पूरे भारत के जीजा उर्फ खान सर ने फिर से किया कमाल ! 70वीं बीपीएससी का सबूत इन घरों में ढूंढने चलें गये।
बाकि जिनके यहां ये गये हैं उनका घर ये रहने वाला नहीं है।
#awareness
धंधा जब मंदा हो तो व्यापारी को जमीन पर उतर ही जाना चाहिए... यही सफल और कर्मठ व्यापारी की असली पहचान है l
Global teacher के नाम से मशहूर व्यक्ति जो कभी किसी स्टूडेंट के घर नहीं दिखते थे, बाउंसर से घिरे रहना पसंद करते थे, लेकिन पिछले विवाद के बाद जो balance सीट में गिरावट महसूस हुई होगी, उसके बाद समझ आया होगा कि इमोशनल मार्केटिंग के लिए जमीन पर उतरना कितना जरूरी है l
अलख पांडे यह काम बहुत पहले कर चुके हैं l और विवाद के दौरान ग्लोबल टीचर से बेहतर संबंधों की बात भी सार्वजनिक कर चुके हैं l
इसलिए अब देखने को मिल रहा है कि ग्लोबल टीचर अलख पांडे के हर मार्केटिंग स्टेप को फॉलो कर रहे हैं l चाहे वह अपने टीचर्स की चलती हुई ऑनलाइन क्लास में जाना हो या फिर चाहे अब सफल हुए कुछ स्टूडेंट के घर जाकर भोज करना हो....
पटना: माले विधायक संदीप सौरव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में BPSC पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 70वीं BPSC परीक्षा में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का चयन असामान्य रूप से कम हुआ है। साथ ही, मेंस कॉपी की जांच में गड़बड़ी और टॉप रैंकिंग को लेकर भी सवाल उठाए।
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मै ना कहता था की ये आदमी ट्वीट के जरिये किसी को अपडेट देता रहता है,
कोड लेंग्वेज मे बता रहा है कि निकल गया था, पकड़ लिया और कल फिर पकड़ेगा,
कौन कहाँ से निकला? किसको पकड़ा? कल कौन किसे पकड़ेगा?
है क़ोई इस पहेली को डिकोड करने वाला?
दिमाग़ लगाओ
रौशन आनंद सर के क्लास के आज एक लड़का बच्चों का साइकिल चोरी करते हुए पकड़ा गया जब उस बच्चे से ये पूछा गया कि
तुम्हे साइकिल चोरी करने के लिए कौन भेजा है तो लड़का कहता है कि बगल के भैया तभी कोचिंग के बच्चों का जवाब आता है कि फैसल खान भेजा है।
ये जरूरी नहीं है बिहार में हर चोरी के पीछे फैसल खान का ही हाथ हो वो बात अलग है कि
फर्जी रिजल्ट, फर्जी ro बनाने के नाम सबसे प्रसिद्ध चोर खा,, सर ही है।
भाजपाइयों के भोजनार्थ
भ्रष्टाचारियों के शर्मनार्थ
अभिभावकों के संदर्भार्थ
मुख्यमंत्री जी यदि सक्रिय, सचेत और सजग होते तो उनके संज्ञानार्थ भी भेज देते लेकिन हमेशा के लिए जानेवालों से, चला-चली की इस अंतिम बेला में क्या तो शिकायत करें और क्या ही अपेक्षा। जो दस साल में नहीं जागे वो आख़िरी के चंद महीनों में क्या ही कर लेंगे। ये वीडियो देखकर वो कोई सुधार तो करेंगे नहीं बल्कि या तो किसी की नौकरी ले लेंगे या फिर एफ़आइआर करवा देंगे।
घोर निंदनीय… कम-से-कम बच्चों का निवाला तो न छीनें।
क्या आप इसे 'सब्जी' कहेंगे? 👇
शायद नहीं... लेकिन यूपी के स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील में यही सब परोसा जा रहा है।
BJP सरकार पौष्टिक आहार के नाम पर बच्चों के साथ ऐसा घटिया और भद्दा मजाक कर रही है।
ये सरकार शर्म बेचकर हर स्तर पर भ्रष्टाचार करने पर उतारू है और आलम ये है कि इनके नेता-मंत्री बच्चों का निवाला छीनने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।