यह सिर्फ़ एक पैकेट काजू का मामला नहीं है बल्कि यह पैकेज्ड फूड सिस्टम की सड़ी हुई सच्चाई है।
DMart जैसे बड़े रिटेलर और Pro V जैसे ब्रांडेड प्रोडक्ट में कीड़े मिलना कोई दुर्घटना नहीं, यह क्वालिटी कंट्रोल की खुली नाकामी है।
जब महंगे दाम लेकर बेचे जा रहे ड्राय फ्रूट्स में कीड़े निकलें तो यह साफ है कि स्टोरेज , सप्लाई चेन , पैकिंग और इन-हाउस चेक सब फेल हैं। ब्रांड नाम सिर्फ़ भरोसा बेचने के लिए है , जमीन पर निगरानी शून्य है।
सबसे बड़ा सवाल @fssaiindia कर क्या रहा है?
• क्या पैकिंग से पहले कोई वास्तविक इंस्पेक्शन होता है?
• क्या गोदामों की नियमित जांच होती है या सिर्फ़ कागज़ों में?
• क्या कंज़्यूमर शिकायतों पर सैंपल टेस्ट होते हैं या मामला दबा दिया जाता है?
• एक्सपायरी से पहले ही खराब हो चुके प्रोडक्ट्स बाज़ार में कैसे पहुँच रहे हैं?
• बड़े ब्रांड होने पर क्या कार्रवाई से छूट मिल जाती है?
जब पूरा देश ‘इंदौर’ में ‘ज़हरीला पानी’ पी कर मरे बच्चों की मौत का जवाब मांग रहा हो
तब
‘जबलपुर’ जा कर ‘रामायण मेले’ की घोषणा कर दो
हर बार अपनी प्रशासनिक नाकामियों और विफ़लताओं की ढाल प्रभु श्रीराम को बनाओ
‘धर्म’ के पीछे अपने ‘पाप’ छिपाओ
वाह रे पाखंडियों !
वाह रे धर्मद्रोहियों !
This is how daily cookies are made and sold under multiple brand labels.
FSSAI is shameless, but why is government sleeping?
Why are we not shutting down such factories?
Amit Shah was blaming Mamata Banerjee for not allowing for border fencing around Bangladesh.
This is Meghalaya border . BJP is ruling here. Look how easily Bangladeshis are roaming.
इस व्यक्ति ने नागार्जुन गौड़ा और अन्य IAS अफ़सरों की पोल खोली थी…
अब ये नागार्जुन गौड़ा इस व्यक्ति को मानहानि के नोटिस भेजकर धमकी रहा है…
मतलब चोरी और उपर से सीनाज़ोरी….
काम एक टके का नहीं किया…
AI से बनी हुई फ़ोटो जल संचय पोर्टल पर चिपका दी..
और जिस व्यक्ति ने आपकी पोल खोली..
अब उसे ही धमका रहे हो…
ग़ज़ब की प्रशासनिक सेवाएँ की जा रही है…
UPSC इस देश का सबसे बड़ा अभिशाप है।
एक ऐसा भ्रष्ट सिस्टम जिसकी नींव सामंतवादी सोच पर आधारित है।
एक ऐसा भ्रष्ट सिस्टम जिसकी न कोई जवाबदेही है और न ज़िम्मेदारी।
एक ऐसा सिस्टम जिसकी उपयोगिता और उपलब्धिता दोनों नगण्य हैं।
A system with Complete Authority and Zero Accountability.
