सज़ा किसको मिले !
कुछ रोज़ पहले एक युवक पुलिस कार्यालय आया। उसने बताया कि उसकी एक परिचित युवती अपने पति की हत्या करवाना चाहती है और इसके लिए उसने उससे संपर्क किया है। सूचना और युवती के साथ हुई चैट के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बीएनएस की धारा 55 के तहत युवती के खिलाफ हत्या के दुष्प्रेरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
अनुसंधान के दौरान उसके जीवन की जो कहानी सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।
साढ़े सत्रह वर्ष की उम्र में उसके परिवार ने उससे लगभग दुगुनी उम्र के युवक शादी के नाम पर चार लाख में बेच दिया । उसने तंग आकर घर छोड़ दिया ।उसने कहा इससे बेहतर है वो अपने पसंद के युवक से शादी करे ।नाबालिग के भागने पर मुक़दमा दर्ज हुआ और उसे बालिका आश्रय गृह में रखा,जब तक वह वहाँ से बाहर आई, उसके पसंद का युवक किसी और से शादी कर चुका था।
घर लौटी तो, अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के अनुसार, पिता और मामा ने उसी पूर्व में बेचे गए युवक के साथ भेज दिया ।
वह इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थी। लेकिन पति ने धमकी दी कि वह उसे और उसके पूरे परिवार को मुकदमे में फँसा देगा। उसके घर से बाहर जाने और नौकरी करने पर भी पाबंदी लगा दी गई।
इस साल उसने आखरी दफा इस अमानवीय शादी से निकलने की कोशिश की । लेकिन इस बार लिखा पढ़ी कर पुख्ता समझौता किया गया कि वो इस रिश्ते से बाहर ना आ पाएगी ।
कुछ ही महीने पहले बालिग हुई इस युवती को नहीं मालूम था कि इस शादी से बाहर निकलने का रास्ता क्या है। जिन अपनों के पास वह मदद के लिए जा सकती थी, आरोप उन्हीं पर उसे बेचने का था।
हत्या करवाने की कोशिश की जिम्मेदारी अपनी जगह है। लेकिन उसे इस स्थिति तक पहुँचाने वालों की जिम्मेदारी भी तो तय होनी चाहिए।
अगर हत्या हो गई होती, तो शायद उसके जीवन का यह पक्ष कभी सामने ही नहीं आता।
प्रेमचंद के उपन्यास ‘निर्मला’ में एक संवाद है—
“हम लड़कियाँ हैं, हमारा घर कहीं नहीं होता।”
इस लड़की का घर सचमुच कहीं नहीं था।
सवाल है -सज़ा किसको मिले? हत्या का रास्ता तलाशने वाली युवती को, उसे खरीदने वाले को, या उसे बेचने वाले अपने ही परिवार को? किसकी क्या जिम्मेदारी है, यह तय करने के लिए पूरा पक्ष देखना होगा ।
समाज के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसी खरीद-फरोख्त, जबरन शादी या धमकियों की जानकारी मिले तो पुलिस से साझा करें। समय पर मिली सूचना किसी का जीवन बचा सकती है।
और अपने घरों में ऐसा माहौल बनाएँ कि कोई लड़की अपनी परेशानी कह सके, मदद माँग सके और उसे सुना जाए।
किसी अपराध को रोकने की शुरुआत कभी-कभी किसी की बेबसी सुन लेने से होती है।
@PoliceRajasthan@India_NHRC
राजस्थान पुलिस की ओर से सभी प्रदेशवासियों को होलिका दहन की शुभकामनाएं।
होलिका दहन हमें याद दिलाता है कि अहंकार और अन्याय की अग्नि में भी सत्य और भक्ति अडिग रहते हैं। प्रह्लाद की आस्था बची, और बुराई का अंत हुआ।
राजस्थान पुलिस भी इसी संदेश के साथ समाज में कानून, न्याय और सुरक्षा की ज्योति प्रज्वलित रखती है।
अपराध और अव्यवस्था रूपी “होलिका” का दहन कर, आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारा दायित्व है।
आइए, इस होली पर हम भी नशा, हुड़दंग और वैमनस्य जैसी बुराइयों का दहन करें और प्रेम, संयम व सद्भाव के रंगों को अपनाएँ।
राजस्थान पुलिस — विश्वास, सुरक्षा और सेवा का संकल्प।
@RajCMO@svoruganti1466@DIPRRajasthan@Rajeev_ips
#Holi2026
#HolikaDahan2026
#Dhulandi
#HoliFestival
#FestivalOfColors
#HappyHoli
#Rangotsav
#HoliCelebration
हत्या सबकी हुई !
