@khurpenchh Govt salaries being relatively stable & lower on average than private sector high earners, but with near-100% TDS compliance. salary income contributes ~60-70% of personal income tax.जब इतना टैक्स देते है तब फालतू के ट्वीट करने डेटा सस्ता मिलता है।हर सरकारी कर्मचारी चोर नहीं होता
@8PMnoCM Govt salaries being relatively stable & lower on average than private sector high earners, but with near-100% TDS compliance. salary income contributes ~60-70% of personal income tax.जब इतना टैक्स देते है तब फालतू के ट्वीट करने डेटा सस्ता मिलता है।हर सरकारी कर्मचारी चोर नहीं होता
जयपुर में SMS के पॉलीट्रॉमा यूनिट के इंचार्ज डॉ. दिनेश गोरा से मिलिए...जिनके पास मौत के मुंह से जिंदगी वापस खींच लाने की कुदरती नेमत है.
कल ही इंटरनेशनल ट्रॉमा डे था और SMS की इस यूनिट के आंकड़े गवाही देते हैं कि पिछले केवल 2 साल में गंभीर मरीजों की मौत का प्रतिशत 5.3% से घटकर 2.45% हो गया है.
डॉ गोरा के नेतृत्व में इस यूनिट में मोर्चा संभालने वाली टीम ने सैकड़ों ज़िंदगियाँ बचाई हैं.
वहीं यूनिट ने रेस्पॉन्स टाइम घटाकर गंभीर एक्सीडेंट पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज दिया है.
देखा जाए तो गोरा साब रोज घर इतनी दुआएं लेकर जाते हैं कि उसकी ऊर्जा से कितनी ही जिंदगियां खिलती है.
@DrDineshGora #Rajasthan
IAS: दुनिया की सबसे मजबूत ट्रेड यूनियन...
(पुस्तक अंश : कर्तव्य पथ)
सीधी भर्ती से आए हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकांश अधिकारियों की सोच व मानसिकता की एक मूलभूत समस्या है। ऐसी सोच व मानसिकता होने के पीछे लंबी पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक विरासत भी काफी हद तक जिम्मेदार है। वर्ष 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् ब्रिटिश राज की इंपीरियल सिविल सेवा के अनुरूप भारतीय सिविल सेवा का गठन किया गया, जिसे भारतीय प्रशासनिक सेवा के नाम से जाना जाता है। ब्रिटिश शासन के दौरान वॉरेन हेस्टिंग्स ने इसकी नींव डाली थी एवं चार्ल्स कॉर्नवालिस ने इसे आधुनिक स्वरूप प्रदान किया था। इसी वजह से कॉर्नवालिस को भारत में सिविल सेवाओं के पिता के नाम से जाना जाता है। बाद के वर्षों में ये सेवाएं एक सुसंगठित संस्था के रूप में परिणित हो गई। एक अंग्रेज लेखक ने लिखा था ‘यह दुनिया की सबसे मजबूत ट्रेड यूनियन है।’ वे भारत का संचालन करते थे, वे स्वयं भारत थे एवं उनके हितों को चोट पहुंचाने वाली प्रत्येक बात भारत के लिए नुकसानदेह थी। भारत के इतिहास व संस्कृति से ये लोग पूरी तरह अनजान रहते थे।
वायसराय को, जो सीधे ही इंग्लैंड से आते थे, उन्हें अपने आपको इंडियन सिविल सर्विस के ढांचे से मेल बिठाना पड़ता था एवं उन्हीं पर निर्भर रहना पड़ता था। ब्रिटेन के शासक वर्ग का होने की वजह से उनको प्रचलित आईसीएस दृष्टिकोण को अपनाने में कोई समस्या नहीं होती थी। शक्ति, व्यक्ति को बिगाड़ देती है या अधिक शक्ति व निरंकुश अधिकार तो व्यक्ति को बिल्कुल ही बिगाड़ देता है। विस्तृत दुनिया के इतिहास में किसी व्यक्ति को इतनी बड़ी जनता पर ऐसा निरंकुश अधिकार नहीं मिला, जैसा कि भारत के वायसराय एवं सिविल सेवा अधिकारियों को मिला हुआ था। इन अधिकारियों की तुलना केवल तानाशाहों के अधिकारों से ही की जा सकती है।
साथ ही वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा 1773 ईस्वी में स्थापित दोहरे शासन की काली छाया भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था पर आज भी मौजूद है। दोहरे शासन का अर्थ होता है, जिम्मेदारी किसी अन्य की एवं अधिकार किसी और के पास। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अधिकारों का पूर्ण उपयोग करते हैं। शिथिलता या लापरवाही बरती जाती है तो इसकी जिम्मेदारी उस विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों की होती है।
दोहरा शासन संपूर्ण विश्व में शासन का सबसे घटिया स्वरूप माना गया है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक अधिकारी बिना जिम्मेदारी के अधिकारों का पूर्ण निर्बाध रूप से उपयोग करते हैं। वर्तमान भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की विडंबनापूर्ण स्थिति यही है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अन्य सरकारी महकमों में भी पूर्ण हस्तक्षेप करते हैं, नियंत्रित करने का पूर्ण प्रयास करते हैं एवं असीमित अधिकारों की स्थिति का पूर्ण आनंत उठाते हैं, परंतु उन सरकारी विभागों के कार्य परिणामों एवं कार्यप्रणाली की लेशमात्र जिम्मेदारी भी वहन नहीं करते।
