मैं अब इस बात को ले कर आश्वस्त होता जा रहा हूँ कि पिछले कुछ सप्ताह से आने वाले कुछ सप्ताह तक @BJP4India अपने ही सरकार के विरोध में यूजीसी-समर्थन वाली रैलियाँ करवाएगी। एकाध रैली हिंसक हो सकती है, आगजनी या हत्या होगी।
इन रैलियों की भीड़ों को देख कर सवर्ण समाज को बताया जाएगा: देखो, दलित समाज क्या कर रहा है। इसको सवर्णों ने ही भड़का दिया है। स्टे तो मिल ही गया था, पर ये लोग दलितों को उकसाते रहे, आंदोलन करते रहे, अब सरकार करे तो क्या करे?
फिर आपको बताया जाएगा कि कैसे कॉन्ग्रेस ये वोट ले जाएगी। कैसे बसपा उठ रही है, वो इस बात को एक्सप्लॉइट करेगी। कैसे अखिलेश समाज को बाँटने में लगा हुआ है। कैसे मोदी जी ही तुम्हारी जान फलाँ नेत्री के स्टाइल में बचाए रखेंगे!
चाहे कल सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किया गया नंबर हो जहाँ कहा गया है कि यदि कहीं दलित-शोषित का उत्पीड़न हो रहा है तो तुरंत सूचना दें, या फिर रावण, मौर्या समेत पटना आदि में चल रहे महापंचायत हों, भाजपा की योजना स्पष्ट है।
वह योजना है: सवर्णों को कहा जाए कि खून का घूँट पी लो, मोदी जी ने तुम्हें जीने दिया है। रावण को सुनो, वो तो जूते मारने वाली बात बोल रहा है। मायावती की रैली की भीड़ देखो! अरे यूजीसी क्या है? कितना केस हो जाएगा? देश की सोचो, विकसित भारत की सोचो, क्या कमजोर मोदी वो दे पाएँगे!
पार्टियाँ अलग-अलग स्तर से पतित होती हैं। सबकी अपनी राजनीति होती है। सवर्णों को समझ लेना चाहिए कि आपकी राजनीति कहीं नहीं है। भाजपा के कई नेता पुनः इफ्तार करने लगे हैं, कुछ ने बुढ़ापे में खतना भी करा लिया होगा, कि वही दिखा कर चार वोट ले लें। सवर्ण किसी को जीत नहीं दिला सकते, इसीलिए त्याज्य हैं। आप केवल हरा सकते हैं।
यदि आपके भविष्य का गला वही पार्टी घोंट रही है, वह भी प्रपंच और राजनीति के सहारे, फिर उससे मोह कैसा? उसे वोट देने की बाध्यता कैसी? जब वो आपका वोट ले कर आपको लात मार रही है, फिर आप क्यों बँधे हुए हो?
पिछले दो महीनों में @narendramodi ने कितनी बार यह संकेत भी किया कि सरकार आपके हितों की बात कर रही है, सोच रही है? वो वही उद्घाटन, रैली, भाषण में व्यस्त हैं। उनकी टीम इसमें व्यस्त है कि मोदी जी वायरल हो जाएँ।
सवर्णों को केवल डराने करने के लिए बिहार पुलिस मेरे ऊपर तो FIR कर देती है, पर राजपूत की बेटी को मुगलपुत्री कहने वाली किरन यादव को कुछ नहीं कह पाती। वो लोग जो उस मृतका को वेश्या बना रहे हैं, वो सोशल मीडिया पर हैं। और रहेंगे!
भाजपा के नेता-प्रवक्ताओं की चुप्पी, ब्राह्मणों-संतों के वीडियो क्लिप्स को आइटी सेल द्वारा टूलकिट शैली में शेयर करना बताता है कि इनका उद्देश्य इस समस्या का समाधान नहीं, बल्कि सवर्णों को यह बताना है कि मोदी ने किया है तो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा। मोदी चुप है यानी देश का कुछ भला होना उसका कारण होगा।
मैं ऐसा नहीं मानता। भाजपा ने सवर्णों को त्याग दिया है कि ये न तो संगठित हैं, न इनकी कोई ग्राउंड प्रेजेंस है, न तो ये कॉन्ग्रेस आदि को वोट देंगे। अभी रूठे हुए हैं, कुछ समय बाद भूल जाएँगे।
हम भूल तो जाएँगे, पर यूजीसी नहीं, भाजपा को।
@BJP4India@narendramodi गलती से भी इनको सत्ता में मत लाना, इनके ही लोग महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध करेंगे और ये मामले को दबा देंगे, मीडिया में भी नहीं आने देंगे. अभी बंगाल में कोई अपराध होता है तो नेशनल मीडिया में उसकी चर्चा तो होती है इनके आने के बाद खुला गुंडाराज आयेगा
कर्ण बहुत दानी था इसलिए कर्ण का वध नहीं करेंगे । भीष्म पितामह है, उनका इस अन्याय के कोई दोष नहीं है, इसलिए उनका वध नहीं करना चाहिए । द्रोण गुरु हैं ,वो तो राजधर्म निभा रहे इसलिए द्रोण का वध अनैतिक है।
अर्जुन यही विचार बना लेता तो उसकी मृत्यु निश्चित थी ।
यहाँ केवल पक्ष या विपक्ष होता है।
अमुक का कोई दोष नहीं है, जैसी बाते कोई मायने नहीं रखती । या तो भाजपा का समर्थन करो या विरोध करो ।
योगी जी को सीएम बनना है तो वो अलग पक्ष से आये । भाजपा का संपूर्ण बहिष्कार मतलब बहिष्कार ।
इसमें व्यक्ति विशेष पर जायेंगे तो फिर आंदोलन और विरोध का कोई मतलब नहीं रह जाता ।
भाजपा यूपी जीत जाएगी तो कभी यूजीसी वापस नहीं होगा बल्कि दोगुनी धार के साथ लागू होगा । और यह अन्य पार्टियों के अंदर भी जो थोड़ा बहुत डर है सवर्ण समाज का ,उसको भी खत्म कर देगा ।
कुल मिलाकर 2027 का चुनाव सवर्णों के अस्तित्व का चुनाव है । अगर भाजपा जीत गई तो सवर्ण की आवाज और विरोध प्रभाव हीन हो जाएगा । और हार गए तो पूरे देश में सारी पार्टियों के अंदर सदा के लिए सवर्ण समाज का एक डर स्थापित हो जाएगा ।
अब सवर्ण समाज निर्णय करें कि उसको करना क्या है।
@DivyaSoti 2014 में मोदी सरकार बनते ही भीमटों के कई हिंदू विरोधी ग्रुप बनने शुरू हो चुके थे, मोदीभक्ति में लीन हम लोगो को लगा था कि शायद विपक्ष अपना वोट बैंक वापिस तलाश रहा है, लेकिन अब समझ में आया महामानव सत्ता में आते ही काम पर लग चुका था