माननीय @brajeshpathakup जी का धरना स्थल पर आकर बॉन्ड डॉक्टरों से मिलने और समान वेतन के मुद्दे को कल 3 सितंबर दोपहर 2 बजे तक हल करने के आश्वासन के लिए हृदय से धन्यवाद।
हमें आपके सकारात्मक निर्णय और न्याय की पूरी उम्मीद है।
@myogiadityanath#onebondonesalary
"आपकी सेवा के लिए हर क्षण, हर परिस्थिति में तत्पर हूं"
आज लखनऊ के हजरतगंज स्थित अटल चौक पर भीषण बारिश में "अनुबंधित चिकित्सकों” से भेंटकर उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना एवं सभी अनुबंधित चिकित्सकों को समान वेतन दिए जाने की घोषणा करते हुए उन्हें पूर्ण रूप से आश्वस्त किया।
@BJP4India@BJP4UP
Fresh MBBS graduates in UP are being forced into 2 years of service but some are paid ₹1 lakh while others get just ₹50K, even less than primary teachers.
Same bond. Same service. Why not same salary?
Just ₹8 crore can fix this injustice.
@Baliyan_x ji, please look into this. If genuine, let’s help these young doctors. 🙏🏻
@myogiadityanath@brajeshpathakup
यह है उत्तर प्रदेश की हालत।
उत्तर प्रदेश में युवा और बॉन्डेड डॉक्टर वेतन विसंगति (Pay Disparity) को लेकर विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे हैं।
ढंग से सैलरी भी नहीं दे पा रही है योगी सरकार।
लेकिन अच्छी सैलरी देंगे भी कैसे...
सारा रुपया तो तुष्टिकरण की योजनाओं में चला जाता है।
माननीय
@myogiadityanath@myogioffice
जी ,आपने प्रदेश में सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज खुलवा दिए
फिर पास होने वाले बच्चों को 2 साल नौकरी करना अनिवार्य कर दिया
इनसे जबरदस्ती नौकरी करवाने के बाद आप इन्हें ₹50000 तनख्वाह दे रहे हो जिससे ज्यादा प्रायमरी का टीचर पाते हैं
ये लड़के मिलने जाते है तो आप मिलते तक नहीं हो
आखिर इतना घमंड क्यों की बच्चे आप से मिलने आते है और पुलिस उन्हें भगा देती है आप मिलते तक नहीं
आखिर क्या आपने अपने 7 साल के राज्य में
@CMOfficeUP@UPGovt को कंगाल कर दिया है
जो स्वास्थ्य मंत्री
@brajeshpathakup
अपने प्रदेश के होनहार बच्चों को चपरासी जैसा वेतन दे रहे
इन 3000 बच्चों को 1 लाख देने पर 15 करोड़ ही खर्च आएगा
तो क्या यूपी सरकार आपके कार्यकाल में दिवालिया हो गई है
इतना अन्याय अपने ही बच्चों से करना था तो इतने मेडिकल कॉलेज क्यों खोले?
और उनसे जबरदस्ती सर्विस क्यों करवा रहे हो ?
