Dear Mr @elonmusk ,
We love you, but not at the cost of our sovereignty.
We know Ambani and Adanis are oligarchs and they are the buddies of @narendramodi and @RahulGandhi or anybody in power for that matter. That’s their survival strategy.
But our democratic country knows how to handle our oligarchs and it doesn’t don’t need anyone to give us lectures on our internal affairs.
You have no idea as to how fast Internet has reached our villages and hamlets and at a far cheaper rate! In fact, much faster than some of your western countries could have ever imagined!
You better focus on your own country and utilise your time in making great products.
Stay off. We will figure it out ourselves.
जंतर-मंतर पर राजपूत लड़कियों के साथ धक्का मुक्की व छेड़खानी करने वाले लफंगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नेहा दास, हर्ष दुबे, अनुराधा तिवारी, अजीत भारती.. किसी ने भी इस घटना पर एक शब्द नहीं बोला। वाह!
दलित समुदाय ने अनेकों बार भारत बंद जैसे प्रोटेस्ट किए हैं, जिसमें लाखों लड़कियां भी शामिल हुई हैं। चाहे 2 अप्रैल 2018 का भारत बंद रहा हो या 2019 का गुरु रविदास गुरुघर बचाओ आंदोलन या फिर 2024 का SC-ST उपवर्गीकरण आंदोलन... हमने अनेकों राष्ट्रीय स्तर के प्रोटेस्ट किए हैं और हमारे आंदोलनों में अलग-अलग जगहों से हजारों लड़कियां शामिल होती हैं, लेकिन कहीं भी छेड़खानी जैसी घटना नहीं होती है, क्योंकि हम बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों पर चलने वाले लोग हैं। लड़कियों एवं महिलाओं का सम्मान करते हैं।
अभी हाल ही में CJP के प्रोटेस्ट में हजारों लड़कियां शामिल हुई थीं। छात्रों ने किसी भी छात्रा के साथ बदसलूकी नहीं की। छात्राओं ने वीडियो बनाकर Gen Z लड़कों का धन्यवाद किया कि उन्होंने उनके साथ कितना अच्छा व्यवहार किया। पुलिसिया लाठीचार्ज होने पर वे ढाल की तरह उनकी सुरक्षा में खड़े हो गए। पुलिस द्वारा लड़कियों के साथ मारपीट, दुर्व्यवहार एवं sexual assault के भी वीडियो सामने आए, लेकिन किसी भी छात्र ने किसी लड़की के साथ बदसलूकी नहीं की।
फिर आज जंतर मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन करने वाले द्विज हिंदुओं के कार्यक्रम में राजपूत समुदाय की लड़कियों के साथ बदतमीजी क्यों की गई? एक लड़की अपनी मां की कसम खाकर बता रही है कि उसे किस तरह छुआ गया। आलम यह था कि जाहिलों की भीड़ उस पर टूट पड़ी। लिहाजा उन्हें कार्यक्रम से बाहर निकलना पड़ा। राजपूत समाज के लोगों को ऐसा कृत्य करने वाले लफंगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
दरअसल, ये लोग कोई आंदोलन नहीं चला रहे हैं। इनका बस एक एजेंडा है कि किस तरह SC-ST-OBC के खिलाफ जहर उगलकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक सकें।
RSS-भाजपा द्वारा किया गया हल्द्वानी का "शुद्धिकरण", कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge के खिलाफ जातिवाद और छुआछूत का एक घिनौना और निंदनीय कृत्य था।
इससे भी बदतर बात यह है कि खड़गे जी को अपनी ही पार्टी के सदस्यों की ओर से इस जातिवादी कृत्य की स्पष्ट निंदा न मिलने के कारण अपना दर्द बयां करना पड़ा।
उनके कांग्रेस सहयोगियों की यह चुप्पी एक कड़वी सच्चाई और असहज वास्तविकता को उजागर करती है कि भले ही आप कांग्रेस में सर्वोच्च पद पर क्यों न हों, एक दलित नेता को अक्सर एक मोहरे के रूप में माना जाता है, जिसे जातिवाद, छुआछूत और मनुवादी मानसिकता के खिलाफ सच्चा सम्मान और एकजुटता नहीं मिलती है।
खड़गे जी को यह पता होना चाहिए कि कांग्रेस ने हमेशा से शोषित जातियों के प्रभावशाली नेताओं के साथ ऐसा ही व्यवहार किया है।
कांग्रेस ने 1952 और 1954 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को चुनावों में हराकर लोकसभा जाने से रोका था।
कांग्रेस ने बार-बार अपने ही नेता बाबू जगजीवन राम को प्रधानमंत्री पद से वंचित किया, उन्हें दरकिनार किया और उनके बेटे को निशाना बनाने वाले एक विवादास्पद प्रकाशन की योजना बनाई, जिससे देश के पहले दलित प्रधानमंत्री बनने की उनकी ऐतिहासिक राह और बाद में उनके राजनीतिक करियर को प्रभावी ढंग से पटरी से उतार दिया गया।
दलित और आदिवासी नेताओं को केवल राजनीतिक प्रतीक और वोट बैंक के साधन के रूप में इस्तेमाल करने में कांग्रेस और RSS-भाजपा दोनों की भूमिका रही है।
न्यायपालिका में SC, ST एवं OBC जजों का प्रतिनिधित्व कोई दया नहीं, बल्कि एक लोकतांत्रिक आवश्यकता है।
न्यायपालिका संविधान की व्याख्या करती है। सवर्ण जजों की गलत व्याख्या से करोड़ों बहुजन प्रभावित होते हैं। ऐसे में न्यायपालिका में हर वर्ग की भागीदारी होनी चाहिए।
भारत में उच्च न्यायपालिका जातिवादियों का गिरोह बन चुकी हैं. वहां आरक्षण लागू होना चाहिए. कोलेजियम सिस्टम खत्म हो. कंपिटिशन एक्जाम से जज चुने जाएं.
