Please BJP, you know it has backfired. Less mileage means our imports will still remain the same. Which was earlier sold as key motivation for ethanol. No point of being innovative with excuses anymore.
सवाल माइलेज का नहीं, वैल्यू का है! 🚗
मान लिया माइलेज में 5% का फर्क आया, लेकिन बदले में मिलता क्या है?
🔹 Better Acceleration और Better Pickup
🔹 Higher Octane Fuel & Better Anti-Knocking
🔹 Cleaner Combustion & Smoother Performance (Traffic में भी!)
🌱 Lifecycle Carbon Emissions में 40% तक की कमी
जो Fuel गाड़ी की Performance सुधारे, Engine की Life बढ़ाए और Environment का ध्यान रखे... वहां थोड़े से Mileage पर सोचना कहां का Logic है?
Drive Smart, Choose Better! 🛣️
When irresistible weed meets immovable hallucination.
According to Arundhati Roy, the 1961 liberation of Goa by India was in reality an Upper-caste Hindu State waging a war against Christians.
My husband at that time was a student at IIT Delhi. He had joined the protests and was detained. Those were times when institutions of education wouldn’t discourage you for protesting for what you felt strongly about. The protests went on for sometime, few students self immolated yet the VP Singh government with outside support of BJP had its way. The government fell months after the protests with BJP withdrawing support.
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
Clarification…
The next course of this movement will be decided by Ajeet Bharti and Anand Ranganathan. Until then, we will continue exposing issues, asking tough questions, and holding the authorities accountable.
For far too long, the general category has been used as a vote bank while concerns over fairness and equal opportunity have remained unresolved.
Let’s hope this movement brings a better direction and secures a brighter future for both the present and the generations to come.
Keep asking questions. Stay united. Speak up.
With this.... I am raising my voice against reservation.
Let capability, skill and talent decide the future of a person and not the caste he was born in.
Hello Reservation Hatao Andolan
Loved what you have done on Instagram. Messaged you there.
We really need to work together. We have all data, real case studies, volunteers & details of active court cases against reservations.
Let's win this time!
Finally Reservation topic is gaining momentum.
Time to demand some changes-
1. One Family One Reservation
2. One Time Reservation- use either for studies or jobs
3. Sunset Clause- Reservation should end after specific period
हमारी सरकार छात्रों के विषयों के प्रति संवेदनशील और शिक्षा क्षेत्र की व्यवस्था को उत्तरोत्तर सुदृढ़ बनाने के लिये प्रयत्नशील है और छात्रों के हित व उनकी भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। श्री धर्मेंद्र प्रधान जी ने इसी भाव का अनुसरण करते हुए त्याग पत्र दिया है।
श्री @dpradhanbjp जी का सार्वजनिक जीवन विद्यार्थियों और युवाओं के प्रति उनके सतत समर्पण का परिचायक रहा है। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण सुधार करते हुए शिक्षा क्षेत्र को नई गति देने का अनवरत प्रयास किया।
उनका व्यापक प्रशासनिक अनुभव, कार्यकुशलता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता भविष्य में भी शिक्षा एवं जनहित से जुड़े प्रयासों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती रहेगी।
#TimeToEndProtest
पदं येतात आणि जातात... पण देशाचा स्वाभिमान आणि विद्यार्थ्यांचे भवितव्य सर्वात वर असतं! 🙏🇮🇳
भारताच्या शिक्षण व्यवस्थेला खऱ्या अर्थाने 'भारतीय' बनवणारे आणि देशातील तरुण पिढीला दिशा देणारे आदरणीय धर्मेंद्र प्रधान जी यांनी केंद्रीय शिक्षणमंत्री पदाचा राजीनामा दिला आहे.
गेल्या काही वर्षांत त्यांनी शिक्षण क्षेत्रात घेतलेले ऐतिहासिक निर्णय देश कधीही विसरू शकणार नाही...
✅ भारताच्या खऱ्या इतिहासाला उजाळा : वर्षानुवर्षे दबावाखाली राहिलेला आपला गौरवशाली इतिहास त्यांनी पुन्हा जिवंत केला. मुघलांचा इतिहास मागे सारून मराठा, चोळ, मौर्य यांसारख्या महान राजघराण्यांना आणि देश भक्तांच्या बलिदानाला पाठ्यपुस्तकांत योग्य स्थान दिले. "योग्य इतिहास, योग्य शिक्षण!" हा विचार त्यांनी प्रत्यक्षात आणला. 🚩
✅ मातृभाषेतून शिक्षणाचा हक्क : भाषेच्या अभावामुळे कोणत्याही गुणवंत विद्यार्थ्याचे नुकसान होऊ नये, यासाठी NEET, JEE आणि CUET सारख्या राष्ट्रीय परीक्षा मराठीसह तब्बल १२ भारतीय भाषांमध्ये उपलब्ध करून दिल्या. इंजिनिअरिंगचे शिक्षणही मातृभाषेत आणण्याचे क्रांतिकारी काम त्यांनी केले.
✅ शिक्षणाचे आधुनिकीकरण : NEP 2020 च्या माध्यमातून ३४ वर्षांनंतर शिक्षण पद्धतीत मोठा बदल केला. १३,००० हून अधिक 'पीएम श्री' शाळा उभारून ग्रामीण भागातील मुलांना आधुनिक शिक्षणाची दारे उघडी करून दिली.
पण जेव्हा परिस्थिती अत्यंत संवेदनशील बनली, तेव्हा देशविरोधी शक्तींना राजकीय फायदा उठवू न देता आणि विद्यार्थ्यांचे नुकसान होऊ नये यासाठी त्यांनी अत्यंत नम्रतेने राजीनामा देऊन जबाबदारीचे आणि आदर्शाचे नवे उदाहरण निर्माण केले.
"माझ्या देशातील तरुणांचे करिअर, त्यांचा वेळ आणि राष्ट्राची अखंडता ही माझ्या कोणत्याही पदापेक्षा कितीतरी पटीने मोठी आहे."
धर्मेंद्र प्रधान जी, भारतीय शिक्षणाचा कणा मजबूत करण्यासाठी आणि देशप्रेमाची ज्योत मुलांच्या मनात पेटवण्यासाठी तुम्ही केलेले काम इतिहास नेहमी लक्षात ठेवेल.
तुमच्या या त्याग, समर्पण आणि राष्ट्रसेवेला आमचा मनःपूर्वक सलाम!
True leadership is measured over decades & @dpradhanbjp ji’s journey stands as a testament to lifelong engagement with public life & student welfare.
Having worked alongside him in the Union Cabinet, I have seen his sincere dedication to strengthening India’s education ecosystem & keeping our millions of young students at the center of every decision. Leading such a critical sector demands immense perseverance & he embraced it with courage & clear vision.
Dharmendra ji, thank you for your relentless service, your commitment to reforms & your contribution to building a stronger India. I wish you the very best as you continue to serve the nation with the same conviction & sincerity!
Shri Dharmendra Pradhan is one of the finest public servants I know. He cares deeply about the youth of this nation, and particularly about rural students. We have had many discussions on how to better skill our rural youth.
I am sad to see him resign. He has put the nation above self, and my respect for him is even greater now.
Thank you for your service Pradhan-ji, please keep fighting the good fight 🙏