जो जगन्नाथ रथ यात्रा भारत की मुंबई के मोहम्मद अली रोड और भिंडी बाजार से नहीं निकल पा रही |
इस्कॉन के भक्त उन्हीं जगन्नाथ रथ यात्रा को बांग्लादेश की सड़कों पर ऐलान कर निकाल रहे हैं | 💪
भारत के हिंदुओं हम रैली में शामिल तो नहीं हो सकते पर सोशल मीडिया से इनका जोश बढ़ा सकते हैं |
बिना हेलमेट... जुर्माना 1000/-
नो पार्किंग में पार्किंग करना... जुर्माना 3000/-
मोटरसाइकिल का बीमा नही ... जुर्माना 1000/-
शराब पी कर वाहन चलाना... जुर्माना 10000/-
नो एंट्री में वाहन चलाना... जुर्माना 5000/-
मोबाईल फोन पे बात करना... जुर्माना 2000/-
प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं... जुर्माना 1100/-
ट्रिपल सीट ड्राइविंग... जुर्माना 2000/-
1-खराब सिग्नल... कोई जिम्मेदार नहीं है!
2-सड़क पर गड्ढ़े... कोई जिम्मेदार नहीं है!
3-अतिक्रमित फुटपाथ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
4-सड़क पर रोशनी नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
5-सड़क पर कचरा बह रहा है...कोई जिम्मेदार नहीं है!
6-सड़कों पर लाइट के खंभे नहीं... कोई जिम्मेदार नहीं है!
7-सड़क के मेनहोल में गिर के मर जाये...कोई ज़िम्मेदार नहीं!
8-महीनों से खुदी सड़क ... कोई जिम्मेदार नहीं है!
9-गड्ढों में गिर कर आप गिरो चोटिल हो जाएँ... कोई जिम्मेदार नही है!
10-आवारा गायें जानवर टकरा जाए कुत्ता काट ले... कोई जिम्मेदार नहीं!
11-सड़कों में उफनाते नाले... कोई जिम्मेदार नहीं!
ऐसा लगता है कि जनता ही एकमात्र अपराधी है और जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी है। प्रशासन, निगम और सरकार कोई जिम्मेदार नहीं है। उनके लिए कोई नियम लागू नहीं होते हैं। वे किसी भी चूक के लिए कभी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
क्या उन्हें दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए ????
नागरिक केवल काम करेंगे... दर्द का सामना करेंगे... टैक्स चुकाना होगा... जुर्माने का भुगतान करेगा... सरकार की जेब भरें... और उन्हें फिर से सत्ता में आने के लिए वोट दें !
झारखंड देश का शायद पहला ऐसा राज्य है जहां सितंबर 2024 के बाद से किसी भी यात्री वाहन को रोड परमिट नहीं मिला। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) में परमिट के लिए लगभग 100 से अधिक और क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकारों(RTA) में भी लगभग 500 से अधिक आवेदन लंबित हैं। विभाग और सोयी हुई है। मालिक वाहन खरीद कर उसके संचालन का इंतजार कर रहे हैं। बिना वाहन संचालित किए, बैंक से लिए लोन का ईएमआई भर रहे हैं। बेवजह आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। इससे वाहन मालिक बुरी तरह परेशान हैं और परिवहन विभाग तथा सरकार इत्मीनान है।
@HemantSorenJMM@deepakbiruajmm
घबराइए नहीं, NEET का पेपर लीक हुआ है, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो...🥹
पढ़ाई के नाम पर हजारों लाखों लड़के और लड़कियां, घर से दूर बाहर रूम या हॉस्टल में रहते हैं...
लेकिन उसमे से केवल 20% लड़के और लड़कियां पढ़ाई करते हैं, बांकी 80% मौज मस्ती और अय्YAशी का शिकार हो जाते है...!!
अब जब ऐसी लड़की के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा...
माता-पिता, समाज या फिर ये खुद...?
