बिहार में कम उम्र के बच्चों और किशोरों के बीच सिंथेटिक ड्रग्स (सूखे नशे) की बढ़ती लत गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। विशेषज्ञों और सरकारी बयानों के अनुसार, सस्ते सिंथेटिक नशे और अन्य मादक पदार्थों तक आसान पहुंच के कारण कई बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए जागरूकता, परिवार की निगरानी और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई जा रही है।