@RatanRanjan_ ये नाली का कीड़ा 🐛 ये भी कल को इसके बच्चे भी नीट पेपर लीक हो जाने पर पर्दशन करने जाएंगे तो ये हरामी का भजपिल्ला उनके सामने खड़ा होगा सुअर को जितना भी साफ कर लो यो खायेगा सिर्फ गु ही उसी में से ये हरामी भी है
मोदी जी शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा क्यों नहीं ले रहे है, जानते हो क्यों...? क्योंकि...
अगर धर्मेद्र प्रदान को बर्खास्त किया गया तो फिर अर्थव्यवस्था बर्बाद करने के लिए निर्मला सीतारमण को भी हटाना होगा
पेट्रोल डीजल तेल गैस कि किल्लत और बढ़ी कीमतों के लिए हरदीप पूरी को भी हटाना पड़ेगा
पीने के पानी के लिए लोग तरस रहे है तो फिर C.R. Patil को भी रवाना करना पड़ेगा
विदेश नीति का बँटाधार करने के लिए जय शंकर को भी हटाना होगा
रेल का हाल बिगाड़ने के लिए अश्विनी वैष्णव की रवानगी भी करनी होगी
चीनी अतिक्रमण के लिए राजनाथ कि भी छुट्टी करनी होगी
बार बार आतंकी हमले और जलते हुए मणिपुर के लिए अमित शाह को भी हटाना होगा
और जब ये सब होगा तो खुद मोदी जी कैसे बचे रहेंगे? इस्तीफा तो उन्हे भी देना होगा
यही सब सोच के मोदी जो धर्मेन्द्र प्रधान को नहीं हटा पा रहे है
एक विचारक होने के नाते कांग्रेस पार्टी के प्रचारकों के लिए भी मेरी एक सलाह है
अगर CJP हवा-हवाई पार्टी है तो इतना लोड क्यों लेना? विरोध में इतनी एनर्जी क्यों झोंकना? बबल है तो ख़ुद फूट जाएगा। अगर उनके 'कॉकरोचों' की बड़ी तादाद सिर्फ़ इंस्टाग्राम पर है तो आप अपने 'बब्बर शेर' के ज़रिए ग्राम ग्राम अपनी ताक़त दिखाइए। अपने अपने प्रदर्शनों के वीडियो और फ़ोटो दिखाइए लेकिन CJP से तुलना में पड़े बग़ैर। इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला।
ठीक है कि कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता भी छोटे, मध्यम और बड़े, कई प्रदर्शन करते रहते हैं, लाठियां और पानी की बौछार खाते रहते हैं... नीट और सीबीएसई के मुद्दे पर भी किया है। उन प्रदर्शनों को और बड़ा कीजिए। देश बहुत बड़ा है। आबादी बहुत बड़ी है। पीड़ितों की तादाद बहुत बड़ी है। मुद्दे और भी हैं। आपको तो किसी ने रोका नहीं है अपनी ताक़त दिखाने को! आपकी शिकायत है कि मीडिया नहीं दिखाता, तो कब तक उस गोदी मीडिया की बाट जोहते रहेंगे जो आपकी गोद में तभी आएगा जब आपकी सत्ता आएगी। जब भी आए।
और आपको लगता है कि CJP का उठान या तूफ़ान तो सिर्फ़ सोशल मीडिया तक ही सीमित है... तो आप भी गांव-कस्बों की सोसाईटी से लेकर सोशल मीडिया पर छा जाइए। आपके ऑनलाइन सिपहसालार भी तो कम नहीं हैं! कम पाते हैं तो बढ़ाइए। जेन-ज़ी के दिल में उतरिए। और पहले से उतरे हुए हैं तो फिर चिंता किस बात की?
आख़िरी बात। CJP अपने जिस मक़सद या टास्क को हाथ में लेकर चल रहा है वो आपके कहने से तो रुकेगा नहीं। आपका विरोध उसे और लेजिटिमेसी ही देगा। इसलिए हे वत्स, CJP जो कर रहा है करने दें। आप अपनी रणनीति पर ध्यान दें।
सुझाव है। लेना है तो लीजिए। नहीं तो मत लीजिएगा। कोई ज़बर्दस्ती नहीं है।
कोई बताएगा कि उस पत्रकार को
कितने नंबर का चश्मा लगना चाहिए
जो बोल रहा था कि जंतर-मंतर दिल्ली में
आज़ कोकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में
युवाओं की संख्या 40 से नीचे थी.....
ज्यादातर युवा GenZ शायद अपनी ज़िंदगी में पहली बार इतनी धूप में , बिना टेंट और पंखे के, 55 डिग्री गर्म सड़क पर बिना दरी या कारपेट पर बैठे हैं ।
भाजपा और कांग्रेस इनका नहीं, पूरी नौजवान पीढ़ी और GenZ का मज़ाक उड़ा रहे हैं ।
ये बच्चे हमारे और आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, इनका सबको साथ देना चाहिए ।
सुबह के वीडियो डालकर कुछ नल्ले कहे जा रहे थे कि 4 लोग आए है, 15 लोगों की भीड़ है, हमारे यहां ब्याह में ज्यादा आ जाते है।
ये देखो अब नजारा, तुम्हारे बाप की बारात निकालने आ गए देश के युवा, वैसे भी तुम्हारा सबका वो बाप रांडा है, उसकी बारात एक बार तो निकलनी ही चाहिए। 🔥💯
लंदन में CJI चीफ जस्टिस सूर्यकांत शर्मा AI पर भाषण देने गए थे। लेकिन वहां बैठी एक स्रोता ने उनसे डेमोक्रेसी पर सवाल पूछ लिया। और उनके कॉकरोच संबंधी बिवादित बयान का भी जिक्र कर दिया।
मोदी की तरह अब CJI ने भी सवाल का जवाब देने की जगह चुप्पी साधे रखी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह।
फिर उनके बचाव में संचालिका महोदय आयीं जिन्होंने कहा कि सवाल-जवाब का कोई सत्र नहीं था। और इस तरह के सवाल पूछने की यहां इजाजत नहीं है। अब बताइये जगह-जगह सवाल उठने लगे हैं। लेकिन पूरी व्यवस्था है
कि मौन है
इंडिया की विकलांग पत्रकारिता विदेश में हमेशा व्यज्जती कर देती है जब ऐसा प्रश्न प्रधानमंत्री CJI से पूछा जाता है तो बताने में असमर्थ हो जाते हैं
#न्यू #ट्रेंडिंग #वायरलवीडियो #CJIलंदन #AICJIसूर्यकांत