इन सबका अंतत: परिणाम यह होता है कि उन्य सरकारी विभागों के अधिकारी अपने आपको दोयम दर्जे का अधिकारी समझने लग जाते हैं, उनका मनोबल गिर जाता है एवं स्वतंत्र रूप से सोचने, विचार करने व निर्णय लेने की क्षमता में धीरे-धीरे कमी आने लग जाती है। कुछ ही वर्षों में इन अधिकारियों की मौलिक सोच पूर्णतया खत्म हो जाती है और इसका मुख्य कार्य रह जाता है, प्रशासनिक अधिकारियों की चापलूसी करना व उनके द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करना। धीरे-धीरे सरकारी महकमों का संस्थागत ढांचा कमजोर होता चला गया एवं इन सब परिस्थितियों का परिणाम आज हम सबके सामने मौजूद है। केंद्रीय सरकार या राज्य सरकारें ही इस संबंध में साहसिक कदम उठाने में समर्थ हैं, परंतु दुर्भाग्य यह है कि प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्री भी चारों तरफ से भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अधिकारियों से ही घिरे हुए रहते हैं। ऐसे हालात में निकट भविष्य में साहसपूर्ण सकारात्मक परिवर्तन होने की संभावना दूर-दूर तक दृष्टिगत नहीं होती। वैसे ही वर्तमान में बड़े राजनीतिज्ञ एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एक-दूसरे के हितों को पूरा करने के काल्याणकारी कार्य में निरंतर व्यस्त हरते हैं एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को इस बात पर पूरा यकीन होता है कि वे जो कुछ कहते हैं, वह सही है एवं जो कुछ वे कहते हैं या करते हैं, उसके बार में अन्य व्यक्ति कुछ भी सोचे, उनको उसे सही मानना ही होगा, क्योंकि ताकत और सत्ता उन्हीं के पास है।
(रिटायर्ड आईपीएस हरिप्रसाद शर्मा की पुस्तक से हू-ब-हू। नौकरी में रहने के दौरान जो उन्होंने महसूस किया, उसे अपने विचारों के साथ दर्ज किया है)
@IASassociation@8PMnoCM
@Lap_surgeon महोदय IPS पत्नी IAS फिर भी संघर्ष की हूक नहीं लोग अपाहिज होते है गरीब होते है CP (cerebral Palsy के मरीज होते है वो आत्महत्या नहीं करते जीवन से समाज से लड़ते है
@Lap_surgeon बैरवा जी है कोई ऐसा जिसके जीवन में संघर्ष,कष्ट,दुख,पीड़ा ना हो सबके अपने संघर्ष है,उनको जातियों के बंधन में बाँटोगे तो कुछ नहीं होगा?जाति जातियों के अन्दर भी अपने तरीके के संघर्ष होंगे पर संघर्षों से लड़ने के बजाय जीवन त्याग देना कायरता है ।
Rating of the best movies of all time:
1. The Godfather (1972)
2. The Shawshank Redemption (1994)
3. Schindler's List (1993)
4. Raging Bull (1980)
5. Casablanca (1942)
6. Citizen Kane (1941)
7. Gone with the Wind (1939)
8. The Wizard of Oz (1939)
9. One Flew Over the Cuckoo's Nest (1975)
10. Lawrence of Arabia (1962)
11. Pulp Fiction (1994)
12. The Good, the Bad and the Ugly (1966)
13. Fight Club (1999)
14. Forrest Gump (1994)
15. The Matrix (1999)
16. Goodfellas (1990)
17. Star Wars: Episode V - The Empire Strikes Back (1980)
18. The Lord of the Rings: The Return of the King (2003)
19. Inception (2010)
20. Apocalypse Now (1979)
21. 12 Angry Men (1957)
22. Psycho (1960)
23. The Lord of the Rings: The Fellowship of the Ring (2001)
24. Back to the Future (1985)
25. The Dark Knight (2008)
26. The Lord of the Rings: The Two Towers (2002)
27. It's a Wonderful Life (1946)
28. Raiders of the Lost Ark (1981)
29. Gladiator (2000)
30. The Silence of the Lambs (1991)
31. Saving Private Ryan (1998)
32. Terminator 2: Judgment Day (1991)
33. The Lion King (1994)
34. Se7en (1995)
35. Jaws (1975)
36. Django Unchained (2012)
37. The Shining (1980)
38. The Green Mile (1999)
39. American History X (1998)
40. The Departed (2006)
41. Braveheart (1995)
42. Whiplash (2014)
43. Interstellar (2014)
44. The Prestige (2006)
45. Titanic (1997)
46. The Pianist (2002)
47. The Usual Suspects (1995)
48. A Beautiful Mind (2001)
49. Memento (2000)
50. The Great Dictator (1940)
Sources:
1. IMDb Top 250
2. Rotten Tomatoes Best Movies List
3. American Film Institute (AFI) Top 100 Movies List
Nvidia CEO: Greatness does not come out of intelligence, it comes from character.
Character is not formed out of smart people: it is formed out of people who have suffered.
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Multiple delivery failure means you are not doing your work like professional .One day you will back from India like many other American companies
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I have booked three books on 3 August 2025 and still not get the package
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