A great moment of life :
यह एक अद्भुत क्षण था। 1994 में प्रसिद्ध कवि बाबा नागार्जुन आलोचना की मेरी पहली पुस्तक *कथाकार अमृतलाल नागर* का विश्व पुस्तक मेला-1994 में लोकार्पण करते हुए। साथ में मेरे शिक्षक और आलोचक प्रो मैनेजर पाण्डेय।
ऐसे क्षण जीवन में कभी -कभी आते हैं।
That was a great afternoon to hearing the lecture of a Greek scholar Dr. Chrysafi from University of Patras on Indian and Greek culture and literature at School of Languages in JNU.
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कथेतर गद्य की इस किताब में यात्रा वृत्तान्त, संस्मरण, डायरी, ग्रामीण इतिहास कार्यशाला के विमर्श और वह लेख शामिल है जिनसे 1857 एवं स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास को समझा जा सकता हैं।
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A Talk with Shree Bishnoi with noted writer Devendra Choubey and scholars of JNU 🗓 2 August 2026 (Sunday) ⏰ 5:15 PM 📍 JNU Library Canteen Organised by Manoj Kumar & Dheeresh Tiwari Open for cinema enthusiasts,writers, researchers and students of JNU.
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कल भारतीय भाषा केंद्र, जेएनयू में हिंदी के प्रसिद्ध आलोचक एवं केंद्र के संस्थापकों में से एक प्रो नामवार सिंह पर केंद्रित संगोष्ठी इस मायने में महत्वपूर्ण थी कि कार्यक्रम में आये विद्वानों, अध्येताओं और विद्यार्थियों को पता चला कि नामवर सिंह क्या था।