#GodMorningmonday
वेदों में प्रमाण है,
कबीर साहेब भगवान है!
ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18 में
कहा है कि पूर्ण परमात्मा कविर्देव
(कबीर परमेश्वर) तीसरे मुक्ति धा�� अर्थात् सतलोक में एक गुम्बज में रहता है।
देखिए Visit Sant Rampal Ji Maharaj Youtube Channel पर
#santrampaljiquotes
#सत_भक्ति_संदेश
यदि गुरु जी का स्थान आपके निवास के
निकट हो तो प्रतिदिन सेवा के लिए जाइये।
यदि दूर है तो उनकी याद पल-पल करनी
चाहिए इससे साधक का हित होता है यानि
लाभ प्राप्त होता है।
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें,
Sant Rampal Ji Maharaj Youtube Channel पर
#GodMorningTuesday
#सत_भक्ति_संदेश
��ाजनीति नही धर्मनीति हमने न तो वोट लेने न राजनीति मे आऊं गारंटीड बात है सरेआम कह रहा हूं बंदीछोड सतगुरु रामपाल जी महाराज
अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखें सत्संग साधना चैनल पर प्रतिदिन शाम 07:30 बजे और "संत रामपालजी महाराज" यूटूब चैनल अवश्य देखे
#GodMorningTuesday
#GodMorningTUESDAY
वास्तविक भक्ति
कहाँ नाद कहाँ बिन्द ने भाई। नाम भक्ति बिन लोक न जाई ।।
भावार्थ :- चाहे कोई नाद वाला है, च��हे बिन्द वाला है।
यदि नाम की वास्तविक भक्ति है तो सतलोक जा सकेगा।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#सत_भक्ति_संदेश _______🌺 🌺
#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद पूरा समाज को बिगाड़ने का ठेका ले लिया था क्या?
जो मन मे आए वही लिख दिया अपने सत्यार्थ प्रकाश में।
Factful Debates YouTube Channel
क्या एक रक्षाबंधन का धागा सच में आपकी रक्षा कर सकता है? 🤔
अगर हाँ… तो फिर राखी बंधवाने के बाद भी दुर्घटनाएँ, अकाल मृत्यु और जीवन के संकट क्यों आते हैं?
इस रक्षाबंधन विशेष ��त्संग में सामने आएगा एक ऐसा सवाल, जिसका जवाब आपकी वर्षों पुरानी मान्यता को सोचने पर मजबूर कर सकता है।
🔱 असली रक्षक कौन है?
📿 क्या राखी का धागा भाग्य बदल सकता है?
⚖️ क्या देवी-देवता प्रारब्ध कर्म को काट सकते हैं?
📖 वेद और गीता वास्तव में परमात्मा की शक्ति के बारे में क्या प्रमाण देते हैं?
✨ और वह कौन-सा तत्वज्ञान है, जो घोर कर्मों के बंधन से मुक्ति का मार्ग बताता है?
30 अगस्त 2026 | सुबह 11:00 बजे
इस विश���ष सत्संग में जानिए —
“रक्षाबंधन का धागा वास्तव में रक्षा करता है या नहीं?”
⚠️ सच जानने के लिए इस सत्संग को अंत तक जरूर देखें।
हो सकता है, जो आप आज तक रक्षा समझते आए हैं… उसकी वास्तविकता कुछ और हो।
#RakshaBandhan #RakshaBandhanSpecial #SantRampalJiMaharaj
#सत्यार्थ प्रकाश के प्रथम समुल्लास में ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव जी की उपासना के लिए मना किया है,
जबकि मान्यता है कि ये तीनों देवता हमारे शरीर के कमल दलों में स्थित हैं!
आर्य समाजी बताएं, शरीर के इन त्रिदेवों की स्थिति को नकारना कहाँ तक तर्कसंगत है?