एक लोकतांत्रिक देश में, जो जनता के दिए टैक्स पर चलता है, वहाँ ऐसी राजशाही व्यवस्था का न कोई स्थान होना चाहिए था और न कोई औचित्य।
आप खोज लीजिए कि इस तंत्र ने इस देश को क्या दिया है।
10 ढंग की उपलब्धियाँ नहीं गिना पाएंगे। वही मनरेगा और आधार गिनाएँगे ये।
अरे उपलब्धि छोड़िए, आप कुछ देर के लिए सोचें और एक चीज़ बताएँ इस देश में जो बिल्कुल सुव्यवस्थित है।
सिर्फ़ एक चीज़।
जन्म प्रमाण पत्र से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र तक।
आपको एक ऐसी चीज़ नहीं मिलेगी जो आप कह सकें कि सिस्टम एकदम दुरुस्त है, एकदम streamlined है।
कहते हैं कि चारित्रिक निर्माण की सही उम्र 18-21 वर्ष है। और UPSC के चयन की न्यूनतम आयु ही 21 वर्ष है क्योंकि चारित्रिक निर्माण कभी इस तंत्र का ध्येय था ही नहीं।
इसका ध्येय ही था राजशाही व्यवस्था को बनाए रखना, लोकतंत्र के नाम पर।
एक अधिकारी सोलर प्लांट लगाने के लिए 5% कमीशन माँग रहा है तो लोग हाय तौबा मचा रहे हैं।
आप बताइए कि सोलर प्लांट 1 साल में लगे, 5 साल में लगे, 50 साल में लगे या न लगे, क्या कोई ज़िम्मेदारी है इन अधिकारियों की?
नहीं है। प्लांट लगे या न लगे, इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। कमीशन दीजिएगा तो लगाने की परमिशन मिलेगी, नहीं दीजिएगा तो नहीं मिलेगी।
बात बस इतनी ही है।
फिर क्यों न माँगे वो कमीशन?
वो तो अपनी किस्मत मानिए कि कुछ ऐसे मुट्ठी भर लोग हैं जो ऐसे corrupt सिस्टम में रहकर भी ईमानदार हैं और थोड़ा बहुत तक न्यायपालिका का डर है, जिसकी वजह से ये देश चल रहा है, वरना कब का बिक चुका होता देश।
आप ऐसी व्यवस्था को बनाए रखने का जो भी तर्क ढूँढे, सवाल यही रहेगा की
तू इधर उधर की न बात कर,
ये बता कि क़ाफ़िले क्यूँ लुटे
₹1,500 CRORE.
That’s the scale of the land scam exposed in Surendranagar, Gujarat, and it wasn’t run by outsiders, but by top government officials themselves.
The Enforcement Directorate uncovered a full-blown extortion network:
Collector and Deputy Mamlatdar arrested
Cash hoarded at officials’ homes. Over 100 government land files hidden in a Collector’s bungalow. Bribe records casually stored on mobile phones. The method was criminally simple:
Delay land-use approvals → harass landowners → demand crores as “speed money” → fix bribes per square meter → share the loot through agents.
This wasn’t corruption on the margins. This was organized looting using government power.
And the biggest joke? The common man is told to trust the system, pay taxes honestly, and believe in “governance”.
The system is not broken. It’s working exactly for those looting it.
जिस देश में जज के घर से नोटों का बोरा मिलता हो ,
IAS, IPS, IRS फेक सर्टिफिकेट पर नौकरी कर रहे हों ,
बलात्कारियों को कोर्ट से हमेशा जमानत मिल जाती हो ,
ढाई साल की मासूम बच्ची का रेप हो जाता हो ,
फर्जी मुकदमें में 39 साल तक जेल काटनी पड़ती हो ,
उस देश में किसी गरीब को न्याय मिल जाए ये असंभव सा लगता है।
This is a Police Constable’s house in Uttar Pradesh. With his salary, he can’t even afford to build a compound wall of it, yet look at the house. Just imagine the level of corruption
And then Modi says, ‘Na khaunga, Na khane dunga 🤡
> They took 41 days Dīkṣa to meet Ayyappa.
> Now, waiting over 15 hours in queues.
> Shortage of water 😞💔
The mandir is open till Makaravilakku (Jan 14). If we stay silent, this will only get worse 💔
Raise your voice, create maximum outrage, and save the devotees 🙏🏻
@mansukhmandviya@fssaiindia Now the case is closed without anu proper report. I highly doubt if there will be any stringent action. @mansukhmandviya food safety is complete joke here.