अगर कोर्ट का सहारा लिए होते तो अब तक प्राथमिक भर्ती आ चुकी होती।
���च यह तब किसी को इसका क्रेडिट नहीं मिलता
और नेतृत्व कर्ता बेरोजगार हो जाते
यह कटु सत्य है।
महोदया जी आपको इस चाटुकारिता का कितना दिया गया है।
अपने हक की माँग की जा रही है वो भी संवैधानिक रूप से।
और जिसकी चम्मच हैं आप है वो ��ो उच्चतम न्यायालय के आदेश को नहीं मान रहे हैं।
यह जो प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर प्रयागराज में धरना-प्रदर्शन हो रहा है, वह सपा के समर्थन से आयोजित किया गया है।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा रजत सिंह समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि है, जिसके संबंध @yadavakhilesh से हैं।
अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए यह सपाई युवाओं को भड़काकर उनके भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का आश्वासन नहीं, विज्ञापन दो।
जब तक विज्ञापन नहीं, तब तक समापन नहीं।
भाजपा सरकार ने संपूर्ण उप्र के भावी प्राथमिक शिक्षकों को मायूस करके, उन्हें प्रयागराज में नयी प्राथमिक शिक्षक भर्ती निकालने के लिए ‘महाधरना’ देने पर मजबूर कर दिया है। 7 सालों से डीएलएड की भर्ती न ���िकालकर भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि प्राथमिक शिक्षा उसकी प्राथमिकता ही नहीं है। सच्चाई तो ये है कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी-रोज़गार जैसे बुनियादी मोर्चों पर पूरी तरह फ़ेल साबित हुई है । कुल मिलाकर भाजपा एक नाकामयाब सरकार है।
हम शिक्षा संबंधित हर बात और हर तरह की शिक्षक भर्ती के सभी अभ्यर्थियों की माँगों के साथ मजबूती से साथ खड़े हैं।
#97000_प��राथमिक_शिक्षक_भर्ती
#डीएलएड
#डीएलएड_शिक्षक_भर्ती
#सहायक_शिक्षक_भर्ती
#शिक्षामित्र
पिछले 7 वर्षों से नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती नहीं आई, किसी तरह योगी सरकार की अंतरात्मा जागी तो नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का ट्वीट किया और कुछ ही घंटों में ट्वीट डिलीट करके भाग खड़े हुए।
प्रयागराज में डीएलएड/बीटीसी प्रशिक्षित अभ्यर्थी प्राथमिक शिक्षक भर्ती न निकालने को लेकर सरकार के खिलाफ 'महाधरना' दे रहे हैं।
योगी सरकार को अभ्यर्थियों के इन दो सवालों का जवाब देना चाहिए
👉 ऐसी कौन सी मजबूरी है, जिसके कारण योगी सरकार को ट्वीट डिलीट करना पड़ा?
👉 योगी सरकार नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती कब निकालेगी?
सरकार के पास इन दोनों ही सवालों के जवाब नहीं होंगे क्योंकि जो निजीकरण करके नौकरियां छीनने में लगे हुए हैं, नौकरियां देना उनके एजेंडे में कैसे हो सकता है?
प्राथमिक शिक्षक भर्ती का आश्वासन नहीं, विज्ञापन दो।
जब तक विज्ञापन नहीं, तब तक समापन नहीं।
भाजपा सरकार ने संपूर्ण उप्र के भावी प्राथमिक शिक्षकों को मायूस करके, उन्हें प्रयागराज में नयी प्राथम��क शिक्षक भर्ती निकालने के लिए ‘महाधरना’ देने पर मजबूर कर दिया है। 7 सालों से डीएलएड की भर्ती न निकालकर भाजपा सरकार ने साबित कर दिया है कि प्राथमिक शिक्षा उसकी प्राथमिकता ही नहीं है। सच्चाई तो ये है कि नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं। भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी-रोज़गार जैसे बुनियादी मोर्चों पर पूरी तरह फ़ेल साबित हुई है । कुल मिलाकर भाजपा एक नाकामयाब सरकार है।
हम शिक्षा संबंधित हर ��ात और हर तरह की शिक्षक भर्ती के सभी अभ्यर्थियों की माँगों के साथ मजबूती से साथ खड़े हैं।
#97000_प्राथमिक_शिक्षक_भर्ती
#डीएलएड
#डीएलएड_शिक्षक_भर्ती
#69000
#सहायक_शिक्षक_भर्ती
#शिक्षामित्र
शिक्षा व्यक्ति के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देती है। यह ज्ञान, कौशल, और विचारशीलता को बढ़ाती है, जो जीवन की चुनौतियों को समझने और सामना करन��� में मदद करती है। शिक्षा व्यक्ति को बेहतर नौकरी के अवसर प्रदान करती है।
बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी ने कहा था कि, "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा वो दहाड़ेगा"।
@jpsin1@RahulGandhi यही बात
बिना किसी आपत्तिजनक शब्दों और अभद्रता के परिचय के बिना भी बोली जा सकती थी।
वो तो सरकार के किसी पदाधिकारी के पास है ही नहीं।
मेरा मानना है कि विपक्ष हो या पक्ष भाषाओं की मर्यादा किसी को भी नहीं लांघना चाहिए।
सारी सरकारी चीज़ें किसी एक लोग के पास करने के बाद
अब बेसिक शिक्षा में भी कदम रख द��ये हैं।
अभी भी वक़्त है सभी लोग साथ आएं और नई भर्ती के लिए आंदोलन करें।
@yadavakhilesh @samajwadiparty @bstvlive @XCorpIndia @X
उप्र में प्राथमिक शिक्षक व अन्य भर्तियों के नाम पर प्रदेश ��े लाखों बेरोज़गार युवक-युवतियों को प्रतीक्षा के सिवा कुछ नहीं मिला है।
भाजपा सरकार, मतलब झूठा इंतज़ार!
#नहीं_चाहिए_भाजपा