कोलेजियम सिस्टम देश के लिए कैंसर है, इसे खत्म करना ही देशहित में है।
#AbolishCollegium
SC, ST और OBC वर्गों के लाखों युवा कानून की पढ़ाई करते हैं, अनगिनत काबिल वकील हैं, परंतु भ्रष्ट कॉलेजियम सिस्टम के चलते बतौर जज उनकी नियुक्ति नहीं हो पाती।
कॉलेजियम सिस्टम को खत्म किया जाए और न्यायपालिका को सवर्ण जजों का अखाड़ा बनने से रोका जाए। #AbolishCollegium
न्यायिक निष्पक्षता का ये हरगिज मतलब नहीं कि जजों की नियुक्ति जज ही करेंगे। इसीलिए उच्च न्यायपालिका आज केवल सवर्ण जजों का महासभा बनकर रह गया है।
संविधान में कॉलेजियम सिस्टम का कोई प्रावधान नहीं है। इसे बंद करके न्यायिक नियुक्ति को पारदर्शी बनाया जाए। #AbolishCollegium
SC, ST और OBC वर्गों के लाखों युवा कानून की पढ़ाई करते हैं, अनगिनत काबिल वकील हैं, परंतु भ्रष्ट कॉलेजियम सिस्टम के चलते बतौर जज उनकी नियुक्ति नहीं हो पाती।
कॉलेजियम सिस्टम को खत्म किया जाए और न्यायपालिका को सवर्ण जजों का अखाड़ा बनने से रोका जाए। #AbolishCollegium
कॉलेजियम सिस्टम भंग करो,
न्यायपालिका में आरक्षण लागू करो।
भ्रष्ट Collegium System की आड़ में मी लॉर्ड लोग बस अपने सजातीय बेटे, बेटी, दामाद, भतीजे.. को ही जज नियुक्त करते हैं। यही वजह से है कि SC, ST एवं OBC समुदायों के लोग जजों की लिस्ट में नदारद होते हैं। #AbolishCollegium
बंद दरवाजों के पीछे होने वाली न्यायिक नियुक्तियां कभी भी निष्पक्ष नहीं हो सकतीं। सवर्ण जज अपने सजातीय रिश्तेदारों को जज बनाकर देश की जनता पर थोप रहे हैं।
जजों की नियुक्ति की मुख्य योग्यता सजातीय रिश्तेदारी ही है। आखिर SC, ST, OBC को भागीदारी कब मिलेगी? #AbolishCollegium
बंद दरवाजों के पीछे होने वाली न्यायिक नियुक्तियां कभी भी निष्पक्ष नहीं हो सकतीं। सवर्ण जज अपने सजातीय रिश्तेदारों को जज बनाकर देश की जनता पर थोप रहे हैं।
जजों की नियुक्ति की मुख्य योग्यता सजातीय रिश्तेदारी ही है। आखिर SC, ST, OBC को भागीदारी कब मिलेगी? #AbolishCollegium
कॉलेजियम सिस्टम भंग करो,
न्यायपालिका में आरक्षण लागू करो।
भ्रष्ट Collegium System की आड़ में मी लॉर्ड लोग बस अपने सजातीय बेटे, बेटी, दामाद, भतीजे.. को ही जज नियुक्त करते हैं। यही वजह से है कि SC, ST एवं OBC समुदायों के लोग जजों की लिस्ट में नदारद होते हैं। #AbolishCollegium
बलिया ज़िले के रसड़ा विधानसभा से बसपा विधायक श्री उमाशंकर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है।
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व परिवारजनों और समर्थकों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
🙏🙏
बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह ने जो रसड़ा विधानसभा क्षेत्र की ही नहीं बल्कि पूरे बलिया जिले की जनता के लिए जो कार्य किया किए शायद ही पूरे प्रदेश में कोई ऐसा विधायक हो जो इनकी तरह काम करके दिखाया हो।
मुझे याद है जब विधायक उमाशंकर सिंह जब बलिया जिले के एक मेडिकल कॉलेज की सदन में बात रख रहे थे तब उन्होंने कहा कि सरकार को अगर मेडिकल कॉलेज बनवाने के लिए 30 बीघा ज़मीन जनहित के लिए सरकार को देने के लिए तैयार हूँ।
मुझे याद है कोरोना काल में जब बलिया में कोरोना से लड़ाई लड़ रहे लोग ऑक्सीजन के लिए भटक रहे थे तब बसपा विधायक उमाशंकर सिंह उन लोगों के लिए एक मसीहा बनकर सामने आए जिन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की और लोगों स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई कमी न होने दी।
मुझे याद है कुछ ही समय पहले जब बलिया में बाढ़ के कारण कई परिवार प्रभावित हो गए थे तब बाढ़ पीड़ित परिवारों को मदद करने के लिए विधायक उमाशंकर सिंह सबसे आगे खड़े थे और कहा कि आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है आपकी इस मुसीबत की घड़ी में मैं आपके साथ खड़ा हूँ।
सच में नेता विधायक तो बहुत देखे लेकिन उमाशंकर सिंह जी के जैसा विधायक नहीं देखा अपने क्षेत्र अपने जिले की जनता को लेकर उतने ही चिंतित रहते थे जैसे कोई जिम्मेदार पारिवारिक व्यक्ति अपने परिवार को लेकर चिंतित रहता हो।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि
बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं रसड़ा विधानसभा से विधायक उमाशंकर सिंह जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है।
उन्होंने जनसेवा, सामाजिक सरोकार और अपने क्षेत्र के विकास के लिए जो योगदान दिया, उसे सदैव स्मरण किया जाएगा। उनका निधन राजनीतिक एवं सामाजिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों, समर्थकों एवं शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
ॐ शांति।
बहन जी की आवाज से उनके दुख का अंदाजा लगा सकते है. एक वफादार नेता हर पार्टी के लिए एक कीमती पूँजी होती है जो बीएसपी ने खोया है उसका अंदाज बहन जी की इस बात से लगायें कि “ भाई तो बहुत बने पर उमाशंकर सिंह को छोड़कर सबने धोखा दिया”
यूपी में रसड़ा (बलिया) से बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। वे कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
दिवंगत जननेता उमाशंकर जी को विनम्र आदरांजलि एवं उनके परिवार व समर्थकों के प्रति गहरी संवेदनाएँ। 🙏
बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के कर्मठ, ईमानदार व पूरी तरह से वफादार बलिया की रसड़ा सीट से लोकप्रिय विधायक श्री उमाशंकर सिंह की आज शाम लम्बी बीमारी की वजह से इलाज के दौरान देहान्त हो जाने की ख़बर अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनके सभी चाहने वालों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा की जितनी भी तारीफ की जाये वह कम है। उनका पूरा परिवार बी.एस.पी. परिवार की तरह है तथा उनके परिवार के सभी लोग मुझे बड़ी बहन की तरह ही पूरा आदर-सम्मान देते हैं।
उनके पुत्र से लगातार सम्पर्क बने रहने के दौरान ही आज शाम उनके देहान्त की ख़बर उनके पुत्र से ही मिली। इस दुख की घड़ी में मैं व पूरी पार्टी उनके व उनके परिवार के साथ है तथा उन्हें किसी भी प्रकार से हिम्मत नहीं हारना है बल्कि इस परिस्थिति का सामना करते हुये आगे बढ़ना है। कुदरत उन सभी लोगों को इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
मेटा यानी फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम ने क़बूल कर लिया है वह भारत में लोगों की फ़ीड या टाइमलाइन पैसे लेकर बदल देती है। पैसे लेकर वह एल्गोरिथम बदलती है। किसी मुद्दे को लोकप्रिय और किसी को अलोकप्रिय बनाती है। किसी टॉपिक को वायरल करती है तो तो किसी टॉपिक को दबा देती है।
जो आपकी टाइमलाइन को कंट्रोल करता है, वह आपके दिल और दिमाग़ को कंट्रोल करता है।
ये दुनिया में लोकतंत्र का सबसे बड़ा संकट है।
मेरे विचार।
आज राजकीय विमान तल भोपाल में मंडला एवं डिंडोरी जिले से पधारे बैगा समाज के सम्माननीय स्वजनों एवं प्रतिनिधियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से सौहार्दपूर्ण शिष्टाचार भेंट की।
इस आत्मीय मुलाकात के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने माननीय मुख्यमंत्री जी का मोर कलगी और पारंपरिक पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने बैगा समाज के प्रतिनिधियों की अपेक्षाओं, सुझावों एवं विभिन्न स्थानीय समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके यथोचित निराकरण हेतु आश्वस्त किया।
इसके साथ ही समाज के सदस्यों ने मंडला एवं डिंडोरी जिलों में आयोजित होने वाले आगामी सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री जी को आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
भारत के आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री @DrMohanYadav51 जी के नेतृत्व में प्रदेश में सर्व आदिवासी समाज सहित बैगा स्वजनों जैसी विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के कल्याण, सम्मान और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर किए जा रहे जनहितकारी कार्यों के प्रति मैं हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।
मुख्यमंत्री जी द्वारा हम सभी को अपना अमूल्य समय, स्नेहपूर्ण आत्मीय मार्गदर्शन एवं सद्भावपूर्ण संवाद का अवसर प्रदान करने के लिए सादर आभार🙏
#बैगा_समाज