1. समाजवादी पार्टी की घोर स्वार्थी, संकीर्ण व ख़ासकर दलित विरोधी सोच एवं कार्यशैली आदि के कड़वे अनुभवों तथा इसकी भुक्तभोगी होने के कारण देश की अधिकतर बड़ी व प्रमुख पार्टियाँ चुनाव में इनसे किनारा करना ही ज़्यादा बेहतर समझती हैं, जो सर्वविदित है। 1/2
आज की विघटनकारी-रूढ़िवादी नकारात्मक राजनीति सत्ता के विरुद्ध एकजुट शोषित, उपेक्षित, उत्पीड़ित, अपमानित दलित, दमित, वंचित, ग़रीब, किसान, मज़दूर, महिला व युवाओं की ‘नयी राजनीति’ जन्म ले रह�� है।
2022 में उप्र में चुनाव नहीं लोकतांत्रिक क्रांति होगी।
श्री अमित शाह ने कहा है, कि नक्सली हमले का जबाब उचित समय पर दिया जाएगा.!
चूंकि शाह जी कह रहे हैं, इसलिए भरोसा करना बनता है.! वरना ��ोदी का क्या भरोसा.? उन्होंने तो पठानकोट हमले के बाद, ISI को ही जांच के लिए बुलवा लिया था 😂
2018 में ANI को यूपी सरकार ने एक करोड़ सालाना का ठेका ��िया था. CM के सारे कार्यक्रम ANI कवर करता है. माने ANI की टीम हमेशा मुख्यमंत्री के साथ रहती है. बहुत टफ जॉब है.