बांग्लादेश में मजहबी भीड़ द्वारा भगवान राम का अपमान और राममूर्ति के काम को रुकवाने के विरोध में |
बांग्लादेश की राजधानी ढाका की सड़कों पर लाखों हिंदुओं की भीड़ उतर कर भयंकर विरोध कर रही है |
भारत के हिंदुओं अगर हो सके तो इनके संघर्ष को सोशल मीडिया से बैकअप जरूर दे देना | ✊
मुस्लिम मोमिनपुरा,, जहां मुस्लिम ज्यादा वहां मोमिनपुरा
टोपी वाले की परेशानी भगवा गमछा🔥
हिन्दू ने किसी टोपी वाले को परेशान नहीं किया
ऐसा मदरसा क्या सीखा रहा है इनको जरा मदरसों की इंक्वारी होनी चाहिए 😡🔥
ये दृश्य आपको कुछ सीखाता है…सीखो 🔥
Qatar on Eid:
Do not perform the namaz in open outdoor areas; pray inside Mosques. Limit women's attendance as much as possible, as Eid prayer is not obligatory.
Al Jazeera (owned by Qatar):
India is restricting public prayers and telling Muslims to pray in Mosques.
When an Islamic country does it, it becomes a guideline. But when a non-Islamic country does the same thing, it is labeled Islamophobia.
@jpsin1 पूरी दुनिया को भारत को धन्यवाद देना चाहिए क्योंकि भारत ने इन सभी को जिंदा वापस अपने देश भेज दिया है , क्योंकि हम भारतीय लोगों ने पूर्वजो ने पाकिस्तान से आने वाली ट्रेनों में सिर्फ हिंदू लोगों कि लाशे देखी थी
इनका नाम अतुल सुभाष था।
34 साल। बेंगलुरु में प्राइवेट कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर। एक बेटे के पिता व्योम।
उन्होंने सिस्टम से उम्मीद नहीं की कि कोई उनकी बात सुनेगा।
उन्होंने हर चीज़ खुद रिकॉर्ड की।
उन पर एक साथ 9 केस दर्ज हुए 498A, घरेलू हिंसा, मेंटेनेंस, कस्टडी।
हर सुनवाई के लिए उन्हें बेंगलुरु से जौनपुर तक 1700 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था।
4 साल में 40 बार वही सफर।
120 कोर्ट हियरिंग्स।
उन्होंने आरोप लगाया कि केस वापस लेने के लिए 3 करोड़ रुपये मांगे गए।
अपने ही बेटे से मिलने के लिए 30 लाख रुपये अलग से।
अपने वीडियो में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक फैमिली कोर्ट जज ने अनुकूल आदेश के लिए 5 लाख रुपये मांगे।
9 दिसंबर 2024 को उन्होंने बेंगलुरु के फ्लैट में आत्महत्या कर ली।
पीछे छोड़ा — 24 पन्नों का नोट और 81 मिनट का वीडियो।
हर तारीख। हर केस नंबर। हर यात्रा। हर रकम।
सब कुछ रिकॉर्ड किया हुआ।
मरने से पहले उन्होंने अपने परिवार से सिर्फ एक बात कही:
“मेरी अस्थियाँ गंगा में तब तक विसर्जित मत करना, जब तक न्याय न मिले।”
उनकी मां सुप्रीम कोर्ट गईं, अपने पोते से मिलने की अनुमति मांगने।
उन्हें कहा गया — “आप बच्चे के लिए stranger हैं।”
फिर सुनवाई आई।
जज छुट्टी पर थे।
एक साल की तारीख मिल गई।
इसी बीच, ट्विशा शर्मा केस में सिर्फ 11 दिनों के भीतर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया।
बार काउंसिल ने घंटों में कार्रवाई कर दी।
AIIMS की मेडिकल टीम चार्टर्ड प्लेन से भेजी गई।
11 दिन में पूरा सिस्टम दौड़ पड़ा।
अतुल सुभाष 81 मिनट का रिकॉर्डेड सबूत छोड़ गए थे।
उन्हें मिला एक साल का इंतज़ार।
उनकी अस्थियाँ आज भी गंगा का इंतज़ार कर रही हैं।
उनका बेटा व्योम अब 6 साल का है।
अतुल सुभाष को न्याय मिलना चाहिए।
अगर रिकॉर्डेड सबूत, दस्तावेज़ और एक इंसान की आखिरी पुकार भी सिस्टम को नहीं जगा सकती, तो फिर आम आदमी आखिर जाए कहाँ?
