आम आदमी पार्टी भारत की अकेली और पहली पार्टी है जो फॉरेन फंडिंग से बनी है. भारतीय पार्टियों में लाख बुराइयां हैं. पर वो इंटरनल मैटर है. हम लोग आपस में देख लेंगे. विदेशी पैसे से बनी आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा है.
इस पार्टी को हर कदम पर विदेशी सपोर्ट आएगा. इस बार भी दिख रहा है. सावधान रहें. विदेशी एजेंसियां फंडिंग की कीमत कभी भी वसूल सकती हैं. ये पार्टी राष्ट्र के लिए खतरा है.
जब ये पार्टी एनजीओ थी, तब से इसके खातों की जांच होनी चाहिए. बॉर्ड��� स्टेट पंजाब का इस पार्टी के हाथों में जाना चिंताजनक है.
हम किसी से भेदभाव नहीं करते, हम किसी का अधिकार नहीं ��ीनते, हम सबको उचित मान-सम्मान देते हैं तो फिर... हमसे इतनी नफरत क्यों है? क्यों आज़ादी के 75 साल बाद आज भी हमारे समाज को ऐसे भेदभाव और नफ़रत को झेलना पड़ रहा है?
दोस्तों, अभी बसपा सांसद रामजी गौतम का इंद्र मेघवाल के परिवार से जालौर जाकर मिलना हुआ, उन्होंने उनकी आवाज संसद में उठाने का वादा किया है अब यह लड़ाई संसद में लड़ी जाएगी।
राजस्थान में कांग्रेस के शासन में पहले 9 साल का विद्यार्थी ऊंच जाति शिक्षक से जातिवादी मानसिकता कारण मौत का ग्रास बना, अब राजधानी के नजदीक एक दलित महिला शिक्षक को पेट्रोल डालकर जलाकर मार देने की मार्मिक हत्या कर दी गई। आज़ादी के 75 वर्षो के ब��द भी दलित की गुलामी खत्म नहीं हुई है।
सबसे ज्यादा समय देश व प्रदेशों में सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी ही दलित पिछड़ा वर्ग की असली दुश्मन है। पंजाब में भी अनुसूचित जातियों को पैरों की जूती सर पे बिठाने वाली टिप्पणी कांग्रेस 2022 में कर चुकी है। बाबा साहिब आंबेडकर के अनुसार भी दलितों के लिए कांग्रेस जलता हुआ घर है।
अपनी क़ौम के लिए छोटी सी उम्र में शहीद होने वाले शहीद इंद्रकुमार मेगवाल को नमः आंखों से शत शत नमन....
निकलो बाहर मकानों से
जंग लड़ो बेईमानों से....
जय भीम जय भारत
#शर्म_करो_अशोक_गहलोत
"मेरी क्या गलती थी,क्या मेरा कुसूर था?,
मटके में था पानी भरा,प्यासा मैं जरूर था।
मेरी तो मज़बूरी थी,प्यास से मजबूर था,
निकृष्ट सोच वाले को भी ये पता जरूर था
ना सोचा मार पड़ेगी,इस सोच से मैं दूर था।
मेरी क्या गलती थी,क्या मेरा कुसूर था?
क्यों प्यास मुझे लगी,बस यही मेरा कुसूर था।"
बैंकों ने अमीरों के 10 लाख करोड़ के लोन माफ कर दिए, लेकिन सरकार गरीबों को मुफ्तखोर बता रही है।लोगों को बुनियादी सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है, इसके लिए अगर सरकार खर्च करती है तो इसे 'रेवड़ी' नहीं कहा जा सकता, सरकार को अमीरों के लोन की नहीं गरीबों के भूख की चिंता करनी चाहिए
बाप बेटी को डाँटता है की भगवान की मूर्ति के कन्धे पर क्यों चढ रही हो,नीचे उत्तर जा।
लड़की पिता से कहती है की;
"बुद्ध ने कहा है की कोई भगवान नही है फिर आप क्यों भगवान कह रहे हो जिसके ���ाद पिता चुप हो जाता है" 1/4
#Buddhism #Buddha
बच्ची द्वारा "पा रंजीत" ने जबरदस्त बात कहलवाई है क्योंकि;
"महापुरुषो के पैरो में लेटकर, बैठकर जाप करके भक्ताई करके मह��पुरषो से नीचे के एरिया में रिसर्च करके केवल महापुरुष की सोच तक ही पहुच पाओगे जबकि ऐसा करने की जगह महापुरुष की शिक्षाओ के अनुयायी बने, 2/4
उन्हें ग्रहण करे, प्रेरणा लेकर उनके अनुयाई बने और उन महापुरषो ने रिसर्च रूपि शिक्षाओ को जँहा छोड़ा है उससे आगे के एरिया में रिसर्च करो।
बच्ची ने अपने आदर्श महापुरुष के कन्धे पर चढ़कर जैसे पिता/दादा के कन्धे पर बैठकर ऊँचा उड़ने की इच्छा होती है को स्वीकार किया है,3/4
जिस प्रकार माँ/पिता/दादा जो की टीचर की भाँती बच्चे को कन्धे पर बैठाकर अपने से आगे जाने का मनोबल देते है"
गौतम बुद्ध मानव के मौलिक चिंतन में विराजमान है। 4/4