जितने वीडियो देख रहा हूँ लोगों के, जो पेट्रोल पम्प से सीधे बोतलों में पेट्रोल भरवा रहे हैं, उनमें से अधिकांश तो ऐसा दिखता है कि सरकार ने संभवतः E85 को E20 के नाम पर डालना आरम्भ कर दिया है।
फ्यूल और एथनॉल का सेपरेशन दिख रहा है। एक जगह देखा उसका रंग गुलाबी है ना कि डार्क ऑरेंज। कहीं तो लीची के जूस जैसा रंग भी दिखा।
यह अविश्वास इसलिए भी है क्योंकि @nitin_gadkari, @HardeepSPuri और @PMOIndia ने बिना किसी जागरूकता अभियान के, या उपभोक्ता सहमति के, पेट्रोल कह कर E20 हमारी टंकियों में डलवाना चालू कर दिया था, दो साल बाद पता चला कि ये तो पेट्रोल है नहीं और हमारी गाड़ी भी उसके लिए उचित रूप से तैयार नहीं है।
अब @narendramodi बताएँ कि ये क्या बिक रहा है पम्प पर? क्या पेट्रोल पम्प वाले अपनी तरफ़ से भी कुछ घपला कर रहे हैं? स्थानीय पुलिस फिर क्या कर रही है? आप हर बात को चुप्पी या फिर सोरोस का एजेंट कह कर टाल नहीं सकते।
इस्तीफे की आड़ में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बचाया जा रहा है। केवल इस्तीफे से काम नहीं चलेगा। चंदा चोरों को फाँसी दो।
और चंपत राय के आकाओं पर कार्रवाई कब होगी? जिनके इशारे पर वो काम करते थे।
कल जिन लोगों को गिरफ़्तार किया गया, उनकी पुलिस रिमांड भी नहीं ली गई। उनसे कोई पुलिस पूछताछ नहीं हुई। उन्होंने चोरी का माल किसे पहुंचाया, किसके कहने पर चोरी कर रहे थे, बाक़ी चोरी का माल कहाँ है। कुछ नहीं पूछा गया।
इस से साफ़ ज़ाहिर है की केवल खाना पूर्ति हो रही है। हफ़्ते दस दिन में उनकी सबकी बेल करवा दी जाएगी।
इस से साफ़ ज़ाहिर है कि चंदा चोर पार्टी के टॉप के नेताओं के इशारे पर इतने सालों से चोरी चल रही है और अब सारा मामला रफ़ा दफ़ा किया जा रहा है।
कल जब पटना के हिडेन विला होटल मामले में पीड़ित बच्ची के पिता से मिलने गया तो वो उस वक्त कोर्ट में बच्ची का बयान दिलाने आए थे। लगभग रोते हुए उन्होंने इस पूरे मामले का एक दूसरा पहलू जो सामने रखा उसने मन को लगभग बेचैन कर दिया है।
भले आप भाजपा के समर्थक हों, लेकिन 5 मिनट ठहर के सोचिए की आज जब बिहार में कोई पिता अपने बच्ची को अपना पेट काट कर पढ़ाना चाहता है, समाज के उलट जाके आगे बढ़ाना चाहता है तो उसके सामने किस प्रकार की चीजें सामने आती है।
एक तो हमारे यहां बच्चीयों को पढ़ाने को ज्यादा इनकरेज नहीं किया जाता है। "बेटी ज्यादा पढ़-लिख लेगी तो बच्ची हाथ से निकल जाएगी" ये डर समाज बेटियों के पिता के मन में भर देता है। उसके बाद भी जब कोई पिता हिम्मत करता है तो बिहार में अच्छी पढ़ाई का व्यवस्था नहीं है। फिर भी कुछ बच्चियाँ जो अपने मेहनत के दम पर किसी तरह पढ़ना चाहती है तो उसके पिताओ को NEET छात्रा वाला मामला दिखता है की किस तरह उनकी बच्चियां पटना के हॉस्टल में भी सुरक्षित नहीं हैं। फिर जब परीक्षा का डेट आता है तो NEET का पेपर लीक हो जाता है। बच्चियां जब पढ़ने निकलती है तो कोई सड़क पे छेड़ देता है। जब परीक्षा दिलाने जाते हैं तो होटल में रात को जबदस्ती कोई घुसकर बेटी को अगवा करने का प्रयास करता है।
आप सोचिए एक मिनट की आज जब बेटियों के पिता इस प्रकार की घटनाएं देख रहे होंगे तो पहले से ही डरे हुए उनके मन में और कितना डर आता होगा। इस प्रकार की घटनाएं एक सभ्य समाज के ऊपर धब्बा है। कुछ घटनाएं लाखों बच्चियों के पढ़ाई को बाधित कर देता है।
#BiharBJPfailure
होटल में जिस बाप के सामने बेटी को अगवा करने का प्रयास किया गया अब उस बाप को होटल वाला धमकी दे रहा है कि कैसे लड़ने पटना ही ना आयेगा देख लूंगा तुझे।
नीट कांड के जैसे सरकार इस केस का भी लीपापोती कर देगी। CBI के हाथ में केस सौंप के कोर्ट में कहवा देगी कोई सबूत ही नहीं मिला।
सर @samrat4bjp, आपसे विनती है की ऐसे अपराधी को ऐसी सजा दीजिए की दुबारा कोई सपने में भी ना सोचे ।
इस से शर्मनाक कुछ हो ही नहीं सकता हमारे प्रदेश के लिए।
दो दिन पहले मैंने सेंट स्टीफेंस से सवर्ण हिंदुओं को 5-5 वर्ष की ऐड-हॉक सेवाएँ देने के बाद, इस वर्ष ईसाइयों को लगभग सारे पद देने पर लिखा था। आज हाई कोर्ट ने स्टीफेंस की नियुक्ति पर स्टे लगा दिया है।
शिक्षा विभाग किस नींद में है उसका दूसरा उदाहरण जामिया मिलिया इस्लामिया है। 1000 में से 990 नॉन-टीचिंग स्टाफ मुसलमान हैं। ये एसबी खुल्ला चल रहा है। हम टैक्स का पैसा दिए जा रहे हैं और अल्पसंख्यक के नाम पर हिंदुओं को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
इस पर भी हाई कोर्ट ने पूछा है कि ऐसा क्या जादू है इस समुदाय में?
