@askrajeshsahu इसीलिए मैं कहता हूं कि ईश्वर को मार दो, जिस दिन तुम ईश्वर को मार दोगे तुम अपने पुरुषार्थ पर विश्वास कर लोगे.
अभी तुम्हारा विश्वास ईश्वर पर है और तुम ईश्वर के भरोसे जी रहे हो कि पाप का घड़ा भरेगा तो टूटेगा, या होई है वही जो राम रचि राखा.
@news24tvchannel Gyanesh Kumar अपने आप को देश का पीएम समझने लगा है उसको लग रहा है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा लेकिन ये उसकी सबसे बड़ी भूल है मोदी और अमित शाह किसी के नहीं है जब ये आडवाणी के नहीं हुए
मिस्टर शर्मा,
SC,कॉलेजियम सिस्टम नहीं चाहता,लेकिन सत्ता का रखैल भी बनाना नहीं चाहता.
धूर्त दोगलेश्वर ने आधीरात,
पूर्व CJIके फैसले(कि चुनाव आयुक्त का चुनाव पदेन PM+पदेन विपक्ष+पदेन CJI करेगा)को अध्यादेश से पलट दिया.
अध्यादेश से PM+कैबिनेट मंत्री+विपक्ष यानि,2+1=सत्ता गुलाम कुत्ता
सरदार पटेल ने मनुवादी संघ पर प्रतिबंध लगाया.
भगत सिंह ने खुद को नास्तिक कहा,
और सुभाष चंद्र बोस ने गांधी को राष्ट्रपिता कहा.
सुभाष चंद्र बोस भगत सिंह औ सरदार पटेल गद्दार थे?
तुम हाफपैंट पहन कर ब्रिटिशरानी को परेड सलामी दी,
तो तुम देशभक्त?
मनुराष्ट्र चाहिए संविधानिकराष्ट्र नहीं ?
तो ट्रंप को झुक कर नमस्ते कौन कहेगा?
और
इजराइल को बाप कौन बनाएगा?
और ईरान तो इन दोनों का पापा निकला,
सब ने मंगलसूत्र भी पहन लिया और सुंदर भी लगा लिया,
बस एक काम और बचा है उन्हें गर्भवती हो जाने दो बस.
फिर उसे जहां भेजना हो भेज देना.
तो योगअंजना जी,मुखपुत्रों से कब नियोग कराने जा रही हो,
सड़क पर या हरामखाने में?
बेहतर हो कि देवदासी ही बन जाओ, वहां पत्थर देवताओं के दर्शन भी होंगे और मुखपुत्रों का वीर्य प्रसाद का आनंद भी मिलेगा और सनातनी की सनातनी भी बनी देखोगी.
गजब का तुम्हारा धर्म है भाई,
पत्नी को भस्म करने वाला पार्वती शंकर बोला जाता है,
सीता को त्यागने वाला सीताराम कहलाता है और पत्नी को छोड़कर रखैल रखने वाला राधेकृष्ण कहलाता है,बलात्कार करने वाला भगवान बोला जाता है और पीड़ित अहिल्या को पत्थर बनाते हो.
वेद से गीता तक बस epistin file
गोबरमूत्र खाने से ज्ञान ही इतना रहता है कि कैंब्रिज पढ़ालिखा पप्पू बोला जाता है औ
8वीं फेल को विश्वगुरु.
अपराधियों को सांसद बनाते, बलात्कारियों को संस्कारी मानते हो.
अर्धनग्न बालाओं का कृष्ण रसपान करे तो रासलीला,
पत्नी छोड़,मौसी बेटी औ सायन पत्नी राधा को रखैल रखता है तो प्रेम ?
दोगले मनुऔलाद,जिसे शूद्र कहते हो उसी के दिए धन से अपना पेट भरते हो.
गर सचमुच दोगले नहीं,तो शूद्रों(मनुस्मृति अनुसार-BC+ST+ SC)का दिया धन त्याग दो.
भगवानों के नाम उनके दान को फेंक दो.
तुम मनुवादीयों ने2002तक तिरंगा नहीं अपनाया,विरोध किया,हाफपैंट में ब्रिटिश रानी को सलामी भी ठोंकी
उस दोगले ने न केवल सवर्ण समाज वरन राष्ट्र के साथ धोखा और नाइंसाफी की जिसमें पूरा देश जल रहा है उस दोगले को सदियाँ भी माफ न करेंगी बल्कि थू थू हो रही है।
और आज किसी राष्ट्र हितू नेता में दम नहीं है कि राष्ट्र और समाज विरोधी एस सी एस टी और यूजीसी जैसे नफरती कानून को समाप्त कर दे।
जो हनुमान अयोध्या राममंदिर में दलिता का बलात्कार नहीं रोक सका,
जो हनुमान,अपने आंगन स्थित स्वर्ण आभूषण की दुकान(सिंगरौली)की डकैती नहीं रोक सका,
बाबर द्वारा कथित राममंदिर तोड़े जाने से नहीं रोक सका.
जो किसी साक्षात का नहीं,पवन का पुत है,क्या वह भगवान है?हां तेरी रोटी जरूर है धूर्त
स्वामी तुम्हें एक ही जवाब है,
विदेशों में अपराधियों को जिस रंग का कपड़ा पहना कर जेल भेजा जाता है, भारत में उस गेरुआ रंग को आप संत पहनते हैं.
काल्पनिक धूर्त धर्म और गढ़े गए भगवानों के लिए,और आप अंडों के लिए खूनी लाल रंग सचमुच शूट करता है.
और आपका कोई कट्टर संगठन राष्ट्रवादी नहीं
यूजीसी और एस सी एस टी जो राष्ट्र और समाज विरोधी है और राष्ट्र के समग्र विकास में बाधक है पर चुप्पी खतरनाक है।
शेष उनके कार्यकाल के सभी कार्य सराहनीय और शानदार तथा राष्ट्र हित में हैं।
जय श्री सीताराम
तुम कोई स्वामी नहीं एक नंबर के ढोंगी हो,
जिहादी मानसिकता राष्ट्र के अमन के लिए घातक है,और उसमें से एक नंबर पर तुम कट्टर हिंदूवादी हो.
संघ VHP और हिंदू महासभा,ए तीनों ही जेहादी हैं.
जब से BJP सत्ता आई है,तुमलोगों ने सांप्रदायिक उन्माद तो छोड़ो, सवर्ण और शूद्र वाद पर भी उतर आए हो.
कांग्रेस ऐसे ही जिहादी मानसिकता वालों को प्रश्रय देती है जो राष्ट्र के अमन के लिए घातक हैं। ऐसी बेशर्मी देखिये कि ऐसी मानसिकता के लोगों को देश का शीर्ष
नेतृत्व दिया गया किन्तु गंदी सोच नहीं बदली।