1971 के युद्ध के समय भी अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन ने रूस के लीडर- कोसीगिन को पत्र भेजा चेतावनी देते हुए कि इंडिया पाकिस्तान पर कार्रवाई ना करे। इसपर इंदिरा ने रूस के एंबेसडर- पेगोव को कहा- मुझे थोड़ा समय चाहिए इस पत्र का जवाब देने के लिए। 16 दिन तक इंदिरा ने कोई जवाब नहीं भेजा। 16 दिन बाद इंदिरा ने अमेरिका के इस पत्र का जवाब भेजा। ये वो दिन था जिस दिन पाकिस्तानी आर्मी इंडियन आर्मी के सामने ढाका शहर में सरेंडर के लिए खड़ी थी। युद्ध के दौरान इंदिरा ने अमेरिका से कोई बात नहीं की।
@AnandBhaav@AnandBhaav sir modi ji ess market condition me kab share kharidne ko bolenge 😆 waise sir ek mutual fund par video bana dijiye hum job walo ke liye jo direct stock me kam nahi karte🙏🙏🙏
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ऐसा ही नवाचार मैंने देखा विकल्प फार्म कानपुर में। ऐसे नये उपकरणों से किसान भाई का जुताई का काम आसान हो जाता है एवं क्षमता, गति तथा उत्पादकता बढ़ जाती है। साथ ही पर्यावरण के लिये यह सर्वथा उपयोगी है।
खेतों में बैल की वापसी एक सुखद संदेश है।
इस ट्रैक्टर को अपनाने से बैल पुनः उपयोगी हो सकते हैं व आवारा पशुओं की समस्या से निजात पाया जा सकता है ।
किसानों का पशुपालन के प्रति रुझान बढ़ेगा, जो पर्यावरण के लिहाज से भी काफी लाभदायक है।
देखा जाए जो कृषि #GDP में #Livestock की हिस्सेदारी बेहतर है, ग्रोथ और संभावनाएं भी जायदा हैं लेकिन पशु चिकित्सकों की खैरख्वाह नहीं,जहां मन हो लगा दो। बस अपने मूल काम से दूर रहो