"पहले अपने घर में दिया जलाकर फिर बस्ती के बारे में सोचा जाता है" -- यह दुनिया की सबसे अधिक मक्कारी, घाघपना, कमीनगी और ख़ुदग़र्ज़ी भरी नसीहत है ।
-कॉ कविता
जब अत्याचार, अनाचार, शोषण और लूट और बर्बरता का अँधेरा इतना गहरा हो जाये कि हाथ को हाथ न सूझे और नज़र के दायरे के भीतर किसी भी ओर से उम्मीद की कोई किरण नज़र न आये, तो हम क्या कर सकते हैं?
भाई @MukeshMohannn को सिर्फ़ इसलिए FIR और इंटरस्टेट जाकर थाने के चक्कर लगवाए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने कारवाँ मैगज़ीन को क्वोट करके एक इंस्टा रील बनाई थी। आर्टिकल क्वोट करने पर FIR हो रही हैं। मंत्री @nitin_gadkari जी ऐसा करके आप अपयश ही कमा रहे हैं। अरबों का कारोबार है एक इंडिविजुअल जर्नलिस्ट को परेशान करके आप जनहित नहीं कर रहे। आपको लड़ाई लड़नी है कारवाँ मैगज़ीन से लड़िए। अपनी ताक़त एक सामान्य इन्फ़्लुएंसर पर क्यों दिखा रहे हैं?
इस समय सरकार इतनी निरंकुश और दिशाविहीन हो चुकी है कि विपक्ष से जुड़े सभी अकाउंट्स धीरे धीरे बैन किए जा रहे हैं वह भी बिना वजह बताए। बड़ा ही अजीब माहौल बन चुका है। इतने विरोध के बाद भी सरकार ऐसे निर्णय ले रही है।
आज मैं नोएडा में बिजली बिल/LPG पर ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए गया था। तभी नोएडा पुलिस ने मुझे रोका और पूछने लगे कि क्या कर रहे हो आईडी दिखाओ। मैंने पूछा आप रिपोर्टिंग में हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं? इसी बात पर बहस हुई। इस पर नोएडा पुलिस मुझे थाने ले गई और मेरे खिलाफ पुलिस से कथित बदतमीजी की FIR की। थाने में जिस तरह से पुलिस ने बदतमीजी की उसका जिक्र भी क्या करूँ। फिलहाल मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद मुझे जमानत पर छोड़ दिया गया है। लेकिन कितनी अजीब बात है, रिपोर्टिंग करने पर पुलिस आती है, आपके काम को रोकती है, और ऐसे धमक दिखाती है जैसे हम नागरिक नहीं पुलिस के ग़ुलाम हैं। पुलिस से काउंटर सवाल करना, पूछना, गुस्ताखी है। एक सामान्य सी बात के लिए पूरे दिन थाने में बिठाया। मुकदमा किया। बदतमीजी की और परेशान किया।
आप सबके समर्थन के लिए आभारी हूँ, आपके समर्थन की वजह से मैं बाहर आ सका हूँ।
Do government authorities check every day what materials are ending up in the Ganga through sewage? How is everyone okay with all kinds of disposed meat, waste, and chemicals going into the Ganga, and why is there no FIR against the authorities who are allowing it to happen?