जो काम आज कपिल सिब्बल अभिषेक मनु सिंघवी सलमान खुर्शीद करते हैं
वही काम आजादी के पहले मोहम्मद अली जिन्ना और मोतीलाल नेहरू करते थे
महाशय राजपाल जी के हत्यारे इल्मदीन को बचाने के लिए मोहम्मद अली जिन्ना ने पूरी ताकत लगा दी
खुद उसका केस लड़े और अपने पैसे से ब्रिटेन से दो और बैरिस्टर को बुलाए लेकिन क्योंकि इल्मदीन ने महाशय राजपाल की हत्या सैकड़ो गवाहों के सामने लाहौर में किया था इसीलिए मोहम्मद अली जिन्ना उसे बचा नहीं सके
हालांकि उसे वह बढ़ाने की पूरी कोशिश की है उसकी फैमिली बैकग्राउंड बताएं उसे गरीब बताएं
फिर काकोरी कांड के क्रांतिकारियों को फांसी दिलाने के लिए अंग्रेजों को एक बड़ा पब्लिक प्रॉसिक्यूटर चाहिए था अंग्रेजों ने मोतीलाल नेहरू से संपर्क किया
तो मोतीलाल नेहरू का है कि क्योंकि मैं राजनीति में भी भाग लेता हूं तो मैं यह मामला खुद नहीं लूंगा लेकिन मैं अपने असिस्टेंट को यह मामला दे देता हूं
और मैं अपने असिस्टेंट की पर्दे के पीछे पूरी मदद करूंगा और मोतीलाल नेहरू के सहायक पंडित जगत नारायण मुल्ला अंग्रेजों की तरफ से इस मामले को कोर्ट में लेकर गए और रामप्रसाद बिस्मिल रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों को फांसी दिलवाई
आजादी के बाद कांग्रेस पंडित जगत नारायण मुल्ला को भरपूर इनाम दिया और उनके बेटे आनंद नारायण मुल्ला को सांसद बनाया
सोचिए, सुबह लखनऊ से निकलें और चाय ठंडी होने से पहले कानपुर पहुंच जाएं।
आज यही हकीकत बन गई है।
जो सफर पहले करीब तीन घंटे का होता था, वह अब पैंतीस से चालीस मिनट में पूरा हो रहा है, देश के पहले थ्री डी मशीन गाइडेंस तकनीक वाले एक्सप्रेसवे पर।
टोल पर लाइन लगाने की ज़रूरत भी नहीं, कैमरे से फास्टैग स्कैन होगा और गाड़ी चलती रहेगी।
यह गलियारा दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और नेपाल तक व्यापार के रास्ते खोलता है।
हरदोई के कारीगरों को अब तेज़ बाज़ार पहुंच मिलेगी, और टोल संचालन व सुरक्षा में नई नौकरियां भी बनेंगी।
तिरसठ कैमरे और बासठ आपातकालीन बूथ यानी हर जगह पंद्रह मिनट के भीतर मदद।
रास्ते के पेड़ों को काटा नहीं, प्रत्यारोपित किया जा रहा है।
सीएम योगी का उत्तर प्रदेश अब ऐसा विकास कर रहा है जो रोज़मर्रा ज़िंदगी को सच में बदल रहा है।
#YogiInfraDrive
यह वीडियो देखिए
फिर आप समझ जाएंगे कि मैं क्यों बार-बार कहता हूं की जो कोई कांग्रेस का वोट देता है वह किसी हिंदू की औलाद हो ही नहीं सकता
उसके घर जरूर किसी असलम किसी अब्दुल का आना-जाना लगा है
दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन को दोषी पाया गया बाकायदा 6 साल मुकदमा चला हर तरह के सबूत कोर्ट में पेश किए गए जिसमें चार वीडियो भी थे एक वीडियो था जब IB officer अंकितशर्मा की लाश को ताहिर हुसैन का घर का दरवाजा खोलकर नाले में फेंका जाता है
इसके अलावा कई कॉल डिटेल मिले जिसमें ताहिर हुसैन दंगाइयों को निर्देश दे रहा है इसके अलावा एक करोड़ 20 लाख की मनी ट्रेल मिला जिन पैसे का इंतजाम देंगे के लिए किया गया और उन पैसों से पेट्रोल सहित तमाम साजो सामान खरीदे गए
जिस चाकू से आईबी ऑफीसर अंकित शर्मा की हत्या हुई वह चाकू ताहिर हुसैन के घर में मिला ताहिर हुसैन के घर में अंकित शर्मा के खून मिले अब इतने सबूत के बाद भी प्रियंका वाड्रा का बेहद गरीबी कांग्रेस का सांसद इमरान मसूद यह कह रहा है कि ताहिर को सजा इसलिए मिली क्योंकि उसका नाम ताहिर है उसका नाम कपिल नहीं है
अब आप समझ गए होंगे कि कांग्रेस को वोट देने वाले किसी हिंदू की औलाद होते हो ही नहीं सकते
7 साल की मासूम बच्ची
को खींच ले गए इस्लामिक शैतान 🚨
जी हाँ मामला ग़ाज़ियाबाद का है जहाँ जिहादियों
ने 7 साल की मासूम सी बच्ची तक के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार की...
