मैं 10-12 साल से कार चला रहा हूँ और पहली बार करीब एक महीने पहले ऐसा हुआ कि मेरी कार अचानक बंद हो गई। कोई नोटिफिकेशन भी नहीं आया, जबकि बात-बात पर नोटिफिकेशन देने वाली XC90 Car बस अचानक बंद हो गई।सर्विस सेंटर फोन किया तो उन्होंने कहा कि आजकल ऐसे इश्यू आ रहे हैं। आप 30 मिनट रुक जाइए, उसके बाद धीरे-धीरे सेंटर ले आइए। वैसा ही हुआ... 30 मिनट बाद स्टार्ट हो गई और सेंटर आ गई।वहाँ उन्होंने कहा कि इंजन में कुछ इश्यू है। हमने पूछा क्यों हुआ, तो बोले कि शायद खराब पेट्रोल डल गया होगा, क्योंकि कार 36 जगह जाती है, कहीं भी डल गया होगा।अब मैं सोच रहा हूँ... माइलेज तो कम हुआ है, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन उतना हम लोग नोटिस भी नहीं करते। मगर सोचिए... अगर इतनी अच्छी, सबसे सुरक्षित कही जाने वाली कारों के इंजन पर भी खतरा आ सकता है, तो भविष्य में हमारे पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का क्या होगा?गडकरी जी की गलती हो या पेट्रोलियम मंत्रालय की... लेकिन अगर ईंधन की क्वालिटी या नई फ्यूल पॉलिसी की वजह से लोगों को इंजन का नुकसान, कम माइलेज और लाखों की गाड़ी पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़े, तो इसका जवाब कौन देगा? आखिर आम लोगों की गाड़ियों पर ये कैसा प्रयोग हो रहा है?
मध्यप्रदेश में 6 साल से 87 स्टाफ के साथ सरकारी अस्पताल कागजों पर चल रहा है
जबकि हकीकत में एक ईट भी नहीं रखी गई, ना जमीन फाइनल हुई है - TOI का बड़ा खुलासा
BJP नेता का महिला सम्मान देखिए..डॉक्टर बोली..मेरे Back पर गलत तरीके से Touch किया.. जान से मारने की धमकी दी..!
मध्यप्रदेश में आधी रात मेडिकल कालेज इलाज कराने पहुंचे नेता जी ने महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़
की है..!
विरोध करने पर गोली मारने...सबको देख लेने की धमकी भी दी..!
सोचिए इनकी मानसिकता का स्तर क्या रहा होगा...इस देश में महिलाएं कहां सुरक्षित हैं कोई बुद्धिजीवी बताए..?
जिन कोंचिगवालों ने पेपर लीक, शिक्षकों व शिक्षार्थियों की समस्याओं व अन्य मुद्दों पर आवाज़ उठाई है, उन पर लगे मुक़दमे वापस हों। 2027 में हम सरकार में आकर ‘नौकरी का कैलेंडर’ बनाकर बेरोज़गारी की समस्या का समयबद्ध-निश्चित समाधान निकालेंगे। संविदा की ठेकेदारी में कमीशन खाने व पीडीए का आरक्षण मारने के चक्कर में, नौकरी न देने की ‘भाजपाई साज़िश’ का अब पर्दाफाश हो गया है।
हमने हमेशा कहा है आज फिर दोहरा रहे हैं:
नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं!
सच तो ये है कि ‘भर्ती-नौकरी’ के पीछे भाजपाइयों और उनके unregistered-underground संगी-साथियों का बेहद ख़ुफ़िया चौतरफ़ा प्लान काम कर रहा है।
1.एक बड़ा plan तो PDA का आरक्षण लूटना है।
2.नौकरियों में NFS (Not Found Suitable) के माध्यम से पहले ही लोगों की छँटनी कर देना है।
3.Lateral Entry के बहाने अपनी संकीर्ण सोच के लोगों को जगह-जगह Adjust और Set करना है।
4.नौकरी-भर्ती की प्रक्रिया को रोकना और अटकाना है।
भाजपा परीक्षा प्रणाली का वो रावण है जिसके दस चेहरे हैं… इन दशानन के दस रूप हैं:
- परीक्षा प्रणाली में हेरफेर-हेराफेरी करनेवाले भाजपाई ,
- गलत प्रश्नोत्तर के पेपर छपवानेवाले भाजपाई,
- पेपर लीक करवानेवाले भाजपाई
- परीक्षा की तारीख़ें टलवानेवाले भाजपाई,
- परीक्षा रद्द करवानेवाले भाजपाई,
- कॉपी बदलवानेवाले भाजपाई,
- आरक्षण मारनेवाले भाजपाई,
- रिज़ल्ट लटकानेवाले भाजपाई,
- भर्ती-नौकरी कोर्ट में ले जानेवाले भाजपाई
- कोर्ट में परिणाम उलझानेवाले भाजपाई
इसीलिए हम प्रयागराज में संपन्न हुई ‘विज़न इंडिया’ : पीडीए समिट में कही गई, अपनी बात फिर दोहरा रहे हैं :
शिक्षा अच्छी हो,
परीक्षा सच्ची हो,
तो तरक़्क़ी पक्की हो!
युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSC
#UPPCS
#NEET
#NEET_REEXAM
#TET
#69000
#SSC
जंतर-मंतर पर अब "कॉकरोच" लेबल वाली पानी की बोतलें प्रदर्शनकारियों के बीच मुफ़्त में बांटी जा रही हैं।
"कॉकरोच" अब सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि विरोध का प्रतीक बन चुका है जो शब्द सत्ता के समर्थकों की ओर से तंज़ के तौर पर इस्तेमाल हुआ, प्रदर्शनकारियों ने उसे अपनी पहचान में बदल दिया।
रामद्रोही चंदा चोरो भाजपाइयों की घटिया हरकतों
पर हर हिंदू को बोलना चाहिए !!
हिंदू धर्म का अपमान नहीं सहेगा सच्चा सनातनी !!
#Hindu#Dharma#JaiShreeRam#JaiHanuman
समझ में एक बात नहीं आती…
जहाँ देखो कहा जाता है कि “BJP श्रीराम को लाई।”
अरे भाई, राम मंदिर पर निर्णय तो माननीय न्यायालय का था, जो BJP के कार्यकाल में आया।
जब कोई आरोप लगाता है कि आजकल कोर्ट सरकार के इशारों पर फैसले देता है, तब आप कहते हैं-
“नहीं, न्यायपालिका पूरी तरह स्वतंत्र है।”
लेकिन वही न्यायालय राम मंदिर पर फैसला दे दे, तो श्रेय न्यायालय का नहीं, BJP का हो जाता है?
आख़िर एक बात पर तो रहिए।
और जब राम मंदिर में चंदा चोरी की खबरें आती हैं, तो फिर उसकी ज़िम्मेदारी bjp की क्यों नहीं ?
ऊपर से कभी हनुमान जी को पैराग्लाइडर बनाकर उड़ाया जाता है, तो कभी उन्हें राजनीतिक रथों के आगे नचाया जाता है। मजाक है हमारी आस्था और श्रद्धा ।।
आख़िर हमारी आस्था को और कितनी बार ठेस पहुचायी जाएगी और उसके बाद कोई माफ़ी तक नहीं ।।
वे राम को नहीं लाए थे,
राम के नाम पर सत्ता लूटने आये थे।
मंदिर बनाना आसान है ,मर्यादा बनाना कठिन
नारे लिखना आसान है, चरित्र लिखना कठिन
इसलिए आज सबसे बड़ा संकट राम का नहीं है
संकट मर्यादा का है।
श्रीराम, श्रीकृष्ण, श्री हनुमान...
ये किसी पार्टी के स्टार प्रचारक नहीं हैं।
ये करोड़ों लोगों की आस्था हैं।
आस्था का सम्मान राजनीति से ऊपर हैं।
सवाल राजनीति की मर्यादा का है- सत्ता किसी की भी हो, आस्था का सम्मान वोट से ऊपर हैं।
जब विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर तालियाँ कम पड़ने लगें...
तब आस्था को भी चुनावी मंच पर बुला लो। भगवान चुनाव नहीं लड़ते...
सागर में एक भाजपा नेता ने एक ऑन ड्यूटी महिला डॉक्टर के साथ जबरदस्ती की। जब बहन ने इसका विरोध किया, तो उसे धमकी दी गई, “तुम्हें गोली मार देंगे।”
प्रदेशवासियों, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा तो नरेंद्र मोदी जी ने दिया, लेकिन वे यह बताना भूल गए कि भाजपा नेताओं से ही हमें बेटियों को बचाना है।
प्रदेशवासियों, जागो, समझो और न्याय करो।
‘संविधान’ को नहीं माननेवाले भाजपा और उनके संगी-साथी कम से कम दान दी गई
सोने की ‘रामचरितमानस’ को तो छोड़ देते।
भाजपाई हिसाब से लेकर किताब तक सबमें घपला करते हैं।