंदिर की लाइब्रेरी में अध्ययन करते बच्चे
यह लाइब्रेरी शाहजहांपुर जिले के गाँव नौसारा लहसड़ी के मंदिर में रविवार को ही शुरू हुई है और दोनो गाँवों के बच्चे स्वामी श्री सत्य देव जी महाराज के सानिध्य में अध्ययन करते हैं।
एक ही संकल्प, एक ही संदेश,
भारत बने पुस्तकालयों का देश।