लखीमपुर-खीरी किसान नरसंहार की घटना पर आज श्री राहुल गांधी जी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ माननीय राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी से मिलकर न्याय की आवाज उठाई।
माफी मांगने के बाद सावरकर जीवन भर अंग्रेजों के साथ रहे और अंग्रेजों के "फूट डालो-राज करो" के एजेंडा को आगे बढ़ाते रहे।
हिंदुस्तान-पाकिस्तान दो राष्ट्र की मांग सबसे पहले सावरकर ने रखी।
अपने तो अपने होते हैं, अपनों को अपनों की फिक्र रहती है।
आज सात समंदर पार अमेरिका में निवास कर रहे छत्तीसगढ़ियों के प्रतिनिधियों से बात हुई।
वे छत्तीसगढ़ कोरोना प्रबंधन में भागीदारी निभाते हुए वेंटिलेटर का प्रबंध करना चाहते हैं। उनकी हर सहायता का स्वागत है।
स��्वे भवन्तु सुखिनः
सरकार ने अब तक 68,000 हजार करोड़ भगौड़े माल्या, ललित व नीरव मोदी, चौकसी का कर्जा माफ कर दिया, लेकिन देशवासियों की वैक्सीन के लिए 35000 करोड़ रुपए नहीं हैं।
आज देशवासियों को श्मशान के दरवाजे पर लाइन लगाने को मजबूर करने में भाजपा की नीति और नीयत द��नो जिम्मेदार है।
घर पर क्वॉरंटीन हूँ और लगातार दुखद समाचार आ रहे हैं।
भारत में संकट सिर्फ़ कोरोना नहीं, केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियाँ हैं।
झूठे उत्सव व खोखले भाषण नहीं, देश को समाधान दो!
हम सब आपके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं राहुल जी।
इस संकट के समय में देश को आपके मार्गदर्शन की आवश्यकता है। आप जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटें।
देश अपने जननेता का इंतजार कर रहा है।
ना कोरोना पे क़ाबू,
ना पर्याप्त वैक्सीन,
ना रोज़गार,
ना किसान-मज़दूर की सुनवाई,
ना MSME सुरक्षित,
ना मध्यवर्ग संतुष्ट...
आम खाना ठीक था, आम जन को तो छोड़ देते!
@MohanMarkamPCC बेहद दुःखद, ईश्वर से प्र��र्थना करते हैं उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें ऊं शांति ।
यह कार्टून देखकर मन व्यथित हुआ। बहुत मेहनत करके हमने सामाजिक कुरीतियों को पीछे छोड़कर एक कदम समानता की तरफ बढ़ाया है। आज नफरत की राजनीति फ़िर से इस जहरीले सांप को अपने फ़न फैलाने में मदद कर रही है।
हम अम्बेडकर, गांधी, नेहरू के सिपाही ऐसे मंसूबों को कभी कामयाब नहीं ��ोने देंगे।
छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र, राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा डॉ खूबचंद बघेल जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन।
डॉ. बघेल ने पहली बार छत्तीसगढ़ राज्य ��िर्माण का सपना देखा था और वे हमेशा आदिवासी किसान आंदोलनों में अग्रणी पंक्ति में सदैव खड़े रहे।
असम के बोको में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ प्रशिक्षण शिविर आज आमसभा में तब्दील हो गया।
एक एक कार्यकर्ता ने असम बचाने और विभाजनकारी भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के संकल्प को और दृढ़ किया।
बसंत पंचमी के अवसर पर मेरी दादी इंदिरा जी स्कूल जाने से पहले हम दोनों की जेब में पीला रूमाल डाल देती थीं। आज भी उनकी परम्परा निभाते हुए मेरी माँ सरसों के फूल मंगाकर घर में बसंत पंचमी के दिन सजाती हैं।
ज्ञान की देवी माँ सरस्वती सबका कल्याण करें। आप सबको बसंत पंचमी की शुभकामनाएँ