दंगलखोर विद्यार्थ्यांना पोलीसांना आता हाॅस्टेलमध्ये घुसून उचलायला सुरुवात केली आहे.
आंदोलन संपले. आता कोणताही राजकीय पक्ष या अटक झालेल्या विद्यार्थ्यांच्या मदतीसाठी येणार नाही.
विद्यार्थ्यांनी त्यांच्या हाताने त्यांचे आयुष्य बरबाद केले आहे.
अब युवाओं को यह चुनौती आ चुकी है पुलिस को लेकर हर कोई देख लो हैरान हो जाओगे।
चेहरा स्कैन करके युवाओं का आपराधिक रिकॉर्ड जांच किया जा रहा है जिसका पहले से अपराधिक रिकॉर्ड हैं दंगा करने का उपद्रव करने का उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है ।।
यह चुनौती @CJP_for_India के लिए बहुत बड़ी दिक्कत खड़ी करेगी अब क्योंकि CJP वाले भी आपराधिक रिकॉर्ड वालो का सपॉर्ट करते हैं तो उल्टा cjp वालो के खिलाफ कार्यवाही होगी कि तुम जानबूझकर ऐसे आपराधिक मामले वालो से उपद्रव करवाये हैं।
बहुत दिमाक से खेल रही है पुलिस अब भाजपा का गुस्सा अब बदले की भावना में है और यह कही युवाओ के भविष्य को लेकर काफी महंगा पड़ने वाला है देखते जाओ
टीका लगाऊँ तो भाजपाई,
मंदिर जाऊं तो भाजपाई,
देश का नारा लगाऊँ तो भाजपाई,
धर्म की बात करूं तो भाजपाई,
विकास की बात करूं तो भाजपाई।
तो कांग्रेसी बनने के लिए क्या करूं, बम फोड़ दूं, आतंकवादी बन जाऊं, पाकिस्तान का नारा लगाऊँ,
चमचो।
🤣🤣
संजय सिंह:- पुलिस ने मुझे भी कई लाठी मारा
पत्रकार:- आप झूठ बोल रहे हैं किसी ने आपको मारते नहीं देखा
टिकट ब्लैक करने वाला संजय सिंह:- मेरे फोन में फोटो और वीडियो है कहो तो दिखा दूँ ?
पत्रकार:- जी हां जरूर दिखाइए
संजय सिंह:- अभी मेरे फोन में नेटवर्क नहीं आ रहा है इसीलिए मैं नहीं दिखा पा रहा हूँ
यह दोगला खुद को पढ़ा लिखा कहता है और इस दोगले को ऐसा लगता है कि देश की जनता इतनी मूर्ख है कि वह मान लेगी की फोन में फोन की गैलरी से फोटो और वीडियो दिखाने के लिए मोबाइल में नेटवर्क आना चाहिए
CJP के मंच पर घूम रहे इन सारे चेहरों की दिशा पंजाब की तरफ़ क्यूँ नहीं घूम रही?
दिल्ली में पुलिस की लाठी बर्बरता
पंजाब में पुलिस की लाठी मीठा गन्ना?
दया कुछ तो गड़बड़ है!
विडियो थोड़ा लंबा है लेकिन विपक्ष की असलियत बताता है
13 people have already been held accountable and arrested in connection with the NEET paper leak. A re-exam was conducted. Students appeared for it. The winners have been declared and are now waiting for admissions.
So what’s all this fuss about? “Dharmendra Pradhan should resign.”
Will it stop there? No. Next, they’ll demand that Home Minister Amit Shah resign, followed by Prime Minister Modi. Eventually, the target is regime change.
But why now? Because the Indian Parliament’s Monsoon Session is prioritizing the Foreign Funding Regulation Bill, which has upset certain NGOs and their middlemen.
If you can’t understand the complexities of geopolitics, at least don’t become a pawn in someone else’s game.
“Modi is a dictator.” Dude, he hasn’t even reached the “D” of dictatorship. Try doing in China, Iran, or the Middle East what you’ve done in Delhi. They’ll give you a real taste of what dictatorship actually looks like. Don’t abuse the leniency!