अगर सचमुच पुलिस की वर्दी में घुसपैठ कर हमला करने की साज़िश रचने वाले आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, तो आंदोलन समाप्त करने का निर्णय परिपक्व और जिम्मेदार कदम है।
सरकार और पुलिस की सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने कानून के दायरे में कार्रवाई कर स्थिति को संभाला। (1/2)
कैमरे के सामने समर्थन देना आसान है, लेकिन असली परीक्षा तब होती है जब अपने पसंदीदा दल की सरकार से भी वही सवाल पूछे जाएँ। छात्रों को बयान नहीं, पारदर्शी भर्ती और न्याय चाहिए।
Spoke to the students who are protesting in Jharkhand over irregularities in JPSC and JSSC recruitment exams.
The CJP stands with all the students in Jharkhand and support their demands.
@abhijeet_dipke सिर्फ छात्रों से बात करने और सोशल मीडिया पर समर्थन देने से न्याय नहीं मिलता। अगर वास्तव में छात्रों के साथ हैं, तो सवाल उन राज्यों में भी उतनी ही मजबूती से उठाइए जहाँ आपकी विचारधारा के सहयोगी सत्ता में हैं। छात्रों के भविष्य पर राजनीति नहीं, निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
जब इन लोगो के पास तर्क कम पड़ जाते हैं, तब विरोध को अपराध घोषित करने की मांग उठने लगते है। लोकतंत्र में कानून का इस्तेमाल असहमति दबाने के लिए नहीं, अधिकारों की रक्षा के लिए होना चाहिए।
5 रुपय में भी BHIM कर सकता हूँ 🥳
नेताओं से अपेक्षा होती है कि वे शब्दों की गरिमा बनाए रखें, न कि ऐसे बयान दें जिनसे करोड़ों लोगों की भावनाएँ आहत हों। राजनीति मुद्दों पर कीजिए, आस्था को निशाना बनाना लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करता है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान-
“राम मंदिर की पूजा में मोदी जी की सीता नहीं दिखी”
बार-बार निशाने पर सनातन-
पहले भगवान राम,
फिर साधु-संत
अब माँ सीता का अपमान।
कांग्रेस हिंदुओं और उनकी आस्था पर
प्रहार करना कब बंद करेगी.?
जो लोग भीड़ की ताकत का घमंड कर रहे हैं, वे यह भी याद रखें कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत संविधान और कानून की होती है। नारे और दबाव स्थायी समाधान नहीं होते, तर्क और नीति होते हैं।
जब विपक्ष मे थे,तब जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के साथ तस्वीरें और भाषण देना आसान था
आज झारखंड मे अपनी ही सरकार है।अगर छात्रों की मांगें जायज़ हैं, तो उनके बीच जाकर संवाद करने से कौन रोक रहा है?
सवाल सीधा है-विपक्ष में आंदोलन का समर्थन और सत्ता में चुप्पी, आखिर दोहरा मापदंड क्यों?
🚨 इस बहादुर लड़की ने @RahulGandhi को ऊपर-नीचे चारों तरफ से एक्सपोज कर दिया।
जब वो विपक्ष में थे तो जंतर मंतर पहुंचकर आवाज उठा सकते थे,
तो अब झारखंड में सत्ता में होने के बावजूद स्टूडेंट्स के साथ खड़े होने क्यों नहीं आ रहे?
बताओ भाई पप्पू है कोई जवाब ??
@NijiSachiv लोकतंत्र में सरकार जनता की अभिभावक होती है, दुश्मन नहीं। जब छात्र कह रहे हैं कि वे सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय की मांग कर रहे हैं, तो यह उनकी परिपक्वता और लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है। ऐसे शांतिपूर्ण और संयमित संवाद को सुना जाना चाहिए, छात्रो का संवैधानिक अधिकार है।
पोस्ट डालने से ज़्यादा असर होगा अगर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुँचकर छात्रों के खाने-पीने की व्यवस्था कर दें। सेवा का मौका है, साथ ही में पंजाब और जारखंड के युवाओं का दिल जीतने का भी मौक़ा है बीजेपी के पास
@BJP4India@BJP4Punjab@BJP4Jharkhand@narendramodi@AmitShah
JPSC-JSSC महाघोटाले के खिलाफ सड़कों पर रात-दिन डटे हमारे होनहार छात्र आज सूखा चावल खाकर आंदोलन करने को मजबूर हैं!