गाजियाबाद के निर्माणाधीन मॉल में शहाबुद्दीन और उसके विशेष पहचान के साथी ने सात साल की बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने उसका गैंग रेप किया, उसके बाद लोगे की रॉड मारकर उसका सर फोड़ा और तीसरी मंजिल से फेंककर उसे मार डाला....
हिन्दुओं कैसे बचाओगे इन दरिंदो से अपनी बच्चियां ?
अविमुक्तेश्वरानंद का पर्दाफाश-
कालनेमि कैमरा पर कई 8 बार आकड़े दिखाने के बाद भी UP में 2017 के बाद गौमांस एक्सपोर्ट का एक भी प्रमाण नहीं दे सका, तो 2016 का न्यूज आर्टिकल दिखाकर गाली देने लगा।
योगी जी को बदनाम करने के लिए यह बिका हुआ दलाल कालनेमि... कितना गिर सकता है देखो 👇
‘चायवाला’ नाम दे कर हँसने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ये नाम मोदी की ऐसी ताक़त बनेगा!
ये कला बहुत कम लोगों में होती है जो गाली को गहना बना दें
पीएम मोदी इस कला में निपुण हैं।
आजकल कुछ लोग बार-बार कहते हैं कि नरेंद्र मोदी पढ़े-लिखे नहीं हैं, उनके पास डिग्री नहीं है, उन्हें बोलना नहीं आता। ठीक है, एक पल के लिए मान भी लें कि उनके बारे में आपकी यही राय है।
लेकिन क्या किसी व्यक्ति की योग्यता का एकमात्र पैमाना उसकी डिग्री होती है?
अगर केवल ऊँची शिक्षा ही ईमानदारी, क्षमता और राष्ट्रसेवा की गारंटी होती, तो फिर देश में बड़े-बड़े घोटालों में अक्सर उच्च शिक्षित अधिकारी, बड़े पदों पर बैठे लोग और प्रभावशाली चेहरे क्यों दिखाई देते हैं?
IAS, IPS, IFS, बड़े-बड़े विशेषज्ञ, नामी संस्थानों से पढ़े लोग - इनमें से अनेक ने देश की सेवा भी की है, लेकिन कुछ ऐसे भी रहे हैं जिन पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगे। इससे यह साफ होता है कि केवल डिग्री किसी इंसान के चरित्र का प्रमाण नहीं बन जाती।
असल सवाल यह है कि शिक्षा का उद्देश्य क्या है?
क्या सिर्फ प्रमाणपत्र लेना... या समाज और देश के लिए जिम्मेदारी निभाना?
अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर या इंजीनियर बनकर भी समाज के खिलाफ काम करे, हिंसा फैलाए या आतंकवाद का रास्ता चुन ले, तो उसकी डिग्री का क्या महत्व रह जाता है?
