कल जहाँ तिरंगा फहराना संघर्ष था, आज वहीं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पूरे जोश और गौरव के साथ तिरंगा लहराया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं जम्मू-कश्मीर प्रांत के कार्यकर्ताओं द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर श्रीनगर के लाल चौक में भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ तिरंगा फहराया गया।
“कश्मीर हो या हो गुवाहाटी - अपना देश अपनी माटी”
#ABVP #TirangaYatra #VandeMataram
Congratulations, Jharkhand! 🇮🇳
A significant step forward for the students of Jharkhand and a testament to the power of a united, democratic student movement.
ABVP congratulates every student whose courage, collective voice and determination brought this issue to the forefront.
Now, the next step must be clear: Chief Minister Hemant Soren must meet the protesting students and hear their concerns directly. The demand for a CBI enquiry must also be accepted to ensure a fair, transparent and credible investigation.
The students deserve answers. Their rights, dignity and future cannot be compromised.
Students’ Power. Nation’s Power.
Shocked? Not at all.
Now we know why Naxalism prospered during P. Chidambaram’s tenure as Home Minister and under the UPA government.
Now we know why around 1913 policemen and CRPF jawans were killed fighting Naxalism during 2004–14.
Now we know why more than 5,019 Indians lost their lives to Naxal attacks under UPA rule.
Now we know why, as Home Minister, 92% of Naxal weapons were looted from police armouries on his watch.
Now we know why 182 districts remained hostage to Naxal violence in 2013.
UPA’s internal security record speaks for itself.
अपने आप को चर्चा के केंद्र में लाना हो तो किसी बड़े व्यक्तित्व के बारे में झूठ कह दो कि मुझे उन्होंने धमकी दी। परन्तु झूठ बोलने से एक बार तो लोगों को गुमराह किया जा सकता है बार-बार नहीं।
History has been made! 🇮🇳🏆
Heartiest congratulations to Anahat Singh on becoming the first Indian ever to win the World Squash Junior Championship.
Your remarkable achievement is a proud moment for the nation and an inspiration for every young player to dream big and achieve the impossible.
One thing is clear: the Delhi protesters want to plunge India into chaos, and stop the nation's progress. We must defeat this malicious agenda, which is aided and abetted by powers that want to destroy India.
We have a vibrant democracy and elections are the proper way to express our collective judgment.
अनुकूल समय में चारों ओर से वाह - वाह मिलने से किसी का भी मन विचलित हो सकता है। किसी बड़े लक्ष्य के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं के लिए यह समय सबसे कठिन होता है। ऐसे समय में अगर व्यक्ति अंहकार में न आकर लक्ष्य प्राप्ति हेतु साधना में लीन रहे तभी लक्ष्य प्राप्ति संभव है ।
नींव के पत्थर बनकर जिन्होंने कठिन तप कर आदर्श जीवन जीकर विचार के अनुरूप संगठन को मजबूत आधार दिया , आज की पीढ़ी को उनके द्वारा स्थापित शाश्वत जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेकर कार्यपद्धति के अनुरूप कार्य करने से ही समाज में लक्षित परिवर्तन हो सकता है ।
जब विद्यार्थी अपनी रुचि और हुनर के अनुसार विद्यार्थी परिषद के आयाम, कार्य या गतिविधि से जुड़ता है, तो उसका हर कार्य स्वतः ही 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प में बदल जाता है।
—डॉ. राकेश शर्मा
प्रदेश अध्यक्ष, अभाविप हि.प्र.
प्रेस विज्ञप्ति :
https://t.co/OFUN9efzs7
नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक प्रकरण की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा हो निष्पक्ष जांच: अभाविप
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़ी सामने आ रही कथित अनियमितताओं, पेपर लीक एवं परीक्षा की गोपनीयता एवं विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे गंभीर प्रश्नों पर गहन चिंता व्यक्त करती है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, एनटीए एवं जांच एजेंसियों द्वारा सामने लाई जा रही जानकारी ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के मन में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर गहरी चिंता उत्पन्न की है।
अभाविप का स्पष्ट मत है कि प्रवेश परीक्षाओं की सुचिता एवं विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। यदि परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र अथवा उससे जुड़े प्रश्न कुछ लोगों तक पहुंचे हैं, तो यह केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात नहीं बल्कि वर्षभर मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
अभाविप केंद्र सरकार से मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए तथा इसमें संलिप्त पाए जाने वाले दोषियों, परीक्षा-माफियाओं एवं किसी भी स्तर पर सहयोग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही जांच पूर्ण होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) पूरे प्रकरण में पारदर्शिता बनाए रखते हुए विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के समक्ष तथ्य स्पष्ट करे।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा,“देश के लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी परीक्षाओं में सम्मिलित होते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की अनियमितता उनके मनोबल एवं भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसलिए आवश्यक है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए। अभाविप लगातार यह मांग करती रही है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं जवाबदेही की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अभाविप सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को यह आश्वस्त करती है कि विद्यार्थियों के हित, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था एवं न्याय सुनिश्चित करने हेतु विद्यार्थी परिषद निरंतर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।”
प्रजातन्त्र एक तरह से ऐसा उल्टा पेड़ है जिसकी जड़ें ऊपर और टहनियां नीचे की ओर होती है।शीर्ष नेतृत्व अगर ईमानदार,न्यायप्रिय और तपस्वी है ,कथनी और करनी में अंतर नहीं है तो आम जनता नेतृत्वकर्ता के हर आहवान को स्वीकार करती है।
हर पुरानी पीढ़ी को लगता है कि नई पीढ़ी में वह संस्कार नहीं जो उनमें हैं, नई पीढ़ी को लगता है ये पुरातनपंथी हैं, रूढ़िवादी हैं।अनुभव और नयापन दोनों के लालमेल से ही समाज आगे बढ़ सकता है।
दुर्भाग्यवश, महिलाओं को आरक्षण प्रदान करने वाला विधेयक कुछ विचारधाराओं की संकीर्ण राजनीति के कारण पारित नहीं हो सका। यह देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली मातृशक्ति का एक बड़ा अपमान है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश द्वारा आयोजित “प्रदेश पदाधिकारी” बैठक बिलासपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिसमें आगामी कार्यक्रमों की रूप रेखा बनाई गई।
राक्षस प्रवृति के षड्यंतकारी तत्व अनेक रूप धारण करके पहले समाज में अपनी पैंठ/छवि बनाते हैं फिर अपने घृणित उद्देश्य की पूर्ति हेतु समाज को गुमराह करते हैं । ऐसे तत्वों से दूर रहने की ज़रूरत होती है वरना ये समाज को खंडित करने में सफल हो जाते हैं । “जागरूक समाज-सुरक्षित राष्ट्र”