सोचिए, अगर प्रदेश के किसी विभाग से एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना हो। विभाग का जिम्मेदार अधिकारी मौके पर निरीक्षण करे और निरीक्षण के बाद कुछ कमियां बताए। आवेदक उन सभी कमियों को दूर करने में करीब ढाई से तीन लाख रुपए खर्च कर दे। इसके बाद भी एनओसी न मिले तो सवाल सिर्फ उस एक व्यक्ति का नहीं, पूरे सिस्टम का खड़ा होता है।
मामला यहीं खत्म नहीं होता। जिस व्यक्ति को एनओसी चाहिए, उसका आरोप है कि निरीक्षण के दौरान कमियां बताने के साथ उससे सुविधा शुल्क की मांग की गई। उसे भरोसा दिलाया गया कि मांग पूरी कर दी जाए तो एनओसी मिल जाएगी। लेकिन उसने पैसे देने के बजाय विभाग की बताई गई कमियों को पूरा करना बेहतर समझा। उसने अपनी जेब से लाखों रुपए लगाकर वही काम कराए, जिन्हें विभाग ने नियमों के तहत जरूरी बताया था।
अब सवाल यह है कि अगर कमियां पूरी करने के बाद भी एनओसी नहीं मिल रही है, तो फिर निरीक्षण के दौरान बताई गई कमियों और एनओसी के नियमों की विश्वसनीयता क्या है?
और सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर आवेदक ने सुविधा शुल्क दे दिया होता तो क्या वही कमियां नजरअंदाज कर दी जातीं? क्या बिना कमियां दूर किए एनओसी मिल जाती? अगर ऐसा है तो फिर नियम किसके लिए हैं? और अगर ऐसा नहीं है तो आवेदक को स्पष्ट और लिखित तरीके से बताया क्यों नहीं जा रहा कि आखिर कौन सी कमी अभी बाकी है?
यह सिर्फ एक कारोबारी या एक निवेशक की परेशानी नहीं है। यह उस सोच पर सवाल है, जिसके तहत सरकार प्रदेश में निवेश लाने, कारोबार को आसान बनाने और सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए अलग-अलग विभागों की दौड़ खत्म करने की बात करती है। जब राजधानी में ही किसी काम के लिए एक व्यक्ति को नियमों के मुताबिक कमियां दूर करने के बाद भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें, तो बाहर से आने वाला निवेशक किस भरोसे से यहां पैसा लगाएगा?
जिस व्यक्ति से मेरी मुलाकात हुई, उसने साफ कहा कि वह काम बंद कर सकता है, लेकिन घूस नहीं देगा। उसने शिकायत भी की है। उसका कहना है कि उसने विभाग की बताई कमियों को पूरा करने में करीब ढाई से तीन लाख रुपए खर्च कर दिए, लेकिन अब भी एनओसी नहीं मिली। वह यह भी कहता है कि अगर गलत तरीके से पैसे देने होते तो शायद इतना पैसा कमियां दूर करने में खर्च ही नहीं करता।
यह मामला सिर्फ एनओसी का नहीं है। यह उस भरोसे का मामला है, जो एक आम नागरिक और सरकार के सिस्टम के बीच होना चाहिए। अगर नियम पूरे करने के बाद भी काम नहीं होता और सुविधा शुल्क देने पर काम होने की बात सामने आती है, तो फिर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सिर्फ कागजों में रह जाता है।
सरकार को ऐसे मामलों को सिर्फ शिकायत मानकर फाइल में नहीं दबाना चाहिए। जांच यह होनी चाहिए कि निरीक्षण में कौन सी कमियां बताई गई थीं, आवेदक ने उन्हें कब और कैसे पूरा किया, उसके बाद एनओसी क्यों रोकी गई और क्या किसी स्तर पर सुविधा शुल्क की मांग की गई थी।
क्योंकि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि एक व्यक्ति को एनओसी मिलेगी या नहीं। सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश में ईमानदारी से नियम पूरा करने वाला व्यक्ति जीतेगा या सुविधा शुल्क देने वाला? अगर जवाब दूसरा है, तो फिर निवेश के बड़े-बड़े दावों के बीच इस सिस्टम पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
@CMOfficeUP@UPGovt अगर 7 दिन में मामला हल न हुआ तो पीड़ित को सामने लाऊंगा और उनकी पीड़ा के साथ खबर लिखा जाएगा।
@narendramodi@PMOIndia@AmitShahOffice
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से विनम्र अपील! 🙏✨
गौतमबुद्ध नगर लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के अंदर सर्वाधिक वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाले लोकप्रिय सांसद डॉ. महेश शर्मा जी को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाज के सशक्त चेहरा, जन-जन के प्रिय एवं अत्यंत ईमानदार, कर्मठ और समर्पित नेता डॉ. महेश शर्मा जी सदैव जनता के बीच रहते हैं। शिक्षा क्षेत्र में नए सकारात्मक बदलाव लाने और देश को नई दिशा देने के लिए उनसे बेहतर विकल्प नहीं हो सकता।
हम माननीय प्रधानमंत्री जी से विनम्र निवेदन करते हैं कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए डॉ. महेश शर्मा जी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने की कृपा करें।
निवेदक
(दिव्य कृष्णात्रेय)
अध्यक्ष- RWA सेक्टर 105, नोएडा !