@ajeetbharti वोट बैंक की गंदी राजनीति के लिए किसी भी जाति का अपमान करना समाजवादी पार्टी के नेताओं की आदत बन चुकी है। राजकुमार भाटी ने जिस तरह की गंदी लोकोक्ति का सहारा लेकर ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने का प्रयास किया है, उसकी हम घोर भर्त्सरना करते हैं। समाज इस अपमान को कभी नहीं भूलेगा।
@AnupamNawada ब्राह्मण समाज पर दिया गया बयान उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। ज्ञान और संस्कृति की धरोहर संजोने वाले समाज के खिलाफ ऐसी अभद्र भाषा लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। केवल माफी से काम नहीं चलेगा, सख्त कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई हो!
@VoiceOfBrahmins सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा एक सार्वजनिक मंच से ब्राह्मण समाज की तुलना वैश्या से करना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी पूरे समाज को इस तरह अपमानित करना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
@yadavakhilesh श्री प्रतीक यादव जी के असमय निधन की खबर से मन अत्यंत दुखी है। आदरणीय अखिलेश यादव जी और पूरे यादव परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। भावभीनी श्रद्धांजलि। ॐ शांति। 🕊️"
यह आदमी हजारों साल पुराने और देश के सर्वोच्च मंदिरों में गिने जाने वाले सोमनाथ मंदिर में भी में भी जूते पहन के चला गया
और अपना स्वागत ऐसे करवाया है जैसे ये ही आज नए भगवान के अवतार लॉन्च हुए हैं
अब ना पंडो को ऐतराज है ना संघियों को।
देश को आर्थिक संकट से उबारने का मेरे पास मस्त प्लान है -
1 अप्रैल 2023 को सभी सांसदों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई थी,
1 लाख से सीधा 1,24000 रुपए हुई थी, जिसमें सभी दलों ने हामी भरी थी।
दैनिक भत्ता प्रतिदिन 2000 से बढ़कर 2500 और पूर्व सांसदों की पेंशन 25000 से बढ़कर 31000 रुपए कर दी गई थी।
बस यही वाला आदेश रद्द करना है, क्योंकि इनकी सैलरी भत्ता सहित मिलाकर लगभग 3 लाख रुपए प्रति महीना होती है।
सांसद निधि का पैसा भी खा जाते हैं, विकास कार्यों का पैसा भी खा जाते हैं।
देश में पेट्रोल डीजल के वैश्विक संकट को देखते हुए मोदी ने देशवासियों से कम डीजल पेट्रोल उपयोग करने की अपील की है।
इस संकट को ध्यान में रखते हुए खुद मोदी जी ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में सिर्फ 2900 सरकारी बसें बुलवाई थी।
चाहते तो 10000 बसें बुलवा सकते थे।
@RajatSharmaLive नेताओं की विदेश यात्राएं जारी हैं, मूर्तियों पर बजट का अंबार है, और मुफ्त की रेवड़ियां बंट रही हैं... लेकिन देशभक्ति के नाम पर कटौती सिर्फ जनता की थाली में?
नेताओं के ठाठ और जनता का बुरा हाल—यही आज की सच्चाई है। पहले सत्ता अपनी लग्जरी छोड़े, फिर जनता को उपदेश दे।
@Vishal_aawaj खाने के तेल में 10% कटौती की सलाह देने वाली सरकार क्या अपने 'प्रचार' और 'मूर्तियों' के बजट में 10% कटौती करेगी?
त्याग हमेशा आम आदमी ही क्यों करे? नेताओं की मौज और काफिले कब कम होंगे?
@BJP4India पेट्रोल-डीजल बचाओ... सोना मत खरीदो...
उपदेश बहुत हैं, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे जैसे उद्घाटनों में 3000 बसें बुलाना और करोड़ों की रैलियां करना कब बंद होगा?
जनता से त्याग की उम्मीद करने वाले नेता खुद लग्जरी छोड़ने को तैयार क्यों नहीं?
@khuchrep अगर देश आर्थिक संकट में है, तो शुरुआत ऊपर से होनी चाहिए:
✅ रैलियां और बड़े उद्घाटन वर्चुअल हों।
✅ मुख्यमंत्रियों के हेलिकॉप्टर दौरों पर रोक लगे।
✅ सरकारी खजाने से भारी-भरकम PR पैकेज बंद हों।
जनता को उपदेश देने से पहले खुद 'सादगी' अपनाएं। 🚩