मुझे बस ये जानना है इन तिलचट्टों को प्रभु राम
से क्या दिक्कत है, इन्हें पंडित की शिखा से भी
दिक्कत है इस वीडियो में देखो कैसे इस लड़की
को मार गया है इन कॉकरोचों द्वारा ये छात्र नहीं
CJP आंदोलन का असली चेहरा बेनकाब! 🚨
एक सिख भाई ने सच उजागर कर दिया है: इस भीड़ में 20% भी छात्र नहीं हैं। यह छात्रों के हक़ की लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों का जमावड़ा बन चुका है।
धीरे-धीरे पूरा देश इनका असली एजेंडा समझ रहा है।
20 जुलाई को हुए नीलचीट्टो और केजरीवाल के गुंडों द्वारा किए गए प्रदर्शन में पुलिस बल का जवान शहीद हो गया और तुम बोलते हो कि बेगुनाह पर लाठीचार्ज किया ..
विनम्र श्रद्धांजलि
इस लड़की ने जो बोला मोदी के लिए सुनकर सबका खून खोल जाएगा क्या यही हे NEET के Gen जा
इसके मां बाप इसे देखकर क्या बोलते होंगे
लगता हे ये GB रोड के कोठे से आई हे प्रोटेस्ट में .?
कोई नी
इसको कुछ मत पूछो इसे कुछ नहीं पता ...बस इतना बता दो बिरयानी का स्टोल कहां लगा है और 500 ₹ दिहाड़ी कोन देगा 😂
खातून शाहीन बाग समझ कर आ गई परिवार को लेकर 🤷🏼♂️😂😂😂😂
A girl went to support students at Jantar Mantar.
Listen to her experience.
- Police was standing peacefully
- Some CJP Supporters started throwing stones
- few moments later more supporters started pelting stones at Police.
Says now the protest is not in control, anti-India elements have Hijacked It.
Says CJP Leaders are doing nothing to control it.
महान स्वाधीनता सेनानी, अमर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूँ।
आज़ाद जी ने मातृभूमि की स्वाधीनता को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाकर अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत को यह कठोर संदेश दिया कि देश के संसाधनों पर अधिकार केवल देशवासियों का है।
उन्होंने क्रांतिकारियों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार की, जिसने विदेशी हुकूमत की नींव हिला दी। उनकी पराक्रम गाथा पढ़कर आज भी रोम-रोम राष्ट्रभक्ति से भर उठता है।
यह अदिति राजवंशी हैं कहती हैं यह वही सरकार है जिसने राम मंदिर के विरोध में केश करने के लिए लॉयर खडे किये थे ताकि राम मंदिर नहीं बन पाये।
मतलब बेटियाँ भी गिद्धों को जानती हैं...
खुद सुन लो-
🚨77 दिन का मौन चीत्कार और भीड़तंत्र का बहरापन!
रवींद्र जठेड़ी जी पिछले 77 दिनों से भेदभावपूर्ण SC/ST एक्ट और आरक्षण व्यवस्था के खिलाफ आमरण अनशन पर हैं।
उनकी हालत दिन प्रतिदिन नाजुक होती जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा और कड़वा सच यह है कि वह आज भी उतने ही अकेले हैं, जितने पहले दिन थे।
रवींद्र जी, आपको एक बहुत ही कठोर वास्तविकता समझनी होगी।
आप CJP के कोई 'दिपके' नहीं हैं। आपके पीछे कोई विदेशी फंडिंग, पीआर एजेंसी या मोमबत्ती लेकर घूमने वाला इकोसिस्टम नहीं है जो आपके लिए रातों रात नेशनल मीडिया को इकट्ठा कर ले।
और जिन कथित सवर्ण (GC) राजनीतिक संगठनों से आप उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह भी कभी आपके समर्थन में नहीं आएंगे।
मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों की तरह ही, इन संगठनों को भी इस मुद्दे से सिर्फ अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना है।
वह चाहते हैं कि यह मुद्दा सुलगता रहे ताकि उनकी दुकान चलती रहे।
जब कोई व्यक्ति सच में इस लड़ाई के लिए अपने प्राण दांव पर लगाता है, तो ये संगठन सबसे पहले गायब हो जाते हैं।
यह देश केवल भीड़तंत्र और शक्ति प्रदर्शन की भाषा समझता है।
जहां पीछे उग्र भीड़ नहीं होती, वहां सत्ता के कान पर जूं तक नहीं रेंगती।
आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि कृपया अपना यह अनशन तुरंत समाप्त करें।
यह संवेदनहीन सिस्टम आपके इस बलिदान के लायक बिल्कुल नहीं है।
कृपया अपनी सेहत पर ध्यान दें, आपके प्राण आपके परिवार के लिए बहुत कीमती हैं। 🙏🚩
#RavindraJatheri #SystemFailure #RealityCheck #ReservationSystem
🚨फ़रूरख़ाबाद की घटना बताई जा रही है
बिना पिता की दलित बेटी का कहना है कि उनकी जमींन पर फिरोज मोहम्मद ख़ान ने जबरन क़ब्ज़ा कर रखा है ।
धर्म परिवर्तन का दवाब बनाया जा रहा है ।
धर्म परिवर्तन करो और मेरे बेटे से निकाह करोगे तो जमीन छोड़ेगे वरना नहीं छोड़ी जाएगी ।
बेटी न्याय के लिए sp ऑफिस में चक्कर लगा रही है ।