क्या आपने कभी उड़ती हुई गिलहरी देखी है ?
*Flying Squirrel*
छत्तीसगढ़ के उदन्ति सीतानगर टाइगर रिज़र्व (बम्हनी झोला ग्राम) के वन रक्षक टी के देवांगन द्वारा अपने कमेरे से लिया गया ये शॉट।
“Goodbye India, See You in China”
ये कहना है अरुणाचल प्रदेश के रहने वाले लोगों का,
अगर ये सच है तो बेहद ही भयावह व गंभीर चिंता का विषय है,
यह देश से जुड़ा गंभीर विषय है,
��ेरा सरकार से मांग है इसको लेकर अरुणाचल प्रदेश से संबंधित एक क्लियर स्टेटमेंट जारी है,
आखिर वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश की क्या स्थिति है,
क्या वाकई में चीन हमारे प्रदेश को धीरे धीरे कब्जा कर है?
सरकार बताए।
जेपीएससी-जेएसएससी में भारी अनियमितता, प्रत्यक्ष धांधली के खिलाफ आज (बुधवार) सत्याग्रह धरना का 12वाँ दिन तथा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का चौथा दिन जारी है...
शरीर के कई अंग प्रभावित हुए हैं। फिर भी आप सबों के स्नेह, आशीर्वाद व समर्थन से हम लोग अडीग हैं।
हम लोग जीतेंगे।
@JharkhandCMO@Tigerjairam@Wangchuk66 #hungerstrike
ये मोहम्मद इरफ़ान हैं, इन्हें औपचारिक शिक्षा नहीं मिली।
दिल्ली की एक झुग्गी बस्ती में रहते हैं, ये भी जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का हिस्सा थे लेकिन लोगों तक इनकी आवाज़ शायद पहुंच नहीं सकी,
लोकतंत्र ���र इनकी बात एक बार ज़रूर सुनिए।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला के नेरवा स्कूल में बच्चों से संवाद किया। इस दौरान 12वीं कक्षा की बच्ची आकृति ने मुख्यमंत्री से मिल डे मील को लेकर सवाल पूछा. बच्ची ने कहा कि आठवीं तक बच्चों को मिड डे मील मिलता है, 12वीं तक क्यों नहीं. हम बच्चे नहीं हैं क्या? इस पर मुख्यमंत्री ने बड़��� सहजता से कहा कि आपने हमें एक नया विचार दिया है, हमारी सरकार इसे लेकर विचार करेगी.
Sukhvinder Singh Sukhu | Shimla | Himachal Pradesh | #SukhvinderSinghSukhu | #Shimla | #MidDayMeal | #Education
इस सीजन IPL की व्यूअरशिप और रेटिंग में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है।
क्रिकेट फैंस में भी पहले जैसा उत्साह नजर नहीं आ रहा। अगर यही स्थिति रही, तो इसका असर IPL की इकॉनमी और उसके ब्रांड वैल्यू पर पड़ना तय है।
पिछले साल ऑनल��इन गेमिंग को लेकर बने नए प्रमोशन और रेगुलेशन कानून के बाद यह पहला IPL है। इस सीजन के जो डेटा सामने आ रहे हैं, उनसे तो यही लगता है कि कहीं न कहीं गेमिंग और फैंटेसी प्लेटफॉर्म्स ही IPL को चला रहे थे।
रही-सही कसर क्रिकेट को मैनेज करने वालों ने निकाल दी। क्रिकेट को पैसा देने वाली मशीन बना दिया गया, नतीजा यह हुआ कि पिछले कुछ सालों में too much cricket खेला जाने लगा।
साथ ही एंटरटेनमेंट के नाम पर खेल को इतना बल्लेबाजों के पक्ष में झुका दिया गया कि गेंदबाजों के लिए बहुत कम बचा। 200 रन अब सामान्य स्कोर बनता जा रहा है, और इसी साल कई 200+ स्कोर देखने को मिले हैं।
अगर एक-दो सीजन और ऐसा ही रहा, तो मैनेजमेंट स्कूलों में IPL एक केस स्टडी की तरह पढ़ाया जाएगा-कि कैसे दुनिया की सबसे सफल स्पोर्ट्स लीग्स में से एक ने अपनी ही सफलता के बोझ से दर्शकों को थकाना शुरू कर दिया।
विकास की तेज रफ्तार
सड़कों के निर्माण से शहर से जुड़ रहे गांव...
कबीरधाम जिले के अंतिम छोर पर बसा सेजाडीह गांव कभी यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ चढ़ना और पगडंडियों से गुजरना पड़ता था। लेकिन सड़क के निर्माण से गांव की तस्वीर बदल चुकी है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से सेजाडीह तक 2.10 किमी लंबी सड़क 1.56 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई है। सड़क बनने से अब यहां के लोग आसानी से गांव से बाहर निकलकर बाजार, अस्पताल और अन्य सेवाओं तक पहुंच पा रहे हैं।
@vishnudsai@ChhattisgarhCMO@ArunSao3@KabirdhamDist
#PMGSY #Chhattisgarh #Kabirdham