#DrMaheshSharma #PMOIndia #NarendraModi #Noida #GautamBuddhaNagar #EducationMinister
मथुरा-वृन्दावन... आस्था, संस्कृति और विरासत की वह पावन भूमि, जहाँ हर स्थान अपनी एक अलग पहचान और कहानी समेटे हुए है।
अगर कोई आपसे पूछे कि मथुरा-वृन्दावन में सबसे पहले कहाँ जाना चाहिए, तो आपका जवाब क्या होगा?
क्या आप किसी मंदिर का सुझाव देंगे, किसी ऐतिहासिक स्थल की, किसी आध्यात्मिक अनुभव की या किसी ऐसे स्थान की जो हर आगंतुक को एक बार अवश्य देखना चाहिए?
अपनी पसंद कमेंट में साझा करें और बताइए कि आपके अनुसार मथुरा-वृन्दावन की यात्रा की शुरुआत किस स्थान से होनी चाहिए।
#MVDA #MathuraVrindavan #VisitMathura #Heritage #SpiritualTourism
क्या ही अजीब शहर है नोएडा, जिसे पिछले कई वर्षों से स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट शहर का अवार्ड मिला था, उसी शहर के जनस्वास्थ्य विभाग को नोएडा प्राधिकरण ने समाप्त कर दिया। उसे सिविल विभाग के साथ मर्ज कर दिया। अब मानसून सिर पर है नालों की सफाई हुई नही है। शहर की सड़कों में जगह जगह गढ्ढे हैं। उन्हें पिछले 5 महीनों में दुरुस्त नही किया गया। यानी सिविल विभाग ने तो सफाई व्यवस्था ठीक कर पा रहा है और ना ही सड़कें ठीक हुई।जनता को तो यह असुविधा झेलनी होगी। अफसरों की कोई जवाबदेही ही नही है। यह कैसी व्यवस्था है। @CeoNoida@noida_authority@noidakhabar@CMOfficeUP@myogiadityanath@NandiGuptaBJP@dr_maheshsharma@PankajSinghBJP
#Noida #Noidakhabar
One child. One park. One powerful message.
A young resident of Sector 105, Noida has taken it upon himself to clean the Central Park every week, proving that real change begins with individual action. His initiative is inspiring an entire community to join the mission of a cleaner and greener city.
Read the full story:
https://t.co/3ob5nKJ7L3
#SwachhNoida #CleanNoida #Sector105 #CommunitySpirit #CivicSense #Noida #CleanIndia #InspiringStories #ApartmentTimes
A massive turnout marked International Yoga Day celebrations in Sector 105, Noida, as residents joined a grand yoga camp organized by RWA Sector 105 and Yatharth Hospital.
Former UP Chief Secretary Dr. R.K. Tiwari, FONRWA President Yogendra Sharma and senior physician Dr. Pallav Mishra emphasized the importance of making yoga a part of daily life for better physical and mental health.
Read more:
https://t.co/4oIxBom6hJ
#InternationalYogaDay #YogaDay2026 #Noida #Sector105 #YogaForWellness #HealthyLifestyle #YatharthHospital #FONRWA #ApartmentTimes
फायर अधिकारी योगेंद्र चौरसिया की सूझबूझ व तत्यपरता ने बचाई जान ओवरसीज अपार्टमेंट सेक्टर 51 की चौथी मंजिल पर आग लगने तथा 03 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना के बाद तुरन्त पँहुची टीम।। @CMOfficeUP@dmgbnagar@dgpup@myogiadityanath@noidapolice@CP_Noida लोंगो ने टीम की तारीफ की
आदरणीय सांसद श्री महेश शर्मा जी एवं फोनरवा अध्यक्ष श्री योगेंद्र शर्मा जी के साथ सेक्टर 105 व क्षेत्र के विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे को लेकर एक अत्यंत सकारात्मक समीक्षा बैठक हुई।
@dr_maheshsharma@narendramodi@AmitShah