कल अकलेरा थाने में सूचना मिली कि मदनपुरिया गांव में किसी व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी । पुलिस मौके पर पहुंची, पुलिस हतप्रभ थी । यह वही व्यक्ति था जिसे कुछ सालों पहले इसी कालूलाल को पुलिस ने हत्या के जुर्म में गिरफ्तार किया, वो सजा भुगतकर कुछ दिनों पहले अपने गांव आया । उसके शरीर पर धारधार हथियार से निर्मम हमला हुआ । ऐसा प्रतीत हुआ कि जैसे रक्त रंजित रंजिश किसी के भीतर ज्वाला की तरह धधक रही हो, जिन्होंने भी इसकी हत्या की ।
पुलिस का सवाल था- किसने किया?
हर कोई कह रहा था यह हत्या नहीं “हिसाब” है ।
कुछ सालों पहले भेरूलाल की हत्या इसी कालुलाल ने की । भेरूलाल अपने परिवार की रोजी रोटी कमाने वाला बेटा था । जिसके घर में बूढ़ा बाप, पत्नी, दो मासूम बच्चे और तीन बहने थी ।
जल्द ही खुलाशा हुआ कि भेरूलाल की पत्नी काली बाई, बहन केदार बाई ,प्रेम बाई और अन्य ने हत्या कर दी ।
काली बाई के दो मासूम बच्चे है, इसी तरह बहन प्रेम बाई के पति की मृत्यु हो गई वो भी अपने तीन बच्चों का पाल रही है । बहन केदार बाई ने बड़ी मुश्किल से पढ़कर बीएससी bed की, वो प्राइवेट योगा टीचर है ।
केदार बाई के लिए उसके बूढ़े बाप को कितने ताने पड़े होंगे- बेटी को पढ़ा लिखा कर क्या बनाओगे ।
एक ही घर की तीन महिलाओं ने प्रतिशोध की ज्वाला में सब कुछ मिटाने का निर्णय लिया । हत्या भले ही कालूलाल की हुई लेकिन एक ही घटना ने इस घर के पाँच बच्चों का जीवन अंधकार में धकेल दिया, केदार बाई के जीवन की रोशनी छीन गई ।
ऐसा लगा इस प्रतिशोध ने महज कालुलाल की हत्या नहीं की वरन इस परिवार ने ख़ुद को तबाह कर लिया । इस परिवार ने अपने मासूमों को बेसहारा छोड़ दिया ।
घर में एक बूढ़ा व्यक्ति है जो दादा भी है नाना भी है । वो नहीं जानता की वो बच्चों का पेट कैसे भरेगा, वो उनकी फ़ीस कैसे जमा कराएगा, वो अदालतों की तारीख़ों पर किराया कहाँ से लाएगा ।
उन्होंने सोचा “न्याय करेंगे “
पर प्रतिशोध न्याय कहाँ देता है, एक पूरा ख़ानदान अनाथ हो गया शायद ।
इस क्षणिक आवेग ने एक साथ कई हत्याए की ।
हत्या “किसने की “और “किसकी हुई “यह सोचने योग्य बात है ।
झालावाड़ पुलिस का 2025 का लेखा जोखा
ऑपरेशन दिव्य प्रहार-
71 तस्कर और उनके सहयोगियों की 125 करोड़ बाजार मूल्य की सम्पत्ति कुर्क
50 करोड़ मूल्य की तस्करों की अवैध संपत्तियों के अतिक्रमण हटे ।
10 एनडीपीएस के वांछित मुल्जिमों को दूसरे जिले की पुलिस को सुपुर्द किया ।
ऑपरेशन ऊर्जा प्रहार-
371 हार्डकोर और हिस्ट्रीशीटर के घर एक साथ जेवीवीएनएल टीम के साथ रेड, बिजली चोरी की वीसीआर भरी, 1.25 करोड़ की पेनल्टी
ऑपरेशन शटर डाउन- सरकारी योजनाओं के देश के सबसे बड़े ग़बन को पकड़ा, अभी तक 47 मुलजिम गिरफ़्तार, 3 करोड़ के डिजिटल डिवाइस और वाहन जब्त, लाखों संदिग्ध बैंक अकाउंट पकड़े..
