PM मोदी का छात्रों के नाम वीडियो संदेश | कहा: सरकार पेपर लीक पर सख़्त | कैबिनेट लेगी कड़ा फैसला |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम जारी एक वीडियो संदेश में कहा है कि सरकार पेपर लीक की घटनाओं को लेकर बेहद सख़्त है और इस पर कैबिनेट जल्द ही एक कड़ा फ़ैसला लेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के समाधान के लिए संसद में जल्द ही नया बिल पास कराया जाएगा, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सके और परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाई जा सके।
@PMOIndia@narendramodi@EduMinOfIndia
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कल सुबह 7:30 बजे से दिल्ली के 17 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। माना जा रहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनज़र यह निर्णय लिया गया है। जिन स्टेशनों पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बारामखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम और झंडेवालान शामिल हैं। इस दौरान इन मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों का प्रवेश और निकास बंद रहेगा। ऐसे में सफर करने से पहले यात्री अपने रूट की योजना अवश्य बना लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
#delhimetro #cjpprotest
गांधी स्मृति पर राहुल गांधी और विपक्ष के सांसद!
राहुल गांधी ने कहा: "अन्याय के साम्राज्य को सत्य और अहिंसा के मूल्य से हराने वाले, हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन।"
जय हिंद
@RahulGandhi@INCIndia
नई दिल्ली:
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर देश और राजधानी के माहौल को ख़राब करने के लिए चलाए जा रहे सुनियोजित दुष्प्रचार (मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन) के ख़िलाफ सख़्त क़दम उठाया है। दिल्ली पुलिस ने उन 480 पाकिस्तान-आधारित सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया है, जो भारत के ख़िलाफ झूठी ख़बरें और अफवाहें फैलाने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने विशेष तौर पर देश के युवाओं और विद्यार्थियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये विदेशी अकाउंट्स सोची-समझी रणनीति के तहत संवेदनशील मुद्दों पर अफवाहें फैला रहे हैं, ताकि आम जनता और युवाओं को गुमराह किया जा सके। दिल्ली पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली किसी भी असत्यापित या संदेहास्पद जानकारी पर तुरंत विश्वास न करें और ना ही उसे आगे साझा करें। उपराज्यपाल कार्यालय (@LtGovDelhi) को भी इस कार्रवाई से अवगत कराया गया है और प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है।
@DelhiPolice #DelhiPolice #JantarMantar #CJPProtest
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं के साथ मिलकर बुधवार देर शाम संसद भवन से गांधी स्मृति तक शांति मार्च निकाला। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रगान गाया और अपने मोबाइल की टॉर्च जलाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हाल ही में हुए लाठीचार्ज का कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस मार्च का उद्देश्य युवाओं पर हुई कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता दिखाना और सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।
@RahulGandhi@INCIndia@INCMinority@INCUttarPradesh@INCRajasthan #RahulGandhi #Protest
मौलाना अरशद मदनी और मौलाना महमूद मदनी Muslim Conference में नहीं होंगे शामिल!
नई दिल्ली: 24 जुलाई को दिल्ली स्थित Constitution Club of India में आयोजित होने वाली मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे। हालांकि, दोनों की तरफ से जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, मौलाना अरशद मदनी इन दिनों दुबई में एक मुस्लिम सम्मेलन में भाग लेने गए हुए हैं। उनका 24 जुलाई की रात लगभग 10 बजे दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वे 25 जुलाई को आयोजित होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हो सकते हैं।
वहीं, मौलाना महमूद मदनी दिल्ली में आयोजित मुतवल्लियों की वक़्फ कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे, जिसके चलते वे मुस्लिम कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हो पाएंगे।
@ArshadMadanijuh@JamiatUlama_in@AIMPLB_Official@MAdeeb_MP@fuzail_ayyubi
दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की बड़ी बैठक | 24 जुलाई को क्या होने वाला है? | IMCR Meeting Explained |
मौलाना कल्बे जवाद, Syed Sarwar Chishti, Asaduddin Owaisi, सलमान ख़ुर्शीद, Mohd Adeeb सब होंगे एक मंच पर! | 24 जुलाई की बैठक की पूरी जानकारी |
#muslim#muslimissues#IMCR
दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की अहम बैठक 24 जुलाई को, अब "चुनाव बॉयकॉट" नहीं बल्कि कश्मीर समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा!