जब मुंबई की मीरा क्लस्टर सोसायटी में मजहबी कुर्बानी के लिए बकरा लाये तब तक सब सही था |
पर जैसे ही हिंदू पालने के लिए सोसायटी में सूअर लाए पूरा पुलिस प्रशाशन लग गया सूअर को हटाने ने | 😡
हिंदुओं मुद्दा है स्वतंत्रता का और इस मुद्दे पर सोसाइटी के हिंदुओं को चाहिए आपका बैकअप | 😡
थू है ऐसे शांतिदूतों पर!!
पिछले दिनों में 2 घटनाएं हुई... एक मियां बच्चे को एक लड़के ने स्विमिंग पूल में डुबाकर उसका अस्तगफिरूल्लाह कर दिया...
बहुत बवाल हुआ... उसके लिए आवाज उठाई गई... सीसीटीवी वीडियो वायरल हुआ... मोदी जी को गरियाया गया...
लेकिन जैसे ही पता चला अस्तगफिरूल्लाह करने वाला भी शांतिदूत ही है... सब अपने अपने पोस्ट डिलीट करने लगे.. और आवाज उठाना ही बन्द कर दिया...
और तो और उसके परिवार ने केस करने से ही मना कर दिया क्योंकि उनके मौलाना साहब नही चाहते कोई केस हो!!
दूसरा केस कश्मीर से है... एक बच्ची का अस्तगफिरूल्लाह कर दिया गया... बॉडी के बगल मेंकुरान मिली... खबर वायरल हुई तो शांतिदूतों ने आवाज उठाई... मोदी जी को गरियाया...
अगले दिन ही पुलिस ने बच्ची के पड़ोसी को अरेस्ट किया वो भी शांतिदूत ही निकला...
सबने पोस्ट डिलीट कर ली.. और किसी ने नही कहा कि पड़ोसी मियां को सजा मिले...
आकथू! ❤️
😌 दिल दहला देने वाला।
बांग्लादेश के शरियतपुर ज़िले के जजीरा में, एक 10 साल का हिंदू लड़का अपनी माँ के बेजान शरीर को एक साइकिल वैन पर लादकर पुलिस स्टेशन ले जाता है। जिहादियों ने उसके अपने ही बच्चों के सामने उसकी बेरहमी से बलात्कार और हत्या कर दी थी।
अब दो छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं और इंसाफ़ की गुहार लगा रहे हैं। दुनिया बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को नज़रअंदाज़ करना कब बंद करेगी?
एक ज़माना था जब हर कोई हिंदू था; देखिए, बहुत पहले एक बर्बर रेगिस्तानी पंथ में धर्मांतरण करने के बाद अब वे हिंदुओं के साथ क्या कर रहे हैं।
#Bangladesh
मेरे प्यारे बच्चों,
गर्मी की छुट्टियां आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नए शोध का समय लेकर आती हैं। किशोर एवं युवा इन छुट्टियों में नई भाषा या नया कौशल सीख सकते हैं।
प्रिय अभिभावकों, मेरा आपसे आग्रह है कि इन छुट्टियों में बच्चों को ननिहाल-ददिहाल अवश्य ले जाएं। उन्हें परिवार के साथ समय बिताने दें, ताकि वे अपने संस्कारों और परंपराओं को निकट से जान सकें। ग्रीष्मावकाश में आप बच्चों को प्रकृति से जोड़ने का भी प्रयास करें।
मेरी आप सभी से अपील है कि इन छुट्टियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने का भी संकल्प लें। छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।
विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को 'प्रधान सेवक' के रूप में सेवा, सुशासन और लोक-कल्याण को समर्पित गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई!
