Let’s talk about privilege before bashing my opinion on reservations.The caste census will bring ground realities to light and show us exactly where we stand. It’s time to step out of the bubble, support the census, and fight for the welfare of all.
#CasteCensus#EqualityForAll
डॉ बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था कि जाति व्यवस्था एक ऐसी श्रेणीबद्ध संरचना है, जिसमें हर जाति अपने से नीचे की जाति का अपमान करती है.
आजमगढ़ के एक गांव की इस महिला ने आदरणीय बहन मायावती जी को अपमानित करने वाला वीडियो बनाया.
आजमगढ़ ने पुलिस ने खानापूर्ति के लिए कार्यवाही की. ऐसा इसलिए कह रहा हूँ, क्यों कि सिद्धारी पुलिस पुलिस थाना से छूट कर अपने घर आते ही,
महिला ने एक दूसरा वीडियो बनाकर कह रही है, "मुझे पुलिस भी रोक नही नही पाई". पहले बहनजी का अपमान किया था,
"Cham## जाति का अपमान करूंगी" मां बहन की गंदी गंदी गाली देते हुए कह रही है जो उखाड़ना है उखाड़ लो.
इस महिला का एक एक मिली ग्राम घमंड उखाड़ा जाना चाहिए कानूनी प्रक्रिया के तहत. इस महिला पर SC ST एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए. NSA भी लगना चाहिए, भड़काऊ वीडियो बनाकर देश का माहौल खराब कर रही है.
ये वही अध्यापक है जो बच्चों को जातीय उदाहरण देकर हंसी के ठहाके लगाते है !!
नाम:-ऋषि जैन
कार्य:-अर्थशास्त्र पढ़ाना
आज शर्मिंदा होकर माफी मांगनी पड़ रही है !!
पहले "SC समुदाय के चमार जाति" पर जातिगत टिप्पणी "चोर-चमार" का उपयोग किया वो भी ऑनलाइन जहां पर खुद ही उसी समुदाय के लाखों बच्चे पढ़ रहे थे !!
अध्यापक हो अच्छी शिक्षा दो अगर जातिगत कुंठा फैलाओगे तो कानूनी कार्यवाही की जाएगी "बहुजन सेना टीम" इसलिए पीछे हट गई क्योंकि आप बच्चों का भविष्य बना रहे है और कई बच्चों का बना चुके होंगे !!
बच्चों के भविष्य के लिए एक बार माफ किया जा रहा है अगर @physics__wallah दोबारा ऐसा कोई भी मामला आता है तो FIR दर्ज करवाई जाएगी !!
@vkjatav84@SurajKrBauddh
तुम्हारी मां Choद देंगे... मादरChoद "नेता बन रही थी तू,चल कपड़े निकाल"
थाने के भीतर घुसकर कुछ मावली लोग लड़कियों के साथ खुलेआम गाली गलौज कर रहें है..!
ये सम्मान भरे शब्द दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में बोले जा रहे हैं...।
बेबसी देखिए और सोचिए क्या यह पुलिस आम आदमी को न्याय दिला पाने में सक्षम है।
बेहद चिंताजनक है यह ?
- ब्राह्मण सबके बाप हैं
- ब्राह्मण हमारे बाप हैं
- ब्राह्मण दलितों के बाप हैं
- ब्राह्मण पिछड़ों के बाप हैं
लोनी से BJP विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने ब्राह्मण विरोधी नारेबाजी पर जबरदस्त बयान दिया है
ब्राह्मणों का इस देश के लिए त्याग और बलिदान हर भारतवासी जानता है
@nkgurjar4bjp
इलाहाबाद यूनविवर्सिटी में शांति पूर्वक यूजीसी पर चर्चा कर रहे छात्रों पर ABVP के गुंडो ने लाठी डंडे से हमला कर दिया
जिसमे कुछ लड़को को गंभीर चोट आई है, जो मार खाये है उन्ही को गिरफ्तार भी कर लिया गया है
अब ये जातीय उत्पीड़न नहीं तो क्या है ?
हमारा घर बन रहा था हम वहां गए थे वहां टिंकू सिंह ने हमको पकड़ कर बोला चल तुझे झाड़ी में लेकर चलते है और तेरा बला@कार करते है।
मेरी मम्मी हमको बचाने गई उसका हाथ पांव तोड़ दिया मेरी मम्मी को इतना बुरा मारा कि देख कर हमे रोना आ रहा है..🥺
भगवा पहना है तो NSA/UAPA लगना मुश्किल है मगर सुनो क्या कह रहा है।
संविधान नहीं मानेगा मनुस्मृति को उससे ऊपर मानेगा।
मगर ऑनस्पॉट फैक्ट चेकिंग का तरीका बता रहा हूं प्रयागराज पुलिस को।
अरेस्ट करके लाओ दो थप्पड़ लगाओ, श्राप नहीं देगा, सीधा कोर्ट कचहरी भागेगा।
जिस तरह मछली के लिए पानी जरूरी है
उसी तरह भारतवासियों के लिए UGC जरूरी है
जातिवादी सामंती विचारधारा के लोग UGC का विरोध कर रहे हैं।
जब स्कूलों का यह हाल है तो बड़े-बड़े कॉलेज और विश्वविद्यालयों का क्या हाल होगा?
UGC का विरोध करने वालों के लिए क्या कहना चाहोगे?
UGC को न केवल प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, बल्कि इसे और अधिक सुदृढ़ एवं कठोर बनाया जाना आज की अनिवार्य आवश्यकता है। ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव, उत्पीड़न और रैगिंग पर निर्णायक रोक लग सके और भविष्य में किसी भी छात्र को मानसिक प्रताड़ना के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े।
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) की दलित बच्ची की घटना यह स्पष्ट करती है कि जाति आधारित रैगिंग और संस्थागत लापरवाही आज भी छात्रों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है। इससे पूर्व भी रोहित वेमुला और पल्लवी जैसे मामलों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में गहरे निहित भेदभाव को उजागर किया है।
यह गंभीर प्रश्न है कि कब तक OBC / SC / ST वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षण संस्थानों में असमान व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार का सामना करते रहेंगे?और यह भी विचारणीय है कि समान परिस्थितियों में सवर्ण छात्रों के साथ इस प्रकार का व्यवस्थित भेदभाव क्यों देखने को नहीं मिलता।
जातिवाद भारत की एक कटु वास्तविकता है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में केवल नैतिक अपीलें पर्याप्त नहीं हैं। जाति आधारित भेदभाव और रैगिंग से निपटने के लिए UGC जैसे नियामक ढांचे को और अधिक स्पष्ट, कठोर तथा जवाबदेह बनाया जाना आवश्यक है।
आवश्यक है कि— जाति आधारित रैगिंग को गंभीर आपराधिक कृत्य के रूप में परिभाषित किया जाए, दोषी छात्रों के साथ-साथ लापरवाह प्रशासनिक अधिकारियों पर भी सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित हो, और सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता, गरिमा व सुरक्षा की गारंटी दी जाए।
शिक्षा का उद्देश्य अवसर और समानता है, न कि भय और भेदभाव। इसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए UGC को मज़बूत बनाना समय की मांग है। #We_support_UGC_Act