बीमारी कभी बताकर नहीं आती, लेकिन उसका इलाज आपके हाथ में है। जब टाइफाइड जैसे लक्षण : तेज़ बुखार, सिरदर्द या कमजोरी दिखें, तो घबराएं नहीं। जन औषधि पर भरोसा करें। यहाँ आपको मिलती हैं वही दवाइयां जो बड़े ब्रांड्स देते हैं, लेकिन 50% से 80% तक कम कीमत पर। क्योंकि हमारा लक्ष्य है: हर भारतीय को मिले सस्ती और अच्छी दवा।
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बिजली मीटर लगवाना ऑप्शनल है,
चाहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाओ या पोस्टपेड मीटर
लेकिन ये मीटर लगाने वाले ऑप्शन तो दे ही ना रहे,
जनता बहुत परेशान हैं, कोई इस पर ध्यान ना दे रहा
सरकार को बड़ा नुक़सान देंगे ये मुद्दे UP में
महाराज @myogiadityanath जी समय रहते ध्यान दीजिए
₹9000 महीना विधायक को फोन का खर्चा मिल रहा है, जबकि ₹350 का अनलिमिटेड रिचार्ज सबकुछ कवर कर देता है। फिर इतनी बड़ी राशि क्यों?
पूछता है भारत!बिहार विधानसभा ने हाल ही में विधायकों को ₹8300 मासिक टेलीफोन भत्ता दिया, बिना बिल जमा कराए। एक से दस फोन चलाएं, सब कवर।
लेकिन आम आदमी ₹350 में अनलिमिटेड कॉल, डेटा पा लेता है। क्या ये फिजूलखर्ची है?
यह भत्ता जनसंपर्क के नाम पर है, पर पारदर्शिता कहां? टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद हो रहा। सरकार सुविधा दे, मगर इतना अधिक क्यों? समय है जवाबदेही की। जनता सवाल उठाएगी!
राघव चढ्ढा ने सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा फीस को लेकर बड़ा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि एक सरकारी नौकरी के लिए लाखों अभ्यर्थियों से परीक्षा फीस ली जाती है, लेकिन पद बहुत कम होते हैं। ऐसे में अगर सरकार पर्याप्त नौकरियां नहीं दे पा रही है, तो अभ्यर्थियों से ली गई फीस को रिफंड करने पर विचार क्यों नहीं किया जाता?
उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार छात्रों की फीस से अपना खर्च चला रही है? इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे युवाओं और बेरोजगार छात्रों की आवाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक मुद्दा मान रहे हैं।
मामला अब “नौकरी नहीं तो फीस रिफंड” की मांग के साथ चर्चा का विषय बना हुआ है।
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अगर आप भी Jio वोडाफोन और एयरटेल के दिन प्रतिदिन बढ़ते रिचार्ज से परेशान है और रिचार्ज होने के बाद नेटवर्क की समस्याओं से परेशान हैं तो उसके लिए मैं आवाज उठा रहा हूं 👏👏 जो नीचे का मेरा पोस्ट है वह वायरल चल रहा है 🤑उसे पर जाएं उसे पढ़े और अपनी प्रतिक्रिया जरूर कमेंट करें और शेयर करें ताकि यह आवाज दबने ना पाए
जय हिंद जय भारत 🧐👏
कंज्यूमर एकता ज़िंदाबाद, जितना हक है उतना ले, ये लूट अब नहीं चलेगी
#jio #vi #airtel #telecom
राघव चड्ढा की बात से सहमत हो तो रीट्वीट करते जाओ, अगर उठाई गई आवाज कानों तक पहुंच गई तो सिम बंद होने की धमकी मिलना बंद हो जाएगी।
बात में इतना दम है जब सबकुछ अपना है
रिचार्ज करना है नहीं करना है ये फैसला भी अपना होना चाहिए।
2014 में Incoming Call के लिए रिचार्ज: ₹0
2026 में Incoming + OTP के लिए Minimum Recharge: ₹199
यानी अब अपने ही फोन पर कॉल और मैसेज रिसीव करने के लिए भी पैसे दो!
जब मार्केट में Monopoly और Duopoly बनता है, तो ग्राहक की जेब ही निशाना बनती है।
Incoming कॉल और OTP कोई लग्ज़री नहीं — ये बेसिक जरूरत है।
लेकिन आम आदमी से हर जगह वसूली जारी है।
कम बैलेंस होने के कारण आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है,
लेकिन इनकमिंग कॉल को खासकर कम कमाई वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ब्लॉक करना पूरी तरह से गलत है।
~ राघव चड्ढा, MP राज्यसभा
राघव चड्ढा के इस मांग पर आपके क्या विचार है?🤔
यह Raghav Chadha तो middle class और गरीब लोगों के पीछे हाथ धोकर पर गया है
संसद में उन्होंने अब टेलीकॉम कंपनियों द्वारा Prepaid Recharge खत्म होने पर
Incoming Calls बंद करने के मुद्दे को मजबूती से उठाया
Prepaid Recharge खत्म होते ही Incoming Calls ब्लॉक करना
उन बुजुर्गों और गरीबों के साथ अन्याय है जो सिर्फ Emergency Updates और OTPs के लिए फोन रखते हैं
Incoming Calls बंद करना गरीब, बुजुर्गों और Low-income users के साथ अन्याय है
बिना डेटा इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए Validity Plans को अनिवार्य बनाना एक Financial Burden है
जरूरी OTPs, Job Updates और Emergency Information प्राप्त करना हर नागरिक का अधिकार होना चाहिए
एक बुनियादी जरूरत को व्यापार का साधन नहीं बनाना चाहिए। इस पर तुरंत TRAI को एक्शन लेना चाहिए