@KaramD_2 भाई करम यादव ,संत सब संत होते कोई छोटा बड़ा नहीं होता।सबका अपना अलग स्थान है, जैसे आकाश में बहुत सारे तारे हैं।प्रेमानंद जी महाराज उन सब में सबसे चमकते और चमकीले तारे यहां पर रामभद्राचार्य जी अनिरुद्धाचार्य और किसी को छोटा कर लिखना उचित नहीं है।आगे आपकी मर्जी
@Sushilvarma01@ArunKosli न्याय तुरंत मिलना चाहिए और बेटी किसी की भी हो उसकी बदतमीजी करने वाले को रक्षा को दंड तुरंत दिया जाना चाहिए और उसने बहुत ठीक किया है वह भी दो-चार साल की सजा काट के छूट जाएगी कोई दिक्कत नहीं है बाकी लोगों के लिए तो एक उदाहरण प्रस्तुत कर दिया है दुर्गा वाहिनी दुर्गा है वह