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 24 जुलाई को मुस्लिम संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक का आयोजन इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (IMCR) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिनिधी शामिल हो रहे हैं।
आयोजकों के अनुसार, बैठक में 'वोट बॉयकॉट' या चुनाव बहिष्कार जैसे किसी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं होगी। इसके बजाय मुस्लिम समाज से जुड़े संवैधानिक, क़ानूनी और सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा तथा आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
बैठक में जिन प्रमुख विषयों पर मंथन प्रस्तावित है, उनमें जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), बुलडोजर कार्रवाई, मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों से जुड़े विवाद, तथा SIR जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा बैठक में यह भी चर्चा होने की संभावना है कि ख़ुद को धर्मनिरपेक्ष (सेक्युलर) बताने वाले राजनीतिक दल मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित मुखरता क्यों नहीं दिखाते। इस विषय पर विभिन्न दलों के नेताओं के सामने प्रतिनिधियों द्वारा अपनी चिंताएं और शिकायतें रखी जा सकती हैं।
बैठक में कई प्रमुख मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। आयोजकों का कहना है कि उद्देश्य किसी टकराव की राजनीति नहीं, बल्कि संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर समाज के सामने मौजूद चुनौतियों पर साझा विमर्श करना और आगे की दिशा तय करना है।
#MuslimConference
@AIMPLB_Official@OmarAbdullah@MehboobaMufti@madeeb_mp@jknc_@jkpdp
दिल्ली पुलिस का स्पष्टीकरण: CJP प्रदर्शन से नहीं जुड़ा NSA के तहत शक्तियों का नवीनीकरण!
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को दिल्ली पुलिस ने भ्रामक बताया है, जिनमें कहा जा रहा था कि चल रहे CJP (Cockroach Janta Party) प्रदर्शनों को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत विशेष हिरासत की शक्तियां दी गई हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से ग़लत है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जिस आदेश को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, वह NSA के तहत मिलने वाली शक्तियों का नियमित त्रैमासिक (Quarterly) नवीनीकरण है। यह प्रक्रिया हर तीन महीने में प्रशासनिक तौर पर की जाती है और इसका मौजूदा CJP आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
पुलिस ने बताया कि वर्तमान नवीनीकरण आदेश 7 जुलाई 2026 को जारी किया गया था, जो 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यह आदेश CJP प्रदर्शनों के शुरू होने से पहले ही जारी किया जा चुका था, इसलिए इसे हालिया घटनाओं से जोड़ना ग़लत और भ्रामक है।
दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में कोई विशेष अनुरोध या नया आदेश जारी नहीं किया गया है। यह केवल नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे प्रदर्शनों से जोड़कर पेश करना तथ्यों की गलत व्याख्या है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अप्रमाणित या भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें साझा करें। किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
@DelhiPolice@LtGovDelhi@HMOIndia
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आजमगढ़ के वरिष्ठ सपा विधायक आलमबदी आज़मी का इंतक़ाल, राजनीतिक जगत में शोक की लहर!
उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले की निज़ामाबाद विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक आलमबदी आज़मी का गुरुवार को 92 साल की उम्र में इंतक़ाल हो गया। उनके इंतक़ाल की ख़बर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
आलमबदी आज़मी प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायकों में गिने जाते थे और पाँच बार निज़ामाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। उन्हें उनकी सादगी, जनसेवा और जनता से सीधे जुड़े रहने की शैली के लिए व्यापक रूप से जाना जाता था। वे लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहकर अपने क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करते रहे।
उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। बड़ी तादाद में लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके सार्वजनिक जीवन व जनसेवा को याद कर रहे हैं।
आलमबदी आज़मी अपनी सादगी और ईमानदार छवि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
@samajwadiparty
#alambadiazmi
दिल्ली में 24 जुलाई आंदोलनों और अहम बैठकों का दिन: वक्फ़, छात्रों का प्रदर्शन और मुस्लिम संगठनों की रणनीति पर सबकी नज़र
नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली 24 जुलाई का दिन कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनने वाला है। एक तरफ जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है, वहीं दूसरी तरफ वक्फ़ और मुस्लिम समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अलग-अलग मंचों पर महत्वपूर्ण बैठकें और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।
कल यानी 24 जुलाई को राजधानी के Constitution Club of India में IMCR की तरफ से मुस्लिम संगठनों की एक अहम बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें देशभर से मुस्लिम समाज की नामवर हस्तियां शामिल होंगी, इस बैठक में समान नागरिक संहिता (UCC), वक्फ़ क़ानून, बुलडोज़र एक्शन, मस्जिद-मदरसों और दरगाहों से जुड़े मुद्दों, मतदाता सूची (SIR) और मुस्लिम समाज की आगे की रणनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
24 जुलाई को ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद की तरफ से ऑल इंडिया मुतवल्लीज़ कॉन्फ्रेंस का आयोजन भी किया जा रहा है। दिल्ली के ऐवान-ए-ग़ालिब ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले सम्मेलन में देशभर से मुतवल्ली, सांसद, इस्लामी विद्वान, क़ानूनी विशेषज्ञ और वक्फ़ मामलों से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य विषय वक्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन है। कार्यक्रम को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी सहित कई सांसद, विधि विशेषज्ञ और वक्फ़ प्रतिनिधि संबोधित करेंगे।
उधर जंतर-मंतर पर छात्र संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की भी सक्रियता देखने को मिल रही है, जिससे राजधानी का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
एक ही दिन वक्फ़, शिक्षा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर हो रहे इन कार्यक्रमों ने दिल्ली को राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना दिया है। विभिन्न बैठकों और प्रदर्शनों से निकलने वाले प्रस्तावों, बयानों और निर्णयों पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।
@JamiatUlama_in@AIMPLB_Official@aimim_national@MAdeeb_MP
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में एक कायरतापूर्ण आतंकी हमले में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मी आशिक हुसैन को पुलिस लाइन (DPL) में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
घाटी में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों का हाथ है। देश की रक्षा और शांति बनाए रखते हुए अपनी जान गंवाने वाले इस बहादुर सिपाही को पूरे सम्मान के साथ आख़िरी विदाई दी गई।
#Anantnag #Kashmi #Terroristattack
जंतर-मंतर के पास प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प!
नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल के पास हुई हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी एवं सुरक्षाबलों के घायल होने की ख़बर है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हालात बेक़ाबू होते नज़र आए, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया जा रहा है।
#JantarMantarProtest
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस दावे पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पिछले 10 वर्षों में देश भर में 152 पेपर लीक होने की बात कही थी।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए चुनौती दी कि वे पहले यह स्पष्ट करें कि कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक के मामले क्यों सामने आते रहे हैं और वहां की सरकारों ने इस गंभीर मुद्दे पर क्या क़दम उठाए हैं।
नड्डा ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में इस संवेदनशील विषय पर हर प्रकार की चर्चा के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन विपक्ष को सिर्फ राजनीति करने के बजाय अपने गिरेबान में भी झांकना चाहिए। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि बीजेपी सरकारें पारदर्शिता लाने और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि, हमारा कहना है कि आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए।
और चर्चा करने का जो सबसे अच्छा माध्यम है, वो सदन है और हम चर्चा के लिए तैयार हैं।
गहन चर्चा हो, और हम इसकी बारीकियों में जाएं... ताकि हमारे छात्रों के साथ अन्याय न हो और भाजपा पीएम मोदी जी के नेतृत्व में बहुत गंभीर हैं। क्योंकि बच्चे देश के भविष्य हैं।
@JPNadda@BJP4India@RahulGandhi@INCIndia