@dromsudhaa ब्राह्मणों से शिक्षा लेना और उनसे इलाज कराना छोड़ दीजिए। अगर जाति के नाम पर इतनी ही नफरत और विरोध है, तो सुविधा के समय उसी व्यवस्था का लाभ उठाना भ��� बंद कीजिए। सिद्धांत वही अच्छा होता है, जो दूसरों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ऊपर भी लागू किया जाए।
@singh31919 अगर इन्हीं महिलाओं की भागीदारी से आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे, तो अब विवाद के समय उनके पक्ष में खड़ा होना भी आंदोलन के नेतृत्व की जिम्मेदारी है.
देश सड़क से नहीं, संसद से चलेगा?
ब्राह्मणवाद से आज़ादी के नारे नहीं लगने चाहिए।
जो अधिकार इस देश का संविधान दलित को देता है वही अधिकार ब���राह्मण को भी देता है ~ बाबा रामदेव
यह भी एक छात्र की मां है और बता रही है
हमारे स्टूडेंट का मौत का फायदा सिर्फ अभिजीत दीपके ने उठाया है
वहां नीट के बारे में किसी को कुछ भी पता नहीं था.
वहां सिर्फ मोदी मुर्दाबाद और सेना को गंदे-गंदी गालियां और उन पर पत्थर फेक जा रहे थे
UNSEEN HEROES OF INDIAN RAILWAYS
Station Master
Every train's safe and punctual movement begins with the dedication of a Station Master. Coordinating train operations, ensuring passenger safety, managing platform activities, and maintaining seamless communication, they play a vital role in the efficient functioning of every railway station.
Working with precision, responsibility, and round-the-clock commitment, they ensure that every journey begins and ends safely.
Western Railway Bhavnagar Division proudly salutes our Station Masters, whose dedication keeps railway operations safe, efficient, and on schedule.
@WesternRly@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
#UnseenHeroes #StationMaster #IndianRailways #WesternRailway #BhavnagarDivision #RailwayOperations #PassengerSafety #RailwayHeroes #SafetyFirst #OnTimePerformance #NationOnTheMove #IndianRailwaysFamily
सीजेपी आंदोलन के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा माननीय प्रधानमंत्री के लिए जिस प्रकार की अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया, उसने केवल एक संवैधानिक पद की गरिमा को ही नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को भी आहत किया है।
#प्रधानमंत्री_का_सम्मान#भारतीय_संस्कृति#लोकतंत्र_की_गरिमा
@aaryatiwarii सीजेपी अभियान में महिलाओं की व्यापक भागीदारी तथा कुछ प्रतिभागियों ��्वारा अपशब्दों के प्रयोग जैसी घटनाएँ संभवतः पहली बार देखने को मिली। क्या इसका उपयोग भीड़ एकत्रित करने के लिए किया गया था.
America is doing what Dr Abdul Kalam wanted the Indian govt to do in 1998. After pokharan II blast US-West sanctioned India. Kalam told me (which I have recorded many times) to persuade PM Vajpayee (who I was close to) to ensure the sanctions continue for our tech to develop
भारतीय इतिहास में शुंग वंश को छोड़ दें तो ब्राह्मणों का प्रत्यक्ष राजनीतिक शासन लगभग नहीं के बराबर रहा है। उनकी भूमिका कभी सत्ता, धन या बाहुबल पर आधारित नहीं रही, बल्कि पठन-पाठन, ज्ञान और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण पर केंद्रित रही है—जो सनातन व्यवस्था का मूल आधार है।
इसके बावजूद समय-समय पर ब्राह्मणों के खिलाफ कई कथाएँ और नैरेटिव गढ़े गए, जिनमें अतिशयोक्ति और एकतरफ़ा दृष्टिकोण स्पष्ट दिखाई देता है। जब किसी विचारधारा को कमजोर करना होता है, तो उसके ध्वजव��हकों को ही निशाना बनाया जाता है—और ब्राह्मण, जो सदियों से ज्ञान और परंपरा के वाहक रहे, स्वाभाविक रूप से इस निशाने पर रहे।
दुर्भाग्य से इस नैरेटिव का सशक्त उत्तर समय रहते नहीं दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप समाज में भ्रम और दूरी दोनों बढ़��। कहीं-कहीं आत्ममंथन के बजाय गलत दिशा में सोच विकसित हुई, जिससे स्थिति और जटिल होती गई।
आज जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, तब आंतरिक सामाजिक मुद्दों को उभारकर दबाव बनाने की कोशिशें भी सामने आती हैं। हाल के समय में पीटर नवारो जैसे विदेशी नीति-निर्माताओं द्वारा भारतीय सामाजिक संरचना, विशेषकर ब्राह्मणों का संदर्भ उठाना, इसी दिशा की ओर संकेत करता है कि आंतरिक विभाजनों को अंतरराष्ट्रीय विमर्श में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे में आवश्यक है कि हम इतिहास को संतुलित दृष्टि से समझें, तथ्यों के आधार पर विचार करें और किसी भी प्रोपेगेंडा का हिस्सा बनने से बचें। समाज की मजबूती आपसी सम्मान, जागरूकता और एकता में ही निहित है।
सम्राट अशोक के बाद एक बार फिर बिहार में मौर्य वंश की चर्चा तेज हो रही है। “सम्राट चौधरी” के नाम के साथ ĺ
क्या यह सिर्फ एक संयोग है या नए युग की शुरुआत?
आशा भोसले जी के निधन क�� समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। भारतीय संगीत जगत की यह महान स्वर सम्राज्ञी अपनी मधुर आवाज़, अद्भुत प्रतिभा और अनगिनत यादगार गीतों के माध्यम से सदैव हमारे बीच जीवित रहेंगी। उन्होंने अपने गीतों से न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में श्रोताओं के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है।
उनका जाना संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परि���ार तथा प्रशंसकों को इस दुख की घड़ी में संबल दें।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
@ChandanSharmaG सच्चे लोकतंत्र के लिए पुलिस सुधार अत्यंत आवश्यक हैं।
एक निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था ही जनता का विश्वास मजबूत करती है ।