इस देश ने बहुत सी भ्रष्ट सरकारें देखी हैं। भ्रष्टाचार इस देश के लिए कोई नया नहीं है। मगर इस देश ने आजतक इतनी भ्रष्ट जनता नहीं देखी। जो सरकारी और निजी भ्रष्टाचार से तब तक सहमत है, जब तक उसके फ़ायदे के लिए समाज और संविधान में भ्रष्टाचार होता रहे।
हर गली उगवा रहा हूँ मैं दवाई की फ़सल
एक दो क्या देश को बनवा दिया है हॉस्पिटल
इनका असली प्लान ये तुमको नहीं बतलाएंगे
पहले तो मर जाएंगे फिर आँकड़े बन जाएंगे
आँकड़े ये फिर मेरे मत्थे पे मढ़ने के लिए
मर रहे हैं सब मुझे बदनाम करने के लिए
आदि शंकराचार्य ने लिखा है पैसा, मोह, ताक़त और घमंड सब माया है जब ब्रह्म का बोध हो जाता है तब ये सब एक भ्रम की तरह ग़ायब हो जाते है…ये रस्सी को सांप समझ लेने जैसा है…यहीं से उनके अद्वैतवाद का महत्वपूर्ण वाक्य अहं ब्राह्मास्म निकला…इसका मतलब यही है कि जब पद, पैसा, वैभव के भ्रम से व्यक्ति निकल जाता है तब वो ब्रह्म को पा लेता है…
अब आप फोटो में मौजूद पद्म श्री पाए चिकित्सक डाक्टर तपन लहिरी को देखिए..रिटायरमेंट के बाद अनगिनत लोगों का ईलाज किया वो भी बिना पैसे के…इंग्लैंड के रॉयल कॉलेज आफ सर्जंस से फेलोशिप ली..चाहते तो इंग्लैंड में डाक्टर बनकर करोड़ों कमाते लग्ज़री गाड़ियों से घूमते…पाँच सितारा होटल में नाश्ता करते और अपने आलीशान बंगले की रील बनवाते फिर वो लाखों फ़ॉलोवर्स के बीच भ्रम के देवता बने होते…लेकिन उन्होंने ब्रह्म को पाने की सोची…अपने को निराकार बनाया…1994 में अमरीका से लौटने के बाद
महज 294 रुपए में BHU में पढ़ाने लगे..बहुत सारी संपत्ति दान दे दी..इनके पास न गाड़ी है न कोई आलीशान बंगला..
रिटायर होने के बाद बिना पैसे के सेवा देने लगे..पैदल अस्पताल जाते सैकड़ों लोगों का ईलाज करते…आप गहराई से सोचिए असल दुनिया के खलनायक लेकिन हमारे मोबाइल में स्क्रोल करते रील के हीरो कौन हैं…वहीं असल दुनिया के हीरो लेकिन डाक्टर तपन रील बनाने में ज़ीरो…
#varanasi
मप्र में 200 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बिल्डिंग है ही नहीं, बैतूल में एक शख्स अपने खर्चे से स्कूल बना रहा था.ग्राम पंचायत से एनओसी नहीं ली.कुछ लोगों कहा अवैध मदरसा है जबकि गांव में 2000 परिवारों में सिर्फ 3 मुस्लिम परिवार हैं, गांववालों-सरपंच सबने कहा मदरसा चलाने की कोई शिकायत नहीं है फिर भी बुलडोजर चल गया
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Indore Water Crisis:दूषित पानी से मौत,अब नसों में पहुंचा जहर!
मप्र के 4 शहरों में पीने के साफ पानी के लिए ADB ने राज्य सरकार को 2004 में लगभग 900 करोड़ दिये थे, एक शर्त ये थी कि हर 15 दिन में पानी की गुणवत्ता परखी जाए हुआ कुछ नहीं
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This is the real test of power in the world order.
Every so-called world power without teeth will stay silent as the US captures Venezuela’s president.
Their silence will prove who is already politically captured and ruled by the US.
क्या ही समाज बना दिया है! केरल में काम की तलाश में गए मजदूर रामनारायण बघेल की भीड़ ने बांग्लादेशी और चोरी की शक में पीट पीटकर हत्या कर दी! पांच आरोपी पकड़े गए हैं ...
नर्मदा पेशाब करने के लिये बिल्कुल नहीं है, लेकिन उनका सीना छलनी करके अवैध रेत उत्खनन के लिये भी नहीं है ... इन आईएएस महोदय में हिम्मत है उन्हें रोकने या थप्पड़ मारने की .. एक आम आदमी को थप्पड़ मारने या धमकाने की सिस्टम को बहुत हिम्मत होती है