कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है।
• नीलेश यादव: 108 एकड़
• गोविंद यादव: 47 एकड़
• मोहन यादव: 17 एकड़
• सीमा यादव: 11 एकड़
• वैभव यादव: 17 एकड़
• शालिनी यादव: 10 एकड़
• नारायण यादव: 19 एकड़
• नंदलाल यादव: 17 एकड़
• कलावती: 17 एकड़
• अभय यादव: 16 एकड़
• रेखा यादव: 6 एकड़
• इस मामले में 4 रियल स्टेट कंपनियों का जिक्र हुआ है और इनमें बहुमत हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की है
• मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है। वहीं, मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है
• तीन अलग-अलग कंपनियों में परिवार के करीबी रिश्तेदारों की बड़ी हिस्सेदारी है
• मोहन यादव के मंत्री रहने और फिर मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सारे रोड प्रोजेक्ट्स इन जमीनों के आसपास से निकले
: @INCMP अध्यक्ष @jitupatwari जी
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
देशप्रेम, मानवता एवं सत्य के
हमसफ़र हम ‘एक लक्ष्य’ के!
श्री राहुल गांधी जी को सार्थक-सक्रिय जीवन की सद्-कामनाओं के साथ जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
@RahulGandhi@IndiaAllliance
Thank you, Thiru Vijay, for your warm wishes.
We remain united in our commitment to the Constitution and to strengthening our democracy - and together, we will keep working for the welfare, dignity, and aspirations of the people of Tamil Nadu.
पता है, भारत की सिर्फ़ 5 परीक्षाओं - NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी पर छात्र और उनके परिवार हर साल कितना ख़र्च करते हैं?
₹3.5 लाख करोड़।
यानी भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट का लगभग तीन गुना। शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, विज्ञान और महिला-बाल विकास - इन पाँच मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर।
और बदले में करोड़ों युवाओं को क्या मिलता है? तनाव, अनिश्चितता, बेरोज़गारी, और टूटते सपने।
जो ख़र्च सरकार की ज़िम्मेदारी है, उसका बोझ आज परिवार उठा रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
कांग्रेस पार्टी से जो-जो नेता बाहर निकले थे,और उन्होंने अपने-अपने दल खड़े किए। चाहे महाराष्ट्र हो, चाहे पश्चिम बंगाल हो, चाहे ओडिशा हो, चाहे तेलंगाना हो, चाहे आंध्र हो। सभी को कांग्रेस में आकर कांग्रेस के झंडे के नीचे अपनी नई शुरुआत करनी चाहिए
- संजय राऊत