PM Modi and Amit Shah - you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.
धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते 21 बच्चों ने अपनी जान दे दी...
जब वे इस्तीफा देने के बाद संसद परिसर में आए तो BJP सांसदों ने उनका ऐसे स्वागत किया, जैसे वो पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों।
: लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता @GauravGogoiAsm जी
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
पूरे देश के सूचनार्थ: बेहद गंभीर ख़बर
प्रयागराज प्रोटेस्ट के नाम पर बहुत सारे छात्रों को यूपी पुलिस की विशेष टीम बिना नंबर की गाड़ी में उठाकर ले गई है।
जब केंद्र सरकार ने वादा किया था कि किसी भी छात्र के विरुध्द कोई कार्रवाई नहीं होगी तो फिर ऐसी धोखाधड़ी किसके कहने पर हो रही है। क्या उत्तर प्रदेश की पुलिस प्रधानमंत्री जी के आश्वासन और वादे को जुमला साबित करना चाहती है।
उठाए गए सभी छात्रों की तुरंत रिहाई हो और इस अवैध गतिविधि में लिप्त सभी पुलिसकर्मियों और उच्च अधिकारियों को निलंबित करके उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्रवाई की जाए।
माननीय न्यायालय से आग्रह है कि इन छात्रों के जीवन पर मंडरा रहे ख़तरे का तत्काल संज्ञान ले।
नितिन गडकरी अब
(ऑन 27.06.2026)
“पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से मेरा कोई लेना देना नहीं”
नितिन गडकरी तब
(ऑन 14.06.2026)
“मेरे लिए आज ख़ुशी का दिन है कि कल रात 8 PM बजे, मैंने 100% इथेनॉल के इस्तेमाल को क़ानूनी तौर पर मंज़ूरी देने के लिए नियमों को फ़ाइनल करते हुए फ़ाइल पर साइन किए…”
माउंटेन ड्यू ऐड : डर सबको लगता है, गला सबका सूखता है
Video Courtesy @ANI
जंतर मंतर जाते वक्त जिन दो छात्रों की पिटाई हुई, उसमें एक आयुष को सुनिए –
"सत्यम पंडित और उसके साथियों ने हमारे साथ मारपीट की। हम किसी की मदद नहीं ले सकते थे, क्योंकि पुलिस हमारे खिलाफ थी, आर्मी हमारे खिलाफ थी"
@Asifansari9410
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
पत्रकार: आपके हाथों में क्या है?
छात्र: ये मोदी की उपलब्धियाँ हैं
पत्रकार: लेकिन ये तो खाली कागज़ है, मुझे तो कुछ दिख नहीं रहा
छात्र: आप नहीं दिख रहा क्योंकि आपने अंधभक्त वाला चश्मा नहीं लगाया है!
👌🔥😂
जब ये युवा हाथों में हिंदुस्तान का तिरंगा लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तब इसे पैलेट गन से मारा गया।
सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई आपके सामने है।
इनके ऊपर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे इनकी आंख खराब हो गई है, दिखना बंद हो गया है।
ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है, इन्हें लाठियों से मारा-पीटा गया है।
वो भी इसलिए क्योंकि इन युवाओं का पेपर लीक हुआ है, जिसके खिलाफ ये प्रदर्शन कर रहे थे।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
मैं अब से सिर्फ उन्हीं सवालों का जवाब दूंगी, जो जरूरी हैं। आप सब (मीडिया) वही सवाल पूछते हैं, जो सरकार आप से पुछवाना चाहती है।
• क्या आपने सरकार के मंत्रियों से सवाल पूछा?
• क्या आपने धर्मेंद्र प्रधान से पूछा कि वो इस्तीफा कब देंगे?
• छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन PM मोदी सदन में नहीं आए, क्या आपने सवाल पूछा?
• क्या आपने अमित शाह से पूछा कि छात्रों पर लाठियां क्यों चलवाईं, बच्चे हॉस्पिटल में क्यों हैं? किसलिए... क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?
जब आप सरकार से ये सवाल करेंगे, तब मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी।
: कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
पेपर लीक क्यों हुआ, इसका जवाब शिक्षा मंत्री को देना चाहिए।
बच्चों पर लाठी क्यों चलाई गई, इसका जवाब गृहमंत्री को देना चाहिए।
इन दोनों की जवाबदेही क्यों नहीं तय हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री को देना चाहिए।
तीन दिन हो गए। दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस तक नहीं की है। कम से कम अफ़सोस ही जता देती कि बच्चों के साथ ज़्यादती हो गई। सब वक़्त के गुज़रने के इंतज़ार में हैं या किसी कमज़ोर क्षण के इंतज़ार में हैं कि कोई ग़लती हो जाए, बड़ी घटना प्लांट कर दी जाए फिर कार्रवाई करेंगे। इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा।
शुक्र है कि अभी बात केवल इस्तीफ़े की हो रही है, शिक्षा व्यवस्था की होने लगेगी और ये नौजवान ढक्कन उठा कर देखने लगेंगे तब फिर कोई जवाब बचेगा नहीं। सरकार सचमुच इस शिक्षा व्यवस्था को डिफेंड नहीं कर पाएंगी। कम से कम अपने मंत्री और सांसदों से ही पूछ लीजिए कि उनके बच्चे विदेशों में पढ़ रहे हैं तो वहाँ क्या अच्छा है जो यहाँ नहीं हो सकता। कहने में अच्छा नहीं लगता लेकिन सरकारी स्कूलों और कॉलेजों का हाल कबाड़ जैसा बना दिया गया है।
मैं बीजेपी के सांसदों और मंत्रियों को शानदार पिता मानता हूँ जिन्होंने अपने बच्चों को यहाँ के कबाड़ कॉलेजों में नहीं भेजा। वे मंत्री के रूप फेल हो गए मगर डैडी के रूप में पास। बस देश के बाक़ी बच्चों के लिए नहीं सोचा। दो चार दस कॉलेज ही बचे रह गए हैं वहाँ भी संघ की भक्ति चल रही है, पढ़ाई कम। बच्चों को शिक्षा की बर्बादी ने घेर लिया है। यह काम वही कर सकता है जिसका इस देश के कॉलेजों से लगाव जुड़ाव न हो। और कॉलेजों से नफरत की चिढ़ पैदा हुई थी 2016 के साल से। आप जानते हैं।