इन वर्षों में गरीब कल्याण शासन की प्राथमिकता बना, अंत्योदय आत्मनिर्भरता की शक्ति में बदला और जनभागीदारी ने विकास को जन-आंदोलन का रूप दिया। यही वह दृष्टि है, जिसने ऐसे 'नए भारत' को गढ़ा, जहां नारी सशक्तीकरण, नवाचार, आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
सीमाओं पर अडिग, आतंक के विरुद्ध निर्णायक और विश्व मंच पर आत्मविश्वास से परिपूर्ण भारत आज एक सशक्त, विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में स्थापित है। डिजिटल, डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी की त्रिवेणी 'विकसित भारत 2047' की दिशा में नई गति दे रही है।
प्रधानमंत्री आवास, जन-धन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और स्वनिधि जैसी योजनाओं ने विकास को जन-जीवन तक पहुंचाकर विश्वास को सशक्त किया है और यही विश्वास 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' को साकार कर रहा है।
'नेशन फर्स्ट' की भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ती इस युगांतकारी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री जी का कोटि-कोटि अभिनंदन।
तीन घटनायें देखिए और सोचिए
01-- ममता बनर्जी की सरकार बहाल न करने पर भारत पर आक्रमण करने की बात करते हुए बांग्लादेश में प्रदर्शन।
02-- समाजवादी प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज़ को वेश्याओं से भी बदतर बताना।
03-- तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष सनातन को नष्ट करने की
बात करता है और सत्तापक्ष ताली बजाकर समर्थन करता है।
और तुम सेक्युलर बने रहना।
अगर बीजेपी अकेले दम पर कांग्रेस को असम मे हरा सकती है।
अगर बीजेपी अकेले दम पर TMC को बंगाल मे हरा सकती है।
तो
तमिलनाडु से DMK को हराने के लिए एआईएडीएमके का सहारा लेने की क्या जरूरत थी?
अपने आप और के अन्नामलाई पर भरोसा क्यों नहीं किया भारतीय जनता पार्टी तमिलनाडु के हिंदुओं को क्यों नहीं जगाया?
के अन्नामलाई को तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद से हटाना आत्मघाती कदम था बीजेपी का वोट प्रतिशत एकदम गिर गया
वोट प्रतिशत तो गिरे ही, एआईएडीएमके भी धोखा दे गया।
उदयनिधि स्टालिन आज भी सनातन को खत्म करने की बात कर रहा है।
के अन्नामलाई को वापस लाओ। तमिलनाडु में सिर्फ वही हिंदू विरोधी तत्वों को पटक सकता है।
उन्हें उनकी औकात बता सकता है, सनातन विरोधियो को हरा सकता है।
बांग्लादेशी स्टूडेंट लीडर…
नाम है करीना कैसर…
इसका सोशल मीडिया भारत विरोधी विडियो और बयानों से भरा पड़ा है…
जब मुँह खोलती है भारत के खिलाफ ज़हर उगलती है…
हफ़्ते भर पहले लीवर संबंधी समस्या आती है…
हालत ज़्यादा गंभीर होती है…
और ICU में लाइफ़ सपोर्ट पर डाला जाता है..
और लगातार चार दिन भारत सरकार से मिन्नतें माँगने पर…
इन्हें भारत में इलाज की अनुमति मिल जाती है…!!!
@myogiadityanath@narendramodi After the appeal off our beloved PM the citizens of India and government officials must reduce unnecessary travels to cut down on fuel consumption. Today at Lucknow airport I saw official vehicles waiting to pickup officers are running w/o reason.
@SuvenduWB@narendramodi Those who do not let hindus practice their religious beliefs during Mamta govt are writing letters to current CM for his statement of "Jiska sath Uska Vikas" .
A builder in my city has developed a gated residential society exclusively for the elderly population:
2 BHK homes, a central mess, recreation areas, walking gardens, full-time nursing support, dedicated ambulances, hospital tie-ups, and an in-house team to assist with bills, travel, legal, banking, online orders, etc.
It has a four-year waiting list!!
Unlike traditional old-age homes, this is independent community living where senior citizens own private homes while having medical and lifestyle support available whenever needed.
It has become immensely popular among families whose children live outside the city or abroad and are unable to stay with their parents full-time. I think this concept is going to expand rapidly across urban India in the coming years.