Buy back of shares - आइए इस प्रावधान से देखें इस रिटर्न में आपको क्या फायदा हो सकता है । वैसे आपकी दिलचस्पी पैदा करने को मैंने एक गलती छोड़ी है । पढ़िए और ढूँढिये । वैसे यह गलती आपकी टैक्स देयता पर कोई फ़र्क़ नहीं डालेगी । 🧑🎤🧑🎤
Hundreds of consumers have raised complaints about getting exorbitant bi-monthly electricity bills this year compared to last year. Particularly, domestic consumers in the city claimed that they were shocked seeing the electricity charges for the bi-monthly usage of June and July.
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Some rubber parts and gaskets in BS-III vehicles may need replacement when using E20 fuel, according to a study commissioned by the Centre, the Union government informed Parliament on Tuesday (July 28, 2026). ✍️@jagritichandra
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मोबाइल नाम का खिलौना, आज हरेक हाथ में है,
सबको भ्रम है, सारी दुनिया उसके साथ में है।
घर में बैठे लोग मगर, आपस में अनजान हुए,
दूर के चेहरों से मिलकर, अपनों से बेध्यान हुए।
रीलों में सुबह ढल जाती, स्टेटस में फिर शाम हुई,
लाइक गिनते-गिनते जाने, कब जीवन की उम्र कम हुई।
काम हुआ या नहीं हुआ, इसका कोई हिसाब नहीं,
वक्त मजे से कट रहा है, इससे बढ़कर ख्वाब नहीं।
मोबाइल तो स्मार्ट हुआ, इंसान कहाँ कुछ सीख सका,
भीड़ से हर पल जुड़ा रहा, अपने मन से बात न कर सका।
Bill-To / Ship-To वाले मामलों में नई Advisory -
जहाँ माल खरीदने वाला कोई और है, लेकिन माल किसी दूसरी जगह या दूसरी पार्टी को भेजा जा रहा है, वहाँ अब ई-वे बिल बनाते समय जिसके पास माल भेजा जा रहा है उसका GSTIN भी भरना होगा।
यदि माल पाने वाला व्यक्ति जीएसटी में पंजीकृत नहीं है, तो वहाँ URP लिखना होगा।
उदाहरण:
A ने B से माल खरीदा, लेकिन कहा कि माल सीधे C को भेज दो। अब ई-वे बिल में C का GSTIN देना जरूरी होगा। यदि C अपंजीकृत है, तो URP लिखा जाएगा।
रजिस्ट्रेशन के लिए जारी 14A के साइड इफेक्ट्स सामने आने लगे हैं और हर बार की तरह फिर ITC तो ख़रीददार की ही रुकती है !!!!!!
देखिए मासिक का अनुमान कुछ मामालों में ग़लत भी हो सकता है तो फिर उपाय यह होना चाहिए कि जिस दिन विक्रेता को पता चलता है कि वह सीमा पार कर गया है वो opt out कर जाये और संबंधित अधिकारी जो भी कार्यवाही करनी हो वह एक सप्ताह में निपटा कर Accept कर ले अन्यथा यह Auto Accept हो जाये ।
इससे क्रेता - विक्रेता दोनों पक्षों की समस्या आसानी से दूर हो सकती है । यदि 14A एक सुविधा है तो फिर इस सुझाव को तुरंत कार्यान्वित कर देना चाहिए ।
@FinMinIndia@GST_Council@Infosys_GSTN
GST की शिकायतें आजकल काफ़ी कम सुनाई देती हैं।
सवाल यह है कि क्या सिस्टम में वास्तव में सुधार हुआ है, या फिर GST जैसा भी है, अब हमारी आदत बन चुका है?
लेकिन एक मूल समस्या आज भी जस की तस है—
खरीदार ने माल खरीदा, कर सहित भुगतान किया, बिल भी प्राप्त किया; फिर भी यदि विक्रेता रिटर्न नहीं भरे या कर जमा नहीं करे, तो Input Tax Credit का नुकसान अथवा reversal का भार खरीदार पर आ जाता है।
जिस विक्रेता पर खरीदार का कोई वास्तविक नियंत्रण ही नहीं है, उसकी गलती की सज़ा ईमानदार खरीदार को क्यों मिले?
GST व्यवस्था में इस समस्या का कोई तार्किक, न्यायसंगत और व्यावहारिक समाधान अवश्य होना चाहिए।
— Sudhir Halakhandi
यह उलटबांसी भी खूब है कि जिस राजनीतिक ब्लू चिप ने भारतीय शेयर बाजार को उसकी बडी बुल रन भेंट की, वही भाजपा इस वक्त जब सफलता के शिखरों की ऊंचाई बढा रही है तो शेयर बाजार तलहटी से चिपक गए है !
चुनावी जीत पर अब क्यों नहीं झूमते बाजार ?
विदेशी निवेशकों के लिए क्या बदल गया भारत में ?
क्यों टूट गया शेयर बाजार और भाजपा की जीत का रिश्ता ?
जवाब #artham में @AUTheBonus
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