अभी कई पर्दाफाश बाक़ी..
52 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई…
जो कुछ इस वर्ष ना हुआ, उसे नए वर्ष में ठीक किया जाएगा ।
सभी झालावाड़ वासियों को नए वर्ष की शुभकामनाएं
झालावाड़ पुलिस- आपकी सुरक्षार्थ कटिबद्ध
@RajCMO@PoliceRajasthan
पटवारी,VDO की प्रथम ACP 9 साल बाद ग्रेडपे 3600 हो सकती है तो #राजस्थान_पुलिस कांस्टेबल की क्यों नहीं ?
पटवारी,VDO और पुलिस कांस्टेबल तीनों समान वेतन श्रृंखला से आते हैं तो पुलिस कांस्टेबल के साथ यह अन्याय क्यों?
आखिरकार पुलिस के बारे में सरकार कब सोचेंगी?
@BhajanlalBjp@jpk_11
कल रविवार सुबह 9AM
ट्विटर ट्रेडिंग के माध्यम से
राजस्थान पुलिस अधीनस्थो की महत्वपूर्ण मांग पटवारी ग्राम सेवक व कृषि पर्यवेक्षक के समान प्रथम ACP 3600GP कांस्टेबलो की भी की जाए के लिए ट्विटर पर ट्रेंडिंग का हिस्सा जरूर बने।
@1stIndiaNews@zeerajasthan_@News18Rajasthan
पटवारी ग्रामसेवक व कृषि पर्यवेक्षक के समान आप कांस्टेबलो को भी इनके समान वेतनमान मिलना चाहिए।
इसलिए इस ट्रेडिंग में सभी को सहयोग करना चाहिए ताकि मुख्यमंत्री महोदय 15 अगस्त को वेतनमान बढाने की घोषणा करे।
में आपके लिए 200 ड्राफ्ट ट्वीट करूंगा 👍
और सभी से उम्मीद है वे सहयोग करेंगे
कल रविवार सुबह 9AM
ट्विटर ट्रेडिंग के माध्यम से
राजस्थान पुलिस अधीनस्थो की महत्वपूर्ण मांग पटवारी ग्राम सेवक व कृषि पर्यवेक्षक के समान प्रथम ACP 3600GP कांस्टेबलो की भी की जाए के लिए ट्विटर पर ट्रेंडिंग का हिस्सा जरूर बने।
@1stIndiaNews@zeerajasthan_@News18Rajasthan
राजस्थान पुलिस डिमांड से जुड़े सभी मित्र रिपोस्ट, कमेंट कीजिए
राजस्थान पुलिस कांस्टेबल को 9 साल बाद प्रथम एसीपी ग्रेड पे 3600 (L-10) होनी चाहिए
#पुलिस_डिमांड
कैबिनेट बैठक में पुलिस कर्मीयो की कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक टाइम स्केल प्रमोशन (DPC) के आदेश जारी करने, पटवारी, ग्राम सेवक व कृषि पर्यवेक्षक के समान प्रथम ACP 3600GP (L,10) करने संज्ञान लेने बाबत
@RajCMO@Bhajanlalofc@BhajanlalBjp@bhajanlaloffice@1stIndiaNews