मेने लगभग 4 साल से ना कोई पटाखे जलाये है ना ही एक भी रुपये के पटाखे खरीद कर किसी बच्चे को भी दिए है यहां तक की इस दिवाली घर के दुसरे सदस्यों ने भी छोटे छोटे टाबरो को पटाखे नहीं दिलाये और उनको जैसे तैसे पटाखे से होने वाले नुक्सान समझाने की कोशिश की |
सही किया या गलत ?
#आदिवासियत में गाय बैल भैस पाड़ा बकरी बकरा मुर्गा मुर्गी सब जो घर चलाने में सहायक होते है उन्हें गोपूजा के दिन पूजा जाता है लेकिन अफ़सोस जिसे अपनी अर्थव्यवस्था खर्च करके चलाना पड़े अर्थात आधुनिक उपकरणो को पूजने का रिवाज बनता जा रहा है🙏 सिर्फ संवैधानिक लड़ाई से सब नहीं मिलना है🏹