अब राजनीति की बात करें।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह अत्यंत विद्वान अर्थशास्त्री थे। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय हुए, लेकिन उसी दौर में कई बड़े घोटाले भी राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने। इसका मूल्यांकन इतिहास और जनता अपने-अपने दृष्टिकोण से करती है।
दूसरी ओर, नरेंद्र मोदी के समर्थकों का मानना है कि उन्होंने लंबे समय तक मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व किया, अनेक चुनाव जीते और वैश्विक मंचों पर भारत की पहचान को मजबूत किया।
उनके समर्थक यह भी कहते हैं कि विदेश यात्राओं के दौरान वे केवल औपचारिक कूटनीति नहीं करते, बल्कि भारत की संस्कृति, सनातन परंपरा, रामायण, महाभारत, बौद्ध विरासत और साझा इतिहास का उल्लेख कर भारत की सांस्कृतिक छवि को भी दुनिया के सामने रखते हैं।
रूस हो, संयुक्त अरब अमीरात, इज़राइल, जापान, मंगोलिया या अफ्रीकी देश - हर जगह वे व्यक्तिगत संबंधों और संवाद की अलग शैली अपनाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं। यही कारण है कि उनके समर्थक इसे उनकी बड़ी कूटनीतिक ताकत मानते हैं।
हाल के विदेश दौरों में भी उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख कर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग पहचान बनाने का प्रयास किया। समर्थकों का मानना है कि इससे भारत की वैश्विक छवि और मजबूत हुई है।
लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है।
यदि जनता किसी नेता के काम से संतुष्ट नहीं होगी तो चुनाव में उसे बदल देगी। लेकिन यदि कोई नेता लगातार जनता का समर्थन प्राप्त करता है, तो उसके पीछे भी कोई न कोई कारण अवश्य होता है।
इसलिए किसी भी नेता का मूल्यांकन केवल उसकी डिग्री देखकर नहीं, बल्कि उसके कार्य, नेतृत्व क्षमता, निर्णयों और जनता के विश्वास के आधार पर भी होना चाहिए।
आपकी राय अलग हो सकती है, लेकिन एक प्रश्न अवश्य सोचिए -
क्या नेतृत्व की सबसे बड़ी पहचान कागज़ की डिग्री है... या जनता का विश्वास और काम करने की क्षमता?
जय श्रीराम। 🚩🙏
हिंदुओं अपनी बेटियों को इन दरिंदों से कहां तक बचाओगे ??
केरल की रहने वाली एक हिंदू छात्र सांवरिया वसंत उज्बेकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी
उसके साथ ही केरल का एक मुस्लिम छात्र शार्दुल अनम भी पढ़ाई करता था
क्योंकि दोनों केरल के थे और विदेश में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे तो एक दूसरे से बातचीत होती रहती थी
उसके बाद शार्दुल अनम हिंदू छात्रा सांवरिया बसंत पर धर्मांतरण का दबाव डालने लगा उसे वह जबरदस्ती उज़्बेकिस्तान के मौलवियों के पास ले जाने की कोशिश करने लगा
फिर हिंदू छात्राके मना करने पर शार्दुल अनम ने सांवरिया बसंत के सर पर लैपटॉप और दूसरे भारी चीजों से वार करके उज्बेकिस्तान में ही कत्ल कर दिया
दरिंदा शार्दुल आनम उज़्बेकिस्तान पुलिस की गिरफ्त में है
हिंदू छात्रा सांवरिया वसंत का पार्थिव शरीर केरल पहुंचने पर अलबुझा मेडिकल कॉलेज में दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया जिसमें शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हो गई
अब आप सोचिए कि यह जहां है जिस जगह है वही यह हिंदू लड़कियों के या हिंदुओं के धर्मांतरण में लगे हुए हैं और धर्मांतरण से इनकार करने पर कत्ल कर दे रहे हैं
22 वर्षीय मेडिकल छात्रा सवरिया बसंत की मौत के मामले में हरिपाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपी सहपाठी सादरुल अनम उज्बेकिस्तान पुलिस की हिरासत में है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम, अत्याधुनिक रडार, हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और रियल-टाइम अर्ली वार्निंग नेटवर्क से लैस स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत, दुनिया की सबसे आधुनिक और तकनीक-सक्षम सीमा सुरक्षा व्यवस्था विकसित कर रहा है।
यह केवल सीमाओं की सुरक्षा नहीं, बल्कि नए भारत की सामरिक शक्ति, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। 🇮🇳
भारत की अदालत और भारत के जजों के बारे में सोचिए कि वह किस तरह से वामपंथी और इस्लामवादी मानसिकता से ग्रसित है
नासिक कोर्ट ने यह माना की निदा खान के गुनाह बड़े संगीन है वह अपने कार्य स्थल पर धर्मांतरण करवा रही थी पीड़ितों और दूसरे गवाहों की गवाही से यह मामला साबित हो गया
लेकिन कोर्ट ने यह टिप्पणी किया की निदा खान गर्भवती है और किसी बच्चे का जेल में पैदा होना भगवान श्री कृष्ण की तरह जेल में पैदा होना एक कलंक के समान है जो उसके माथे पर जीवन भर रहेगा
जब यह महिला मुस्लिम है तब नासिक कोर्ट के वामपंथी जज ने भगवान श्री कृष्ण का उदाहरण क्यों दिया ?
