शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही क्योंकि इस सरकार में जवाबदेही खत्म हो चुकी है।
रेल हादसे हों, पेपर लीक हों, महंगाई हो या शिक्षा व्यवस्था की विफलता न कोई मंत्री इस्तीफ़ा देता है, न किसी पर कार्रवाई होती है।
आख़िर प्रधानमंत्री मोदी अपने मंत्रियों से जवाब क्यों नहीं मांगते देश जवाब चाहता है।
घोर पाप।
मोदी जी आपने गौहत्या कराने अनिल मिश्रा को ट्रस्ट में क्यों रखा?
मोदी जी आपने ऐसे घिनौने चोरों को प्रभु श्रीराम के ट्रस्ट में रख कर लूट का मार्ग खोला है।
महराजगंज में नीट एग्जाम देकर लौटी एक छात्रा ने सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी।
यह आत्महत्या नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की उस लचर और तनावपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की बलि है, जहाँ युवा खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं।
डबल इंजन सरकार में रोजगार और परीक्षाओं का जो दमघोंटू माहौल बना दिया गया है, उसकी कीमत आज बच्चे अपनी जान देकर चुका रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी, कब तक प्रदेश की बेटियां इस तरह व्यवस्था की भेंट चढ़ती रहेंगी?
"SIT का मतलब है कि शेयर उन्हें मिला कि नहीं S फॉर "शेयर", अभी सुनने में आया है चांदी की शिलाएं भी गायब हैं।"
–माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
. @PTI_News
ने वीडियो को mute किया.यानी साफ़ है , अब गोदी मीडिया ही नहीं बल्कि news agencies जो सोर्स होती हैं ख़बरों का वहाँ भी आम इंसान की आवाज़ दफ्न हो जाये . और CM का ये कहना के भाषण काफी है ( फिर mute हो जाता है) दिखाता है के सत्ता में बैठे लोग अब आम इंसान की गुहार भी नहीं सुनना चाहते . ये दयनीय है
खुले आम इंटरनेट पर रील्स बनाकर भारतीय मुद्रा के नकली नोट बेचे जा रहें है।
IB CBI CID पुलिस सब अनजान बने हुए है।
और फिर भी पत्रकार कह रहे है देश सुरक्षित है।
@RahulGandhi@LambaAlka
NTA की बड़ी लापरवाही? 😱
RE-NEET 2026 Exam से ठीक 10 मिनट पहले सेंटर चेंज
धर्मेंद्र प्रधान Resign तो करना ही पड़ेगा !
मान भी लो कि तुम Exam ठीक से नहीं करवा सकते l
अब तो इस्तीफ़ा दे दो!
NEET की परीक्षा में फिर से धोखाधड़ी बताती है कि भाजपाई गैंग इस बार किसी और के लिए पेपर सॉल्व करने का मुखौटा लगाकर आई, क्योंकि नीचे-से-ऊपर तक सब मिले थे, इसीलिए बायोमेट्रिक की जाँच में भी घपला किया गया। ये तो एक जगह है जहाँ बात खुल गई, बाक़ी न जाने और कितनी सेंटरों पर ये हुआ होगा।
युवाओं के साथ हो रहा ये धोखा तभी बंद होगा जब भाजपा के ख़िलाफ़ इस देश का हर छात्र, उनके माता-पिता, उनका संपूर्ण परिवार एकजुट हो जाएगा।
भाजपा अपराध और नाउम्मीदगी का दूसरा नाम बन गई है।
वोट की लूट से बनी सरकार, पेपर धांधली से लेकर चढ़ावा-चंदा-दान चोरी तक पहुँच गई है। भाजपा और उनके अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों ने सरेआम-बेईमानी के अपने ही बनाए रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं।
#NEET
#NEET_REEXAM
जिस पार्टी को ममता बनर्जी ने अपनी मेहनत से खड़ा किया था.
TMC यानी ममता बनर्जी, और ममता बनर्जी यानी TMC,
उस पार्टी के बागी विधायकों ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को पार्टी से सस्पेंड कर दिया.
ममता बनर्जी के साथ केवल 22 विधायक हैं, 58 बागी विधायकों ने ममता बनर्जी को हटाकर ओरिजिनल TMC पार्टी और चुनाव चिन्ह पर कब्ज़ा जमा लिया है.
अगर अभी ये 58 विधायक चुनाव में जाएंगे तो सब के सब हार जायंगे. क्या वोटर्स के मालिक विधायक या सांसद हैं ?
डॉक्टर बोला - तू होता कौन है बे...तू हमें बताएगा हम क्या लिखें क्या न लिखें..?
ये OPD हैं तुम्हारा घर नहीं है...!
ये बदतमीज टाइप डॉक्टर सीतापुर के खैराबाद CHC में तैनात है..इनकी भाषा सुनिए..!
एक क्षेत्रीय पत्रकार ने मरीजों को दवाइयां बाहर से लिखने को लेकर सवाल पूछ लिया जिसपर डाक्टर साहब का माथा गरम हो गया...!
साहब सरकारी संस्थान को निजी संपत्ति समझ रहें हैं..कह रहे है ये तुम्हारा घर नहीं है..OPD है तू सवाल पूछने वाला होता कौन है..!
अरे डॉक्टर साहब...जिस बिल्डिंग मैं बैठे हो वो...जनता के पैसे से निर्मित हुए है..जनता के नौकर हो तुम..बैठकर मक्कारी करोगे और बेशर्मी भरे लहजे में बात करोगे...शर्म नहीं आती...?
बिहार पुलिस एक लड़के का एनकाउंटर करके काफ़ी बहादुर बन चुकी है। कार में महिला है, फिर भी दरोगा जी माँ-बहन की गालियाँ दे रहे हैं। कारण बस इतना है कि कार मालिक ने सिर्फ़ यह पूछ लिया था कि किस कानून के तहत गाड़ी रुकवा रहे हो..
@bihar_police@samrat4bjp
लखनऊ की इमारत में आग लगी और 15 लोगों की दर्दनाक मौsत हो गई. अब नेताजी मुआवज़ा देंगे, नक़ली आँसू बहायेंगे, लेकिन कोई नहीं पूछेगा कि बिल्डिंग की फायर NOC क्यों नहीं थी? इमरजेंसी एग्जिट क्यों नहीं था? आग बुझाने के उपकरण क्यों नहीं थे? दमकल गाड़ी आने में 40 मिनट क्यों लग गए?🤔
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी आग की खबर बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली है। इस हादसे ने कई परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जबकि कई लोग अभी भी अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
किसी भी हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर आग की लपटें या धुआँ नहीं होता, बल्कि वह दर्द होता है जो अपने प्रियजनों को खो चुके लोगों के चेहरों पर दिखाई देता है। किसी माँ का रोना, किसी पिता की बेबसी, किसी भाई-बहन का टूट जाना और अस्पतालों के बाहर इंतजार करते परिजनों की चिंता - ये दृश्य भीतर तक झकझोर देते हैं।
दिवंगत लोगों के प्रति गहरी श्रद्धांजलि। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ। साथ ही यह हादसा एक बार फिर हमें सोचने पर मजबूर करता है कि शिक्षा संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। ऐसी घटनाएँ केवल दुर्घटनाएँ नहीं होतीं, बल्कि हमारी व्यवस्थाओं और जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े करती हैं।