2014 के बाद से हमने नीतियों के स्तर पर बड़े रिफॉर्म किए हैं। इससे रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ने के साथ ही हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट भी अभूतपूर्व गति से बढ़ा है।
PM Modi absolutely nailed it! 🔥😂 The "Chronic Dissatisfaction" gang exposed once again.
इनका लॉजिक समझिए:
✅ इन्हें 24x7 बिजली चाहिए, लेकिन Solar, Dams और Nuclear Power Projects से इन्हें दिक्कत है। ⚡
✅ इन्हें Rare-Earth Minerals की Supply Chain चाहिए, लेकिन Mining का ये विरोध करेंगे। ⛏️
इन्हें विकास चाहिए, लेकिन विकास के हर रास्ते पर रोड़ा अटकाना है। सच में, "ये जमात ऐसी ही है" जिनका सिर्फ एक ही एजेंडा है— हर चीज़ का अंधविरोध! 🇮🇳
श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में दान के गबन, चोरी के अपराध/पाप पर कोई भी लीपापोती बड़ा नुकसान करेगी। इस अपराध/पाप के दोषियों को दंड मिले और मिलता हुआ रामभक्तों को दिखे भी, यह आवश्यक है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का पुनर्गठन उसकी एक आवश्यक शर्त है।
जिन नक्सल प्रभावित इलाकों में जाने से दिन में भी लोग डरते थे, वहां हम नेशन फर्स्ट की स्पिरिट के साथ विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़े हैं। इसी का परिणाम है कि आज देश में माओवादी आतंक अंतिम सांसें गिन रहा है।
#RepublicSummit2026
प्रधानमंत्री जी ने एयरपोर्ट पर इंतज़ार किया ताकि NEET एग्जाम में बच्चों को दिक़्क़त ना आये
और राहुल गांधी ने NEET एग्जाम सेंटर में रैली कर दी और 3 बच्चों का एग्जाम छूट गया
ये सिर्फ राजनीति कर सकते हैं 👇
1947 में भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन आज़ादी के साथ देश ने विभाजन का गहरा दर्द भी सहा। इसी दौर में कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 के रूप में एक ऐसी व्यवस्था लागू की, जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता के मार्ग में बाधा माना।
उन्होंने दृढ़ता से कहा, "एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे।" यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की एकता के लिए उनका संकल्प था।
इसी संकल्प को लेकर वे 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर निकले। सीमा पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, नजरबंद रखा गया और प्रतिकूल परिस्थितियों में उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। अंततः 23 जून, 1953 को श्रीनगर में उनका निधन हो गया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता के लिए समर्पण, साहस और बलिदान की अमर गाथा है।
उनके जिस सपने और संकल्प के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया था, उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 5 अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को निरस्त किया — एक ऐसा निर्णय, जो डॉ. मुखर्जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी। देखिए, ये स्पेशल वीडियो 🔽
24 घंटे बिजली चाहिए, लेकिन सोलर, डैम और न्यूक्लियर सब बंद।
रेयर-अर्थ सप्लाई चेन चाहिए, लेकिन खनन का नाम सुनते ही धरना शुरू।
इनकी सोच है—
“आम खाने हैं, मगर पेड़ लगाने नहीं।”
ये जमात ऐसी है।🤣
विदेश मंत्री @DrSJaishankar कह रहे हैं कि, हम अपनी जनता के लिए जवाबदेह हैं। हमें जहां से, जरूरत भर का, जितना सस्ता तेल मिलेगा, ख़रीदेंगे। इससे स्पष्ट जवाब भला क्या हो सकता है।
TMC के ‘भय’ पर मोदी जी के ‘भरोसे’ की जीत!
बंगाल की 84 आरक्षित सीटों में से 67 पर BJP का परचम लहराना बताता है कि दलित-आदिवासी समाज ने ममता दीदी की खूनी राजनीति को सिरे से नकार दिया है।
आदरणीय PM श्री @narendramodi जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ ने बंगाल में नया इतिहास रच दिया है!
हर डिबेट में आशुतोष जी का निशाना सीधा PM जी पर होता है
पर इनका तीरंदाज़ इनकी राजनीति-पत्रकारिता जैसे Flop है
तीर हर बार घूम इन्हें ही घायल करता है, फिर भी सुधरते नहीं
इस बार अपनी जिद में राहुल-प्रियंका-ममता दीदी का भी ‘पोपट’ करवा लिए
बुद्धिजीवी होने का भ्रम और एजेंडे का अंत👇🏼