और आगे जज ने कहा कि हम निदा खान के बारे में नहीं उसके पैदा होने वाले या जन्मे बच्चे के बारे में सोच रहे हैं और हम यह नहीं चाहते कि वह जेल में पैदा होने का कलंक लेकर आए इसीलिए इसे सिर्फ इस आधार पर जमानत दी जाती है कि इसका बच्चा जेल में पैदा ना हो
और नासिक कोर्ट ने निदा खान को गर्भवती होने का लाभ देकर जमानत दे दिया
मैं समझ नहीं पाता हूं कि हर मामलों में अदालत का रवैया अलग क्यों होता है फिर राजीव गांधी हत्या केस में जेल में बंद नलिनी को यही सुविधा क्यों नहीं दी गई ?
मैं यहां किसी का बचाव नहीं कर रहा लेकिन जब नलिनी जेल में बच्ची को जन्म दे सकती है तब निदा खान जेल में बच्चों को या बच्ची को जन्म क्यों नहीं दे सकती
🚨 बड़ा खुलासा-:
अखिलेश ने एक आतंकी के मरने पर उसके घर 25 लाख का चेक भेजा था, सपा के कारनामे-
यह ऐसे कारनामे सिर्फ अमिताभ अग्निहोत्री जी ही खोल सकते हैं...औरों के बस की बात नहीं है...
जुहू में कूड़े की लहर निकल रही है।
पृथ्वी और आकाश के साथ महासागर भी कह रहा है कि ‘हम दो-हमारे दो’ लागू करो और जो न माने उसकी नागरिकता खत्म करो
@narendramodi@AmitShah
ये लोग जो आस्था की बात करते हैं,
इन्होंने तो हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का काम किया था।
क्या कभी कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा?
फिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम कौन करवा रहा था?
: योगी आदित्यनाथ, सीएम, यूपी
दुआ लेने जाती थीं जो हिन्दू महिलाएं उनको दवा में नशा देता था मौलाना,
फिर हैंडीकैम से बनाए जाते थे अश्लील वीडियो और होता था ब्लैकमेलिंग का खेल,
हफीजउर्रमान की बुर्के वाली बहू आई सामने और उधेड़ कर रख दीं काले कारनामों की परतें,
बताया- विदेश से आई फंडिंग पर चल रहे इस महापाप में आरोपी के बेटे भी पूरी तरह से हैं शामिल..
मुज़फ्फरनगर, UP
#Muzaffarnagar #Madrsa @muzafarnagarpol
जुनैद... शाहीन बाग़ में भी लंगर लगाता है
जुनैद... वक्फ बिल के खिलाफ प्रोटेस्ट में भी
लंगर लगाता है
जुनैद.... कॉकरोच प्रोटेस्ट में भी लंगर लगाता है
आखिर जुनैद के पास लंगर के लिए करोङो रुपया कहाँ से आता है ?
भारतीय एजेंसियाँ क्या कर रही हैं ?
@PMOIndia@HMOIndia