जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है,
तूफ़ानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ है,
जिसने सोने को खोदा लोहा मोड़ा है,
जो रवि के रथ का घोड़ा है.
नहीं मरेगा.जो जीवन की आग जला कर आग बना है.फ़ौलादी पंजे फैलाए नाग बना है..जो युग के रथ का घोड़ा है...
-केदारनाथ अग्रवाल :
बिहार दौरे के दौरान महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, गांधी भवन, मोतिहारी में महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा आत्मीय स्वागत एवं सम्मान प्राप्त हुआ। परिसर में शिक्षाविदों और साथियों के साथ सार्थक संवाद भी हुआ।
���। जय श्रीराम।।
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।
शत्रुबुद्धि-विनाशाय दीपज्योती नमोऽस्तुते।।
अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अंधकार पर प्रकाश की विजय के महापर्व दीपावली की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं...
कोई उस पेड़ से सीखे मुसीबत में अडे़ रहना, जिसने बाढ़ के पानी में भी सीखा खड़े ���हना, मैं कितने ही बड़े लोगों के छोटेपन से वाक़िफ़ हूँ, बड़ी मुश्किल है दुनिया में, बड़े होकर बड़े रहना...
-कुँअर बेचैन