गाँव की उस मिट्टी से निकला हूँ जहाँ की हर वस्तु,
व्यक्ति, व स्थान अपनेपन का अहसास कराते हैं!
Politices | Secular | Anti-Fascist | Proud to Be an INDIAN.
न प्रधानमंत्री मोदी, न गृह मंत्री अमित शाह में हिम्मत है कि वो संसद में आकर हमारे छात्रों पर हुई बर्बरता पर जवाब दें।
भारत के छात्रों के लिए यह एक साफ़ संदेश है - उन्हें नहीं लगता कि आप पर हुई हिंसा उनकी किसी टिप्पणी के भी लायक है।
Pellet guns, Nail-studded lathis, tear gas fired at students who were peacefully asking questions about their own future.
Young women beaten by policemen, many injured on their private parts. Minors with broken bones. This is how the Modi government answers a question.
And the Home Minister? Nearly 20 days and Amit Shah has not come to Parliament to answer for it. Every Opposition motion for a discussion has been rejected.
His silence is not an oversight - it is approval of the violence. He is either culpable or incompetent.
We demand a Supreme Court monitored inquiry. And we will not stop fighting until he is held accountable.
विश्व आदिवासी दिवस पर देश के सभी आदिवासी भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं।
आदिवासी इस देश के पहले मालिक हैं - उनकी ऐतिहासिक संस्कृति भारत की अमूल्य धरोहर है।
जल, जंगल और ज़मीन पर उनके अधिकार के साथ आदिवासी अस्मिता और सम्मान की लड़ाई में हम हमेशा उनके साथ खड़े हैं।
“अब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा” - कल प्रयागराज में एक छात्र ने मुझसे यही कहा। सालों की तैयारी, घर की ज़मीन बेची, माँ-बाप का कर्ज़ और फिर भी हाथ में कुछ नहीं।
यह हार उसकी नहीं है। यह उस व्यवस्था की हार है जिसने उसकी मेहनत का दाम देने से इनकार कर दिया।
तेरह दिन हो गए - गृह मंत्री अमित शाह के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मोदी जी माफी मांगने की जगह क्षमा बाँट रहे हैं।
@AmitShah जी, यह मत समझिए कि हम जवाबदेही मांगना बंद कर देंगे। राजधानी की सड़कों पर बच्चों पर लाठियां और पैलेट चले - और आपने एक शब्द नहीं कहा। आज नहीं तो कल, इस जुर्म का जवाब आपको देना ही पड़ेगा।
छात्र देश की रोशनी हैं, और मैं उनकी पूरी शक्ति के साथ खड़ा हूं।
#ChhatronKiGoonj
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
रिजिजू जी, संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते आपसे बेहतर यह कौन जानता होगा - महिला आरक्षण विधेयक 2023 में ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ।
सवाल यह है कि तीन साल बाद भी वह लागू क्यों नहीं हुआ और अब आप उसे परिसीमन से बेवजह क्यों जोड़ना चाहते हैं?
2023 का क़ानून लागू कीजिए। बिना किसी शर्त के।
प्रयागराज आ रहा हूं - देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं।
एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं - कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।
पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का इंतज़ार और जवाबदेही किसी की नहीं।
कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज़ उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियाँ चलीं - सिर्फ़ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।
यह सरकार झुकती है बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।
कल प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए। 8 अगस्त, शाम 5 बजे - के.पी. ग्राउंड, प्रयागराज।
#ChhatronKiGoonj
दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राजस्थान प्रभारी श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा जी, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा जी तथा राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली जी से शिष्टाचार मुलाकात हुई।
इस दौरान संगठन की मजबूती, प्रदेश के समसामयिक राजनीतिक विषयों एवं जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई।
@INCIndia@Sukhjinder_INC@INCRajasthan@GovindDotasra@TikaRamJullyINC@RahulKaswanMP
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
अगर डॉ किरोड़ी लाल जी मीणा साहब 2008-09 में कांग्रेस में शामिल हो जाते तो उन्हें वो पद और सम्मान अब तक मिल चुका होता जिसके वो हमेशा से हकदार रहे हैं। भाजपा का नामोनिशान राजस्थान में नहीं होता...।
நாடளுமன்ற தொகுதிகளை திருத்தி அமைக்க பாஜக கொண்டு வர திட்டமிட்டு இருக்கும் சட்டத்தை ஆதரிக்கும் எவரும் தமிழ்நாட்டுக்கு மிகப்பெரிய துரோகத்தை செய்கிறார்கள். அவர்களை 21 ஆம் நூற்றாண்டு எட்டப்பர்கள் என்றே வரலாறு பதிவு செய்யும்
Any political party or person who is supporting the BJP in its quest to pass the delimitation bill is betraying the people of Tamil Nadu and history will remember them as the 21st century Ettappan.
अगर डॉ किरोड़ी लाल जी मीणा साहब 2008-09 में कांग्रेस में शामिल हो जाते तो उन्हें वो पद और सम्मान अब तक मिल चुका होता जिसके वो हमेशा से हकदार रहे हैं। भाजपा का नामोनिशान राजस्थान में नहीं होता...।
PM Modi and Amit Shah - you cannot threaten Gen Z into silence.
First you broke their bones. Now you are filing FIRs and taking down their accounts.
You are India’s past. Be careful about how you treat India’s future.