@upadhyayabhii आपको हर जगह कमी क्यों दिखती है?
हिन्दी का पेपर है उसमे सही शब्द चुनने के लिए बोला गया है। यहां ऑप्शन में पंडित जो लिखा है उसका मतलब जाति से तो बिल्कुल भी नहीं है।
आलोचना अच्छी बात है किन्तु सही चीज़ का इसमे तो मुझे कोई आपत्ति लायक बात नहीं दिख रही है।
@SachinGuptaUP समस्या पत्रकारों से नहीं ये जो तथाकथित छोट भैया पत्राकार है जो थाने मे हर मामले का वीडियो बनाने लगते है और वाइरल करने लगते हैं उनसे है।
कितने लोग तो इन सब के डर से थाने मे शिकायत दर��ज नहीं करवाते हैं।
हर कोई शाहरुख खान तो नही बन सकता।
पर कामयाब होने के लिए मेहनत वैसी ही करनी पड़ेगी जैसी शाहरुख़ ख़ान ने की है।
कामयाबी कैसे मिलेगी
सुनिए शाहरुख की ही ज़ुबानी।
कार्यालय के काम के लिए तत्काल आवश्यकता ...
काम का समय: 9:00 बजे से शाम 5 बजे
10th pass -:- 17500/-
12th pass -:- 19800/-
डिप्लोमा -:- 21500/-
डिग्री। -:- 26500/-
आयु। -:- 18 से 50 वर��ष
Edu -:- 10वीं से किसी भी डिग्री तक
काम। -:- ऑफिस वर्क स्टाफ
Contact :- DM
@garrywalia_ क्या फर्क़ पड़ता है।
हर इंसान अपने संसाधनों का प्रयोग अपने क्षमताओं के अनुसार करता है।
हर छोटी चीज़ के लिए प्रश्न उठाना अच्छी बात नहीं होती है ख़ासकर जब आपका नियत केवल ट्रोल करना हो।
@iChiragPaswan