अनपेड ओवरटाइम: एक रिपोर्ट के मुताबिक, 40% भारतीय हर सप्ताह 6 से 15 घंटे बिना भुगतान के कर रहे काम
बिना वेतन ओवरटाइम करने में भारतीय कर्मचारी दुनिया में नंबर-1
#patrika#rajasthanpatrika
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नहीं हो रही सुनवाई, पड़ रही डबल मार,6 साल से नहीं हो रही पदोन्नति एवं 2018 यानि 8 साल से हो रहा तबादलों का इंतजार,शिक्षक संघ @RESTARajasthan की मांग है कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों की दोनों मांगो को अतिशीघ्र पूरा किया जाएं।@rajeduofficial
#Sikar: राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत की महा आक्रोश रैली
बड़ी संख्या में शिक्षक सड़कों पर उतरे, सीकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली...
#RajasthanWithFirstIndia@DcDmSikar
VIP मूवमेंट के लिए युवती पर खौलता पानी, क्यों पिस रही जनता?
◆ CM भजनलाल के काफिले के लिए पुलिस ने महिला पर फेंका खौलता हुआ पानी, चीखती-चिल्लाती रही लड़की
◆ जानकारी के मुताबिक, युवती बेच रही थी मोमोस, तभी पुलिसकर्मियों ने VIP मूवमेंट के लिए खाली करवाई सड़क
Jaipur | Rajasthan | CM Bhajanlal Sharma
सरकार ने की पेट्रोल में मिलावट, किसानों ने की दूध में मिलावट
◆ जयपुर के किसानों में पेट्रोल में मिले इथेनॉल को लेकर फूटा गुस्सा, किसानों ने जारी किया M-20, M-50, M-100 दूध
Adulterated milk | Jaipur
यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा –
"चंपत राय के ड्राइवर नहीं होते। उनके नाइट पार्टनर/लाइफ पार्टनर/बॉयफ्रेंड होते हैं। चंपत राय जब VHP कार्यालय दिल्ली में रहते थे, तब भी वो बिना लड़कों के सोते नहीं थे"
First experience at civil court :
MiLaard takes chair at 11:30AM
99% cases just get a new date
Lunch break from 1PM to 3PM
Everyday is a new blackpill!!
#Jaipur: प्रदेश में मॉडल स्कूलों का मॉडल ही कमजोर !
राजसमंद में 208 स्वीकृत पदों में 101 पद अब भी खाली, करीब आधे से ज्यादा पदों पर नहीं है शिक्षक, विज्ञान और गणित के शिक्षक सबसे ज्यादा गायब, 3719 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर, 49 पदों में सिर्फ 14 पर ही शिक्षक कार्यरत, 35 पद अब भी खाली, व्यवस्था बेहाल, प्रथम स्तर के 21 में से 16 पद रिक्त, अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में बढ़ी चिंता, भर्ती प्रक्रिया शुरू, जल्द नियुक्तियों की उम्मीद
#RajasthanWithFirstIndia #JaipurNews @RajGovOfficial@i_dimplesharma
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
जिस हिसाब से लखनऊ अग्निकांड के बाद कोचिंग सेंटर सील हो रहे हैं उस हिसाब से -
>रोड सही करवाना तो रोड एक्सीडेंट में मरना पड़ेगा
>हॉस्पिटल में व्यवस्था सही करवाना हो तो 10-15 लोगों को मरना पड़ेगा
>नालियां सही करवानी है तो 10-15 लोगों को नाली में गिरना पड़ेगा।
वाह रे व्यवस्था
आज जयपुर के प्रताप नगर में सुश्री रेशु गुप्ता जी के आवास पर पहुँचकर उनसे मुलाकात की। उनके झुलसे हुए हाथ की हालत देखकर रूह काँप उठी। दर्द से कराहती रेशु गुप्ता जी की आँखों में अपनी रोज़ी-रोटी उजड़ने का दर्द साफ़ दिखाई दे रहा था। यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार के सामने एक गरीब की आजीविका और सम्मान को VIP संस्कृति की भेंट चढ़ा देने की बेहद पीड़ादायक कहानी है।
कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री जी के वीआईपी काफिले को निकालने के दौरान पुलिस द्वारा उनके फूड स्टॉल को जबरन धक्का देकर पलट दिया गया, जिससे वे गर्म पानी की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं।
मैं मुख्यमंत्री जी से पूछना चाहता हूँ, क्या आपका वीआईपी काफिला किसी गरीब की रोज़ी-रोटी और उसकी जान से भी ज्यादा महत्वपूर्ण है? आखिर किस अधिकार से एक मेहनतकश महिला की आजीविका को इस तरह रौंद दिया गया ? भाजपा राज में गरीब की रोज़ी-रोटी उजाड़ दी जाती है, लोग घायल हो जाते हैं और सरकार कार्रवाई तो दूर, एक शब्द तक बोलने को तैयार नहीं है। सत्ता के अहंकार का इससे बड़ा जीवंत उदाहरण और क्या हो सकता है? यह घटना केवल अत्यंत पीड़ादायक ही नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार और प्रशासनिक संवेदनहीनता का शर्मनाक उदाहरण भी है।
मुख्यमंत्री जी, मेरी मांग है कि इस घटना के दोषी अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। पीड़िता को उचित मुआवजा दिया जाए तथा उनकी आजीविका के लिए संविदा पर नौकरी दी जाए।
मैं ईश्वर से सुश्री रेशु गुप्ता जी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूँ। सुनिए, पीड़िता की जुबानी उसकी दर्दभरी आपबीती...
@RajCMO@BhajanlalBjp