@JATbera1 School time में मोबाइल फोन कैसे use कर रहे हो साहब ??
वो भी एक संवैधानिक संस्था के खिलाफ ??
आपको पता है न कि RPSC आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकती है
@JATbera1 School time में मोबाइल फोन कैसे use कर रहे हो साहब ??
वो भी एक संवैधानिक संस्था के खिलाफ ??
आपको पता है न कि RPSC आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकती है
@alokrajRSSB आलोक राज जी आप बस डींगे हांकते हो काम कुछ नहीं करते हो ,
हर भर्ती के बच्चे आपसे परेशान है !
Reet वाले। सुपरवाइजर वाले ldc वाले कंप्यूटर अनुदेशक वाले pti वाले /
तो आप।किस चीज के अध्यक्ष हो ?
सिर्फ विदेश यात्रा के ?
पहली बात तो ये पहले से ही दूसरी बार का एग्जाम है !!
दूसरी बात आज से पहले कितनी बार दूसरी बार एग्जाम का बोला था आपने ??
क्या तर्क है कि पेपर हार्ड आया इसलिए एग्जाम दुबारा करवाओ ?
तो 1st ग्रेड 2nd ग्रेड , 3rd ग्रेड वालो का भी एग्जाम दुबारा करवाओ न ??
यदि ईमानदार भर्ती हुए सब इंस्पेक्टरों के साथ न्याय का सिद्धांत अपनाना है तो एग्जाम दोबारा करवाना चाहिए।
वरना सांप के जाने के बाद लकीर पीटने का कोई मतलब नहीं है।
कम से कम मानव मस्तिष्क के अनुसार तो पेपर होना चाहिए, तैयारी के 3 महीने देते हो और पेपर जो 2-4 साल से तैयारी कर रहे हैं उनसे भी नहीं निकल रहा
कमेंट बॉक्स में अपने घर के संस्कार ही प्रदर्शित करना।
जवाबदेही बनती है Sir,,
इस प्रकार नसीहत नहीं दे सकते।
आपको रिजल्ट नहीं निकालना है तो मत निकालो.. काहे का विपरीत करोगे..
आपको पता है जब वापस आचार संहिता लग जाएगी तो आपने ये 28 सितंबर की डेट क्यों दी..
आप परमिशन Q नहीं लेते रिजल्ट निकालने की.. लेकिन आपको तो विदेश घूमना था....
Bhai राजस्व विभागe लगे सभी अधिकारी कर्मचारी किसी न किसी शिक्षक से जरूर पढ़े होंगे ??
तो जाहिर से बात है उन्होंने भी भर्ती के बाद ये सब प्रोसेस बताई होगी ?
तो फिर आपकी खुनस सिर्फ इनसे क्यों है ?
न ये कोचिंग चलाते है न ही इनका कोई ऑनलाइन कोर्स बिकता है ,
SI सहित RPSC की किसी भी नौकरी में लगना हो तो इन्हीं से पढ़ना पड़ेगा ?
शेखी बघारने की भी कोई हद होती है..!! 🤦
जो @SantoshBishnoi_ जी से पढ़े है वही SI बन पाएंगे बाकी सब को घर जाना होगा..!! 😑😞
#SI#RPSC
@Reng870@ganpatsingh1@Dheersdhabhai 🥺👍👍tyag , but unhe bolo dheere dheere aap bhi coching mafia hi ban rahe ho ,pahle online fir book content or ab offline bhi !
मैंने दो कॉमेडियन्स का वीडियो देखा, हँसी ढूँढ़ता रहा, मसखरी दिखाई दी,
सटायर ढूँढता रहा, संवेदन-शून्यता दिखायी दी.
परिहास ढूँढता रहा, बदतमीज़ी दिखाई दी.
एक वृद्ध महिला को कुर्सी और आदर देना अगर मज़ाक़ का विषय है, तो ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि मैं आजीवन मज़ाक़ बन के जीता रहूँ और एक दिन मज़ाक़ बनके ही इस निर्मम दुनिया से चला जाऊँ.
विरोध करना लोकतांत्रिक-अधिकार है, लेकिन मर्यादा से गिरना चारित्रिक-पतन है.
परमात्मा मुझे वो दिन न दिखाए कि मैं अपने महान भारतवर्ष में कभी जोकर-राज देखूँ.
मेरे बच्चों, जेन ज़ी के चिराग़ों, हँसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना, पंचतंत्र की कहानियाँ पढ़ लेना, तेनालीराम के किस्से पढ़ लेना, लेकिन ऐसे भावना-शून्य जोकरों को अपनी मोबाइल स्क्रीन पर जगह देकर, अपने माता-पिता की परवरिश को लज्जित मत करना. जीते रहो!