बच्चों को सुनिए
शर्म करिए और इन्हें इनकी पढ़ाई के अनुसार 1 लाख वेतन दीजिए
जैसे NHM इन्हीं जगहों पर 1 लाख दे रहा है
यूपी चुनाव के जस्ट पहले ये संदेश क्यों की यूपी सरकार दिवालिया हो चुकी है
👉 Adv. Neetu Singh Ji
Another day another violence against doctors. When is this going to change? Will this ever stop? We demand for safe and respectful workspace.We the doctors of @GmcOrai are appealing to the authorities to provide us safe workspace
@FordaIndia@MedicosUnite@RDA_UP@IMAIndiaOrg
पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार के समय कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन और सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा विशेष घटक के तहत 70% बजट उपलब्ध कराया गया था।
उस समय यह स्पष्ट भी किया गया था कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण जिस मद में किया जा रहा है, उसका ध्यान रखते हुए अनुसूचित जाति वर्ग को विशेष आरक्षण का प्रावधान भी किया जाएगा और उसी हिसाब से एमबीबीएस सीटों का आवंटन भी होगा।
लेकिन अब माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने इस विशेष आरक्षण व्यवस्था को NEET-2025 से रद्द कर दिया है।
यह सिर्फ एक फैसला नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। यह हमारे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि यह लड़ाई केवल 340 सीटों की नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और संविधान की आत्मा की रक्षा की लड़ाई है। इस अन्यायपूर्ण निर्णय को हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
मुझे पत्र, फोन और अन्य माध्यमों से छात्रों व अभिभावकों के अनेक संदेश प्राप्त हुए हैं। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूँ कि इस संघर्ष में मैं पूरी तरह उनके साथ खड़ा हूँ।
हम माननीय उच्च न्यायालय की एकल बेंच के इस फैसले को हाईकोर्ट की उच्च बेंच में और आवश्यकता पड़ी तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय तक चुनौती देंगे।
याद रहे अगर फिर भी न्याय नहीं मिला तो मैं दिल्ली से लखनऊ तक पैदल यात्रा करूंगा।
यह यात्रा सिर्फ मेरे कदमों की नहीं होगी, बल्कि करोड़ों वंचितों की आवाज़ बनेगी।
#SocialJustice #Reservation #Bahujan
पूर्ववर्ती यूपी सरकार ने विशेष ग्रांट कॉम्पोनेंट के तहत उत्तर प्रदेश के 44 सरकारी/ऑटोनॉमस मेडिकल कॉलेजों में से सिर्फ 4 मेडिकल कॉलेजों - कन्नौज, अंबेडकर नगर, जालौन, और सहारनपुर की कुल 340 सीटों पर एक आरक्षण फॉर्मूला लागू किया था। ताकि हाशिए पर पड़े समाज के बच्चे भी डॉक्टर बनकर समाज में बराबरी का स्थान हासिल कर सकें।
लेकिन अब माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंड़पीठ ने मेडिकल कॉलेजों की इस विशेष आरक्षण व्यवस्था को रद्द करके सीधे-सीधे अनुसूचित जाति के अधिकारों पर हमला कर दिया है।
यह विशेष आरक्षण व्यवस्था इसलिए बनाई गई थी ताकि दशकों से शिक्षा से वंचित समाज को मेडिकल की पढ़ाई में बराबरी का मौका मिल सके। लेकिन कोर्ट ने संविधान की आत्मा, सामाजिक न्याय को नज़रअंदाज़ कर दिया।
याद रखिए, आरक्षण कोई भीख नहीं, यह ऐतिहासिक अन्याय का मुआवज़ा है। अगर समाज के सबसे वंचित तबके को ही मेडिकल कॉलेजों से बाहर कर दोगे, तो डॉक्टर बनने का सपना कौन पूरा करेगा? क्या सिर्फ़ अमीर और सवर्ण वर्ग के लिए शिक्षा का दरवाज़ा खुला रहेगा?
हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यह लड़ाई केवल एक परीक्षा या कॉलेज की सीट के लिए नहीं है, बल्कि समानता, न्याय और आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। इस निर्णय के चलते हमारे विद्यार्थियों को उनके हक से वंचित करना अन्यायपूर्ण है। हम इसे सहन नहीं करेंगे।
हम इसे अदालत तक सीमित नहीं रहने देंगे। एकल पीठ के इस फैसले को उच्च न्यायालय की डबल बेंच और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती देंगे, ताकि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षणिक अधिकार और न्याय सुनिश्चित हो सके।
आजाद समाज पार्टी @CMOfficeUP से मांग करती है कि अगर वह सच मे अनुसूचित जाति के हितैषी हैं तो इस फैसले के खिलाफ तुरंत सुप्रीम कोर्ट में अपील करे और मेडिकल शिक्षा में वंचित समाज का हिस्सा सुरक्षित रखे। यही बाबा साहेब अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अगर उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रकरण मे लापरवाही करती है तो अनुसूचित जाति समाज को भी इनका असली चेहरा नजर आ जायेगा।
#SocialJustice #Reservation #Bahujan