उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मेहनती छात्रों के सपनों की हत्या हुई है। लेखपाल परीक्षा का पेपर संदेह के दायरे में है एग्जाम के घंटों बाद भी बच्चों का हाल से बाहर निकलना सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है! आखिर कब तक हमारे होनहार युवा और उनके गरीब माता-पिता इस भ्रष्ट तंत्र और शिक्षा माफियाओं की कीमत चुकाते रहेंगे?
हमें भूलना नहीं चाहिए कि UPPSC भर्ती के समय भी आयोग ने पहले सब कुछ सही होने का दावा किया था, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर परीक्षा लीक थी। क्या इस बार भी लीपापोती की तैयारी है?
हमारी सरकार और आयोग से स्पष्ट मांग है:
लेखपाल परीक्षा में हुई इस धांधली की तत्काल, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच हो। पेपर लीक करने वाले गिरोह और उनके आकाओं को बेनकाब कर सख्त सजा दी जाए कि वह एक उदाहरण बने। छात्रों के भविष्य और उनके समय के साथ यह क्रूर मजाक अब और नहीं सहा जाएगा! झूठे आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए!
#Lekhpal_Exam_Investigation
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मेरे एक दोस्त का सेंटर ओरई था, उसने मुझे बताया कि उन्होंने लेखपाल का एग्जाम 12 बजे कर लिया, जो 12 बजे 5 मिनट कि घंटी बजती है वो 12:10 पर बजी... उसके बाद 12:20 तक कॉपी जमा जमा की गई, आंसर सीट को गिनने में और बच्चों को छोड़ने में लगभग 10 मिनट और लगा दिए.. बच्चों ने हंगामा किया तो इनविजिलेंटर ने प्रिंसिपल ऑफिस की घड़ी के अनुसार चलने को कह दिया.. इस बार पेपर लीक वास्तव मै नहीं हुआ है!!
लेकिन नकल कराई गई, कुछ बच्चों को अलग बैठाकर जिनमे कैमरे नहीं है उन कमरों में अलग से नकल कराई गई, उस लडके ने बोला है की अगर आयोग बुलाएगा तो वो अपना स्पष्टीकरण भी देने को तैयार है, क्या आयोग और सरकार इन बारीक़ सी चीजों की भी जाँच कर रहा है?? या सिर्फ विरोध स्वरूप बच्चों पर fir कराई जा रही है #UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_INVESTIGATION
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPPER_LEAK
आयोग की लापरवाही और लचर व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से एक महत्वपूर्ण परीक्षा संदेह के घेरे में आ चुकी है!
लेखपाल भर्ती परीक्षा में जिस तरह से अव्यवस्थाओं और धांधली की खबरें सामने आई हैं, वह सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है। जिन होनहार युवाओं ने अपने जीवन के कीमती वर्ष और अपना सर्वस्व इस परीक्षा की तैयारी में न्योछावर कर दिया, आज वे सड़क पर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गरीब माता-पिता की गाढ़ी कमाई और 3 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को इस तरह शिक्षा और नकल माफियाओं की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता।
आयोग और राज्य सरकार से पुरजोर मांग हैं कि वे इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें। लीपापोती करने या इसे भ्रामक बताने के बजाय, आवश्यक और सख्त कार्यवाही करते हुए एक पारदर्शी, उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जाएं।
#Lekhpal_Exam_Investigation
पहले नोटिफिकेशन का इंतजार, फिर परीक्षा का एक लंबा अंतराल और आखिर में पेपर लीक; क्या युवाओं की किस्मत में सिर्फ यही संघर्ष लिखा है? आखिर हर बार परीक्षा से ठीक पहले या बाद में ही पूरी सुरक्षा व्यवस्था क्यों ध्वस्त हो जाती है, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, और इन लीक माफियाओं के असली आका कब सलाखों के पीछे भेजे जाएंगे? सिस्टम की इस बार-बार होने वाली नाकामी की सजा देश का ईमानदार युवा और उनका गरीब परिवार क्यों भुगते, और छात्रों के बर्बाद हुए सालों तथा उनके मानसिक तनाव का हिसाब आखिर कौन देगा? अब खोखले आश्वासनों और बातों से काम नहीं चलेगा, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद होना चाहिए और इस पूरे मामले की समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए जो एक मिसाल बने!
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