युवाओं को नौकरी का झांसा देकर सत्ता में बैठी @HemantSorenJMM सरकार का क्रूर और संवेदनहीन चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक तरफ OMR में धांधली, पेपर लीक और लगातार परीक्षाएं रद्द कर लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है, तो दूसरी तरफ अपना हक मांग रहे छात्रों को सड़कों पर भूखे रहने के लिए छोड़ दिया गया है।
अरे निकम्मी हेमंत सरकार, झारखंड के युवाओं को और कितना सताओगे?
छात्रों के पसीने और आंसुओं का हिसाब बहुत जल्द लिया जाएगा। इस महाभ्रष्ट और युवा-विरोधी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है!
#HemantMustResign
@BJP4India युवाओं की आवाज़ को विरोध नहीं, अवसर की तरह सुनिए। भाजपा अगर पारदर्शी जांच, समयबद्ध भर्ती और नियमित संवाद सुनिश्चित करवाए। तथा युवाओ के लिए खाने पाइन रहने की व्यवस्था करे ताकि युवाओं का भरोसा भी मज़बूत होगा। साथ में नेता और कार्यकर्ता ग्राउंड पर युवाओ का साथ दे ।
Posting will have more impact if BJP leaders and workers reach the spot and arrange food and drink for the students. BJP has a chance to serve, as well as to win the hearts of the youth of Punjab and Jharkhand.
@BJP4India@BJP4Punjab@BJP4Jharkhand@narendramodi@AmitShah
-They're also students.
-They're also hurt by irregularities in exams.
-They're also protesting against the government.
But they're not getting attention. Why?
-Because they're protesting in an INDI alliance-ruled state, Jharkhand? -Because they're not being abusive?
कुछ लोगों की हरकतों को पूरे कांवड़ यात्रा या सनातन से जोड़ना पूर्वाग्रह है। अगर किसी ने कानून तोड़ा है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन करोड़ों श्रद्धालुओं को बदनाम करना न न्याय है, न समझदारी।
पोस्ट डालने से ज़्यादा असर होगा अगर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुँचकर छात्रों के खाने-पीने की व्यवस्था कर दें। सेवा का मौका है, साथ ही में पंजाब और जारखंड के युवाओं का दिल जीतने का भी मौक़ा है बीजेपी के पास
@BJP4India@BJP4Punjab@BJP4Jharkhand@narendramodi@AmitShah
Huge protest by students in Jharkhand against paper leak..
Every passing day number of students on the streets are increasing....
Students in Jharkhand demand resignation of Education Minister!
There is Congress lead alliance govt in Jharkhand!
@PracticalSpy “सिद्धांत परिस्थितियों के हिसाब से नहीं बदलने चाहिए। अगर कल पहचान की जाँच का विरोध था और आज वही जाँच न होने पर पुलिस को दोष दिया जा रहा है, तो लोग इसे दोहरे मापदंड के रूप में देखेंगे।”
@abhijeet_dipke
@BJP4Delhi आप दिल्ली और केंद्र दोनों में सत्ता में हैं लेकिन आप सिर्फ आरोप ही लगायेंगे और देश को गुमराह करने का काम करेंगे, सब जानते थे ताहिर हुसैन का सीधा कनेक्शन केजरीवाल से था आप केजरीवाल के ऊपर जांस क्यो नहीं करा रहे हैं? 100% केजरीवाल दोषी पाया जा सकता हैं!
@BJP4India 300 में से 299.175 अंक लाने के बाद भी चयन न होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर इतने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद भी उम्मीदवार बाहर रह जाए, तो चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कटऑफ, मेरिट और चयन के मानदंड क्या थे।
300 में से 299.175 अंक लाने के बाद भी चयन न होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर इतने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद भी उम्मीदवार बाहर रह जाए, तो चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कटऑफ, मेरिट और चयन के मानदंड क्या थे।
झारखंड पीजीटी भर्ती परीक्षा में 300 में से 299.175 नंबर लाने वाले एक उम्मीदवार का फिर भी सिलेक्शन नहीं हुआ।
झारखंड सरकार ये बताए कि अगर 299.175 नंबर काफी नहीं हैं, तो सिलेक्शन के लिए क्या करना होगा?