It is painful to see young students from different parts of the country assembled for days on the streets of New Delhi. Their anxieties and concerns regarding the examination system are genuine and must be handled with empathy and a desire to find a lasting solution. I fervently hope that this is not treated merely as a law-and-order issue to be tackled through the use of force. It is very painful to see that even young girls were brutally mishandled.
Such use of force shall alienate large sections of Indian society from the national goal of Viksit Bharat.
यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न भागों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं। उनकी चिंताएँ और सरोकार वास्तविक हैं। इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए। मुझे पूरी आशा है कि इसे केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा जिससे बलपूर्वक निपटा जाये। मुझे य़ह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया।
ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा।
विपक्ष रोटियाँ सेंक रहा है…
तो आग बुझा दीजिए।
गैस सिलेंडर, माचिस और चूल्हा तो आपके ही हाथ में है।
पेपर लीक रुकवा दीजिए । युवाओ का भविष्य बचा लीजिए ।
राजनीति अपने आप ठंडी पढ़ जाएगी।
ये अच्छी बात है। कम से कम कुछ issues का हल तो निकलेगा, जब बात होगी UPSC पर, SSC के issues पर, Railway exams के issues पर।
छोटी-छोटी जीत ऐसी पहल से ही मिलेंगी।
हमारे पास हर issue की पूरी list है, और हर point के साथ proof भी है। अब ज़रूरत है कि उन पर ईमानदारी से बात हो और समाधान निकले।
लीजिए। मोदी जी की पूरी पोल खुल गई।
2024 में NEET का पेपर लीक हुआ। मोदी सरकार ने इसको मास्टरमाइंड कहकर गिरफ्तार किया। फिर सीबीआई ने जानबूझकर टाइम पे चार्जशीट दायर नहीं की जिसकी वजह से इसको तीन महीने में ही ऑटोमैटिक बेल दिलवा दी।
और आज उसको CBI से मोदी जी ने क्लीन चिट दिलवा दी।
वाह मोदी जी वाह। आप से ना हो पाएगा। क्योंकि आपकी नीयत में खोट है।
अगर पेपर लीक पर संसद में चर्चा होनी ही है, तो प्लीज़ विपक्ष ChatGPT से लॉजिक उठाकर बात न करे।
10 साल से इस मुद्दे को ज़मीन पर, करीब से देख रहे हम जैसे लोगों से पेपर लीक को समझे। तथ्य ले, अनुभव ले, कमज़ोरियाँ समझे और फिर पूरे लॉजिक व तैयारी के साथ संसद में बात करे।
तभी उस चर्चा का कोई मतलब होगा। तभी कोई ठोस निष्कर्ष निकलेगा।
पूरे देश का युवा उस चर्चा को देखेगा। कृपया इस बात का ध्यान रखा जाए कि एक बार फिर उसके दिल न टूटें। उसे यह भरोसा मिलना चाहिए कि इस बार सिर्फ़ बहस नहीं, समाधान की दिशा में बात हो रही है।
@RahulGandhi@yadavakhilesh@ArvindKejriwal@MamataOfficial@PawarSpeaks
हम सिर्फ सरकार द्वारा बताए गए नैरेटिव को चलाते है ,
हम हर वीडियो का उचित दाम लेते है ,
हम छात्रों को एंटीनेशनल, पाकिस्तानी और चीनी कनेक्शन दिखाने में कभी पीछे नहीं हटते है ,
हम बिना फैक्ट चेक किए किसानों , विपक्ष और छात्रों को विलन बना देते है।🌚
किसी भी समाज मे दो तरह के लोग होते है
एक अनिल सिँह बघेल जैसे लोग जो बेलगाम तानाशाही सरकारों के विरुद्ध सड़को पर डंटकर खडे हो जाते है
और एक अभिषेक ठाकुर सनातनी जैसे लोग जो सरकारों के लिए डटकर खडे हो जाते है ताकि उनका भला हो सके
समाज का बौद्धिक स्तर क्या है वो इस बात से तय होता है की वो किसके साथ खड़ा है
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
ये मध्य प्रदेश मऊगंज से ठाकुर अनिल सिंह बघेल है जिन्होंने ने जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में अपना साहस दिखाया
चोट लगने के बावजूद वे मैदान छोड़कर पीछे नहीं हटे। उनका यह जज़्बा बताता है कि राजपूत कभी अन्याय के सामने झुकना नहीं जानते
पूरे आन्दोलन मे अनिल सिह बघेल साहब ही छाऐ रहे
#important
सरकार हो या विपक्ष, दोनों ही शायद अभी तक Paper Leak की असली वजह को नहीं समझ पा रहे हैं। Paper Leak में पकड़े गए लोगों को सज़ा छोड़िए, फाँसी भी दे दी जाए, फिर भी इसे रोकना मुश्किल होगा। जब तक ये नहीं समझा जाएगा कि Paper Leak जन्म कैसे लेता है, तब तक समाधान नहीं निकलेगा।
जब आप Tender में समझौता करके, कई बार Ban हो चुकी छोटी-छोटी कंपनियों को Contract देंगे... वो भी इस शर्त पर कि पार्टी फंड में भी पैसा जाए और कम कीमत में भी परीक्षा करा दी जाए... तो वो पैसा कहीं न कहीं से तो वसूल करेंगी ही। यहीं से Paper Leak की शुरुआत होती है।
उन कंपनियों के पास न पर्याप्त Centres होते हैं, न पर्याप्त Employees। ऊपर से Outsourcing और Subletting इतनी ज़्यादा होती है कि Accountability ही खत्म हो जाती है। फिर आप उम्मीद करेंगे कि ऐसे Paper Leak रुक जाएगा?
अगले साल से NEET CBT Mode में होगा। लेकिन IIT-JEE सहित almost सभी सरकारी नौकरियों की परीक्षाएँ पहले से ही CBT हैं। फिर भी System Hack, Unauthorized Access और Solver Gang पकड़े जाने की खबरें सामने हैं। बस फर्क इतना है कि अब नकल सामूहिक कम और Personalized ज़्यादा हो जाती है।
जब तक सरकार के पास अपना मज़बूत Infrastructure नहीं होगा और परीक्षा व्यवस्था Outsourcing व Private Companies पर निर्भर रहेगी, तब तक सिर्फ़ Offline से CBT कर देने भर से समस्या का स्थायी समाधान निकल आएगा, ऐसा मान लेना उचित नहीं है |